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Sri Lanka: ईंधन संकट के बीच भारत की मदद से श्रीलंका को राहत, राष्ट्रपति दिसानायके ने पीएम मोदी का जताया आभार

Sun, 29 Mar 2026 04:11 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो। Published by: Rahul Kumar Updated Sun, 29 Mar 2026 04:11 PM IST
सार

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने रविवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह आभार भारत द्वारा भेजे गए एक महत्वपूर्ण तेल शिपमेंट के लिए जताया। यह तेल शिपमेंट कुल 38,000 मीट्रिक टन ईंधन का था। इस विशाल शिपमेंट में 20,000 मीट्रिक टन डीजल शामिल था।

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Sri Lankan President Dissanayake thanks Indian PM Modi for fuel shipment
श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : पीटीआई

विस्तार

ईधन आपूर्ति की दिक्कत से जूझ रहे श्रीलंका की पुकार पर भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। भारत सरकार के इस सकारात्मक रुख पर श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आभार जताया है।
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दिसानायके ने पीएम मोदी को दिया धन्यवाद
श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बात हुई थी। इस बातचीत में उन्होंने (दिसानायके) मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण श्रीलंका को हो रही फ्यूल सप्लाई में आ रही रुकावटों को बयां किया था।
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उन्होंने लिखा कि भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। शनिवार को कोलंबो में 38,000 एमटी फ्यूल पहुंचा। दिसानायके ने मौजूदा संकट काल में विदेश मंत्री एस जयशंकर के पूर्ण सहयोग का भी जिक्र करते हुए उनका धन्यवाद किया है।
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पूर्व मंत्री और श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) के सांसद नमल राजपक्षे ने भी एक्स पोस्ट के जरिए भारत को शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा की तरह अपना पड़ोसी धर्म पूरी शिद्दत से निभाया। उन्होंने भी एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने एक बार फिर श्रीलंका को 38,000 एमटी पेट्रोलियम की समय पर शिपमेंट के जरिए 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी को बनाए रखा है।

नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी की सच्ची झलक
उन्होंने कहा, भारत हमेशा संकट के समय श्रीलंका के लिए सबसे पहले खड़ा रहा है, जरूरी सप्लाई से लेकर आर्थिक मदद तक, जो उसकी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी की सच्ची झलक है। एक इलाके के तौर पर, यह जरूरी है कि देश इलाके की बेहतरी के लिए स्ट्रेटेजिक पार्टनर के तौर पर मिलकर काम करें।"

इसके साथ ही राजपक्षे ने भारत सरकार के विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क जैसे मॉडल पर विचार करने की सलाह सरकार को दी। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि भारत ने एक्साइज ड्यूटी तुरंत कीमतें कम करने के लिए नहीं, बल्कि मार्केट को स्थिर करने और ग्लोबल तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान कीमतों में और बढ़ोतरी को रोकने के लिए कम की है।

 श्रीलंकाई नेताओं ने जताया आभार

वहीं सांसद और श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) पार्टी के राष्ट्रीय आयोजक और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने श्रीलंकाई सरकार को फ्यूल टैक्स एडजस्टमेंट जैसे मॉडल पर काम करने की सलाह दी। उन्होंने भारत की नीतियों की जमकर सराहना की।

नमल राजपक्षे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने एक बार फिर श्रीलंका को 38,000 टन पेट्रोलियम की समय पर शिपमेंट करके नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी को बनाए रखा है। भारत हमेशा संकट के समय में श्रीलंका के लिए सबसे पहले खड़ा रहा है। जरूरी सप्लाई से लेकर आर्थिक मदद तक, जो उसकी नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी की सच्ची झलक है। एक क्षेत्र के तौर पर यह जरूरी है कि देश क्षेत्र की बेहतरी के लिए रणनीतिक साझेदार के तौर पर मिलकर काम करें।"

उन्होंने श्रीलंकाई सरकार से भारत का मॉडल अपनाने की सलाह दी और कहा कि हम श्रीलंका सरकार से अपील करते हैं कि वह भारत के हालिया फ्यूल टैक्स एडजस्टमेंट जैसे मॉडल पर विचार करे। भारत ने एक्साइज ड्यूटी इसलिए कम नहीं की, ताकि कीमतें तुरंत कम हों, बल्कि मार्केट को स्थिर करने और ग्लोबल तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के दौरान और बढ़ोतरी को रोकने के लिए ऐसा किया।

नमल राजपक्षे ने कहा, "जैसे-जैसे श्रीलंका आगे बढ़ेगा, सरकार को अपनी आर्थिक नीतियों को भी मजबूत करना होगा। हालांकि फिस्कल डिसिप्लिन जरूरी है, लेकिन भारत के ज्यादा ग्रोथ-ओरिएंटेड अप्रोच में देखा गया ज्यादा टैक्स बोझ कम करने से निवेश को बढ़ावा देने, नागरिकों पर दबाव कम करने और लंबे समय की रिकवरी में मदद मिल सकती है।"

भारत ने यह पहली बार आगे आकर श्रीलंका की मदद नहीं की है, इससे पहले भी कई बार भारत ने "नेबरहुड फर्स्ट" की नीति को अपनाते हुए अपने पड़ोसी की मदद की है। ऐसे में भारत जैसे एक अच्छे और मददगार पड़ोसी की अहमियत पर जोर देते हुए नमल राजपक्षे ने कहा, "मजबूत साझेदारी बनानी और बचानी चाहिए, उनका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।


इनपुट: आईएएनएस

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