सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   World ›   US defence Secretary may face sharp questions in Parliament over the Iran war and the defense budget

US: ईरान युद्ध और रक्षा बजट पर घिर सकते हैं अमेरिकी रक्षा मंत्री, संसद में तीखे सवालों का करेंगे सामना

पीटीआई, वाशिंगटन Published by: Riya Dubey Updated Wed, 29 Apr 2026 11:43 AM IST
विज्ञापन
सार

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ईरान युद्ध और बढ़ते रक्षा बजट को लेकर संसद में कड़े सवालों का सामना करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर आरोप है कि उसने बिना कांग्रेस की मंजूरी के युद्ध शुरू किया, जिससे लागत, सैन्य तैयारियों और नागरिक हताहतों पर विवाद बढ़ा है।

US defence Secretary may face sharp questions in Parliament over the Iran war and the defense budget
पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को संसद में पहली बार कड़े सवालों का सामना करेंगे। यह सुनवाई ऐसे समय हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध को लेकर विवाद गहराया हुआ है। डेमोक्रेट्स इस युद्ध को बिना कांग्रेस की मंजूरी का महंगा और अनावश्यक संघर्ष बता रहे हैं।

Trending Videos

रक्षा बजट पर होगी चर्चा

हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने होने वाली इस सुनवाई में 2027 के रक्षा बजट प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इस प्रस्ताव में रक्षा खर्च को बढ़ाकर ऐतिहासिक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की बात कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन आधुनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देंगे। इसमें खास तौर पर ड्रोन, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और युद्धपोतों की संख्या बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

डेमोक्रेट सांसद ईरान युद्ध से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए तैयार हैं

वहीं, डेमोक्रेट सांसद इस मौके पर ईरान युद्ध की बढ़ती लागत, अमेरिकी हथियारों के तेजी से खत्म हो रहे भंडार और एक स्कूल पर हुई बमबारी में बच्चों की मौत जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सेना की तैयारी पर भी सवाल उठ सकते हैं, खासकर तब जब ईरानी ड्रोन हमलों में कुछ ड्रोन अमेरिकी रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रहे और अमेरिकी सैनिक हताहत हुए।


हालांकि फिलहाल युद्धविराम लागू है, लेकिन अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को बिना कांग्रेस की मंजूरी के इस युद्ध की शुरुआत की थी। डेमोक्रेट्स ने कई बार वॉर पावर रेजोल्यूशन लाने की कोशिश की, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप को आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी पड़े, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए।

रिपब्लिकन सांसद को ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा

रिपब्लिकन सांसद फिलहाल ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा के खतरे को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी। हालांकि पार्टी के भीतर भी यह चिंता बढ़ रही है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

क्या हैं हालात?

इस बीच, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है और ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका असर अमेरिकी घरेलू राजनीति पर भी पड़ रहा है, खासकर आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरानी शिपिंग पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है और पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। 20 साल में पहली बार इस क्षेत्र में तीन विमानवाहक पोत तैनात किए गए हैं।

स्थिति फिलहाल गतिरोध में बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन ईरान के उस प्रस्ताव को मानने के पक्ष में नहीं दिख रहा, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बदले युद्ध खत्म करने, समुद्री नाकेबंदी हटाने और परमाणु वार्ता टालने की बात कही गई है।

युद्ध को लेकर हेगसेथ का रवैया

हेगसेथ अब तक इस युद्ध पर सांसदों के सीधे सवालों से बचते रहे हैं। हालांकि उन्होंने और जनरल केन ने पेंटागन की प्रेस ब्रीफिंग्स में हिस्सा लिया है। हेगसेथ ने अधिकतर सवाल रूढ़िवादी पत्रकारों से ही लिए और कई बार बाइबिल के हवाले देकर मुख्यधारा मीडिया की आलोचना भी की।

पेंटागन के प्रबंधन को लेकर उठ सकते हैं सवाल

बुधवार और गुरुवार को होने वाली सुनवाई में माहौल अलग होने की संभावना है, क्योंकि यहां सांसद उनसे सीधे जवाब मांगेंगे। सवाल सिर्फ बजट और युद्ध तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हाल ही में शीर्ष सैन्य अधिकारियों को हटाने के फैसलों पर भी चर्चा होगी। हाल ही में नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन के पद छोड़ने के अलावा, हेगसेथ ने आर्मी के शीर्ष अधिकारी रैंडी जॉर्ज समेत कई वरिष्ठ जनरलों, एडमिरलों और रक्षा अधिकारियों को पद से हटा दिया है।

नॉर्थ कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें बताइए क्यों? ये बेहद महत्वपूर्ण पद हैं, खासकर जब हम ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति में हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पेंटागन के प्रबंधन को लेकर अब उन्हें अपने समर्थन पर दोबारा विचार करना पड़ रहा है।

वहीं, जॉर्जिया के रिपब्लिकन सांसद ऑस्टिन स्कॉट ने भी जनरल जॉर्ज को हटाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनरल जॉर्ज को हटाना अमेरिकी सेना के साथ बड़ा अन्याय है और यह एक लापरवाह फैसला है। कुल मिलाकर, यह सुनवाई न केवल अमेरिका के रक्षा बजट बल्कि ईरान युद्ध, सैन्य रणनीति और पेंटागन के नेतृत्व पर भी बड़ा राजनीतिक परीक्षण साबित हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed