फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lanka appoints committee to review Adani wind power projects in Mannar, Pooneryn

Sri Lanka: श्रीलंका ने अदाणी पवन ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा के लिए नियुक्त की समिति; जानें क्या है समझौता

Sat, 25 Jan 2025 10:16 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 25 Jan 2025 10:16 PM IST
विज्ञापन
Sri Lanka appoints committee to review Adani wind power projects in Mannar, Pooneryn
अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका के राष्ट्रपति - फोटो : ANI
श्रीलंका सरकार ने शनिवार को कहा कि उसने अदाणी ग्रीन एनर्जी की मन्नार और पूनरीयन जिलों में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा के लिए एक समिति नियुक्त की है। इसके साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय कंपनी को दी गई इन परियोजनाओं को रद्द करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकारी प्रवक्ता नलिंडा जयथिसा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने 2023 में पिछली प्रशासन की तरफ से तय की गई बिजली खरीद दरों पर आधारित समझौता करने से मना कर दिया। 
विज्ञापन


'परियोजनाओं को रद्द करने का कोई फैसला नहीं'
उन्होंने कहा, 'मन्नार और पूनरीयन परियोजनाओं को रद्द करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है, बल्कि इनकी समीक्षा के लिए एक समिति नियुक्त की गई है। समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है, और समीक्षा पूरी होने के बाद हम यह तय करेंगे कि इसमें क्या बदलाव करने की आवश्यकता है'। 
विज्ञापन


पिछली सरकार में 20 साल का बिजली खरीद समझौता
पिछली सरकार के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले साल मई में 484 मेगावाट की अदानी पवन परियोजनाओं के लिए 20 साल का बिजली खरीद समझौता किया था, जिसमें प्रति यूनिट 0.826 अमेरिकी डॉलर की दर निर्धारित की गई थी। इस निर्णय की आलोचना हुई थी क्योंकि स्थानीय निविदाकर्ताओं ने कम दरों की पेशकश की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हम प्रस्तावित कीमतों से सहमत नहीं हैं- जयथिसा
सरकारी प्रवक्ता नलिंडा जयथिसा ने कहा, 'हम प्रस्तावित कीमतों से सहमत नहीं हैं। इसलिए, पिछली मूल्य निर्धारण संधि को रद्द कर दिया गया और समिति को परियोजना और इसके मूल्य निर्धारण ढांचे की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया'। उन्होंने यह भी बताया कि अदाणी समझौते के खिलाफ पांच अदालतों में मामले लंबित हैं, जो मुख्य रूप से पर्यावरण संगठनों की तरफ से दायर किए गए हैं। पर्यावरणीय एनजीओ ने याचिकाएं दायर की थीं, जिसमें कहा गया था कि ये परियोजनाएं जैव विविधता के लिए खतरा हैं और प्रवासी पक्षियों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed