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West Asia: ईरान ने अमेरिका पर लगाया ‘समुद्री डकैती’ का आरोप; खाड़ी देश भी नाकाबंदी को लेकर तेहरान से नाराज

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: Shubham Kumar Updated Wed, 29 Apr 2026 11:15 AM IST
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सार

पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच यूएन में ईरान के राजदूत ने शिकायत कर कहा कि अमेरिका ईरानी जहाजों को रोककर समुद्री डकैती कर रहा है। दूसरी ओर खाड़ी देशों ने समुद्र में ईरान की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई है। 

Iran at the UN Terms US Ship Seizure Maritime Piracy GCC Rejects Iranian Actions in the Strait of Hormuz
आमिर सईद इरावानी, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत - फोटो : ANI
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विस्तार

पश्चिम एशिया में समुद्री रास्तों और सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के इन मुद्दों पर आमने-सामने आना है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका उसके जहाजों को रोककर समुद्री डकैती जैसा काम कर रहा है। ईरान के यूएन राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका के पास इन कार्रवाइयों का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।

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उनका कहना है कि ऐसे कदम वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय कानून कमजोर होता है। ईरान का दावा है कि उसकी समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाना और जहाजों को जब्त करना गलत और दबाव बनाने की रणनीति है। इसी के साथ ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह तनाव कम करने के लिए बातचीत को तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।
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यूएन में ईरान का प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकी जाती है और अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाते हैं, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियां कम कर सकता है। यह वही अहम समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के बड़े पैमाने पर तेल का व्यापार होता है।

रूसी राष्ट्रपति से भी हुई बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस प्रस्ताव पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की है। वहीं अमेरिका में इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, लेकिन वहां से यह साफ कहा गया है कि ईरान को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं दिया जा सकता।

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होर्मुज में ईरान की गतिविधियों पर जीसीसी ने जताई चिंता

दूसरी ओर खाड़ी देशों के संगठन खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने भी होर्मुज में ईरान की गतिविधियों पर चिंता जताई है। जीसीसी ने कहा है कि समुद्री रास्तों को बंद करना या वहां से गुजरने वाले जहाजों पर रोक लगाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और स्वतंत्र आवाजाही बहाल रहनी चाहिए।

जीसीसी नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए कहा है कि कूटनीतिक रास्ते से ही इस संकट का हल निकालना जरूरी है। साथ ही उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, और क्षेत्र में रणनीतिक ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। कुल मिलाकर, एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री रास्तों को लेकर टकराव बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ खाड़ी देश और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ स्थिति को संभालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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