{"_id":"68a9fdc14d5f9927a20cc384","slug":"sri-lankan-ex-president-wickremesinghe-shifted-to-icu-after-remand-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sri Lanka: पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ICU में भर्ती, एक दिन पहले भ्रष्टाचार मामले में हुए थे गिरफ्तार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Sri Lanka: पूर्व राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ICU में भर्ती, एक दिन पहले भ्रष्टाचार मामले में हुए थे गिरफ्तार
Sat, 23 Aug 2025 11:13 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:13 PM IST
सार
Sri Lanka: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को शनिवार को कोलंबो के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गाय। एक दिन पहले सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। विक्रमसिंघे पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी खर्चे पर पत्नी के निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंग्लैंड की यात्रा की थी।
विज्ञापन
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे (फाइल)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को शनिवार को कोलंबो के राष्ट्रीय अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। एक दिन पहले उन्हें सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
76 साल के विक्रमसिंघे को शुक्रवार देर रात कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें मैगजीन रिमांड जेल ले जाया गया था। जेल प्रवक्ता जगथ वीरसिंघे ने बताया कि जेल ले जाने के बाद उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती किया गया, क्योंकि उनकी शुगर और ब्लड प्रेशर की स्थिति सामान्य नहीं थी।
दोपहर तक उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद जेल के डॉक्टरों ने उन्हें कोलंबो राष्ट्रीय अस्पताल भेजने की सलाह दी। अस्पताल के निदेशक डॉ. रुकशन बेल्लाना ने बताया कि पहले उन्हें आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
विज्ञापन
पूर्व राष्ट्रपति को शुक्रवार को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) मुख्यालय में गिरफ्तार किया गया था, जहां उन्हें 1.66 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। वहां से उन्हें कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
ये भी पढ़ें: भारत के बाद यूरोपीय डाक सेवाओं ने भी अमेरिका को शिपिंग पर लगाई रोक, 29 अगस्त से लागू होंगे नए नियम
सीआईडी ने उन पर श्रीलंका दंड संहिता की धारा 386 और 388 के तहत और सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम की धारा 5(1) के तहत आरोप लगाए हैं। इन धाराओं के तहत एक साल से लेकर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। करीब छह घंटे तक चली लंबी सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट निलुपुली लंकापुरा ने फैसला सुनाया कि बचाव पक्ष की ओर से कोई विशेष दलील नहीं दी गई, जिसके आधार पर उन्हें जमानत दी जा सके। इसलिए उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
शनिवार को विक्रमसिंघे से मिलने उनके कई पूर्व सहयोगी और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पहुंचे, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भी शामिल थे। महिंदा राजपक्षे ने मीडिया से बातचीत कहा, उनकी हालत ठीक थी और वह सामान्य लग रहे थे। वह समझते हैं कि रिमांड में जाना राजनीति का हिस्सा होता है। मुख्य विपक्षी नेता और विक्रमसिंघे के प्रतिद्वंद्वी साजिथ प्रेमदासा ने भी कहा, मैंने उनसे मुलाकात की और बातचीत की। वह ठीक थे। जेल अधिकारियों ने बताया कि विक्रमसिंघे को घर का बना खाना खाने की अनुमति भी दी गई थी।
ये भी पढ़ें: इस्राइली हमले में गाजा में 25 लोगों की मौत, भोजन की तलाश कर रहे थे लोग; भुखमरी का संकट बढ़ा
विक्रमसिंघे 2022 से 2024 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे। उन पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी पत्नी प्रोफेसर मैथ्री के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए इंग्लैंड की यात्रा सरकारी खर्चे पर की थी। आरोप है कि वह अमेरिका की आधिकारिक यात्रा से लौटते समय इंग्लैंड गए और वहां अपनी पत्नी के निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस यात्रा का खर्च सरकार द्वारा उठाया गया।
विज्ञापन
76 साल के विक्रमसिंघे को शुक्रवार देर रात कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें मैगजीन रिमांड जेल ले जाया गया था। जेल प्रवक्ता जगथ वीरसिंघे ने बताया कि जेल ले जाने के बाद उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती किया गया, क्योंकि उनकी शुगर और ब्लड प्रेशर की स्थिति सामान्य नहीं थी।
विज्ञापन
दोपहर तक उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद जेल के डॉक्टरों ने उन्हें कोलंबो राष्ट्रीय अस्पताल भेजने की सलाह दी। अस्पताल के निदेशक डॉ. रुकशन बेल्लाना ने बताया कि पहले उन्हें आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में रखा गया था, लेकिन बाद में उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया।
विज्ञापन
पूर्व राष्ट्रपति को शुक्रवार को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) मुख्यालय में गिरफ्तार किया गया था, जहां उन्हें 1.66 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। वहां से उन्हें कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
ये भी पढ़ें: भारत के बाद यूरोपीय डाक सेवाओं ने भी अमेरिका को शिपिंग पर लगाई रोक, 29 अगस्त से लागू होंगे नए नियम
सीआईडी ने उन पर श्रीलंका दंड संहिता की धारा 386 और 388 के तहत और सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम की धारा 5(1) के तहत आरोप लगाए हैं। इन धाराओं के तहत एक साल से लेकर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। करीब छह घंटे तक चली लंबी सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट निलुपुली लंकापुरा ने फैसला सुनाया कि बचाव पक्ष की ओर से कोई विशेष दलील नहीं दी गई, जिसके आधार पर उन्हें जमानत दी जा सके। इसलिए उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
शनिवार को विक्रमसिंघे से मिलने उनके कई पूर्व सहयोगी और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पहुंचे, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भी शामिल थे। महिंदा राजपक्षे ने मीडिया से बातचीत कहा, उनकी हालत ठीक थी और वह सामान्य लग रहे थे। वह समझते हैं कि रिमांड में जाना राजनीति का हिस्सा होता है। मुख्य विपक्षी नेता और विक्रमसिंघे के प्रतिद्वंद्वी साजिथ प्रेमदासा ने भी कहा, मैंने उनसे मुलाकात की और बातचीत की। वह ठीक थे। जेल अधिकारियों ने बताया कि विक्रमसिंघे को घर का बना खाना खाने की अनुमति भी दी गई थी।
ये भी पढ़ें: इस्राइली हमले में गाजा में 25 लोगों की मौत, भोजन की तलाश कर रहे थे लोग; भुखमरी का संकट बढ़ा
विक्रमसिंघे 2022 से 2024 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे। उन पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी पत्नी प्रोफेसर मैथ्री के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए इंग्लैंड की यात्रा सरकारी खर्चे पर की थी। आरोप है कि वह अमेरिका की आधिकारिक यात्रा से लौटते समय इंग्लैंड गए और वहां अपनी पत्नी के निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस यात्रा का खर्च सरकार द्वारा उठाया गया।