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Victory Parade: रूस की विजय परेड में 80 साल बाद नहीं दिखेंगे टैंक-मिसाइल, क्या यूक्रेन जंग है पीछे की वजह?

पीटीआई, मॉस्को Published by: Riya Dubey Updated Wed, 29 Apr 2026 03:43 PM IST
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सार

रूस 9 मई को होने वाली विजय दिवस परेड इस बार बिना सैन्य उपकरणों के आयोजित करेगा, जो 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होगा। रक्षा मंत्रालय ने मौजूदा परिचालन स्थिति को इसका कारण बताया, हालांकि विस्तार नहीं दिया।

Tanks and missiles will not be seen in Russia's Victory Parade after 80 years, is the Ukraine war the reason
व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति - फोटो : ANI
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विस्तार

रूस इस साल 9 मई को द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की 81वीं वर्षगांठ मनाएगा, लेकिन इस बार परंपरागत सैन्य शक्ति का प्रदर्शन काफी बदला हुआ नजर आएगा। रूसी रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि राजधानी मॉस्को के रेड स्क्वायर में होने वाली विक्ट्री डे परेड में इस बार सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं होगा।

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2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमले की शुरुआत के बाद यह पहला मौका होगा, जब परेड में टैंक, मिसाइल सिस्टम और अन्य भारी सैन्य वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे। आमतौर पर यह परेड रूस की सैन्य ताकत के बड़े प्रदर्शन के रूप में जानी जाती है।

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परिचालन कारणों का दिया गया हवाला

रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान परिचालन स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इसके पीछे के कारणों को विस्तार से स्पष्ट नहीं किया गया। परेड में इस बार विभिन्न सैन्य शैक्षणिक संस्थानों के कैडेट और सेना की कुछ शाखाओं के जवान शामिल होंगे, जबकि परंपरागत हवाई फ्लाईओवर जारी रहेगा।

क्यों खास है विजय दिवस?

विजय दिवस रूस का सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उत्सव माना जाता है। विश्व युद्ध द्वितीय में नाजी जर्मनी पर जीत को रूस ग्रेट पैट्रियॉटिक वॉर के रूप में याद करता है। इस युद्ध में सोवियत संघ के करीब 2.7 करोड़ लोगों की मौत हुई थी, जिसने देश की सामूहिक स्मृति पर गहरा असर छोड़ा है।


राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने लंबे शासनकाल में विजय दिवस को राष्ट्रीय गौरव और शक्ति प्रदर्शन का प्रमुख प्रतीक बना दिया है। साथ ही, वे इस ऐतिहासिक जीत के संदर्भ का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध को सही ठहराने के लिए भी करते रहे हैं।

पिछले साल की परेड काफी भव्य रही थी, जिसमें 11,500 से अधिक सैनिकों और 180 से ज्यादा सैन्य वाहनों ने हिस्सा लिया था। इसमें इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल यार्स, टैंक और यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल हो रहे हथियार भी प्रदर्शित किए गए थे। उस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंगऔर ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वाजैसे कई वैश्विक नेता भी मौजूद थे। हालांकि 2023 में परेड को पहले ही छोटा कर दिया गया था, जिसमें कम सैनिक और सैन्य उपकरण दिखाए गए थे और हवाई प्रदर्शन भी नहीं हुआ था।

इस बार सैन्य उपकरणों की गैरमौजूदगी को विशेषज्ञ यूक्रेन युद्ध के चलते सुरक्षा चिंताओं और संसाधनों के दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि रूस अपने सबसे अहम राष्ट्रीय समारोह को भी मौजूदा हालात के अनुसार ढाल रहा है।



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