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होर्मुज स्ट्रेट में थाई कार्गो शिप पर हमला: गुजरात जा रहा था जहाज, ओमान की नौसेना ने 20 क्रू मेंबर को बचाया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 11 Mar 2026 05:19 PM IST
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सार
गुजरात जा रहे थाई जहाज मयूरी नारी पर होर्मुज स्ट्रेट में किसी अनजान चीज से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। ओमान की नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 20 क्रू सदस्यों को बचा लिया है। फिलहाल किसी ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
जहाज पर हुआ हमला
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच आज यानी 11 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़ी घटना हुई। थाईलैंड के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज गुजरात की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक अनजान चीज (प्रोजेक्टाइल) से उस पर हमला हुआ। इस हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई। यह घटना ओमान के उत्तरी तट से लगभग 11 नॉटिकल मील दूर हुई।
जहाज की पहचान 'मयूरी नारी' के रूप में हुई है। थाईलैंड की सरकार ने बताया कि हमले के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। जहाज पर कुल 23 क्रू मेंबर सवार थे। ओमान की नौसेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 20 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, तीन सदस्य अभी भी जहाज पर ही मौजूद हैं। अधिकारियों ने अभी तक उनकी हालत या जहाज को हुए नुकसान के बारे में जानकारी साझा नहीं की है।
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की, इस मुद्दे पर बनी सहमति
रॉयल थाई नेवी और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की जानकारी दी। जांच से पता चला कि यह एक बल्क कैरियर जहाज है। इसका मालिकाना हक प्रेशियस शिपिंग नाम की कंपनी के पास है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन नंबर और जहाज की बनावट से इसकी पहचान पक्की की गई है। हमले के बाद लगी आग पर समय रहते काबू पा लिया गया।
मैरीटाइम ट्रैकिंग सिस्टम के डेटा से पता चला कि यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के भीतर हुआ। यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट में से एक है। दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। 11 मार्च को जहाज की आखिरी लोकेशन ओमान के तट के पास ही रिकॉर्ड की गई थी।
फिलहाल इस हमले की जांच चल रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल हुआ। किसी भी देश या संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ इस घटना को इलाके में चल रहे तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। रॉयल थाई नेवी और सुरक्षा अधिकारी हमले के पीछे के असली कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। अंतरराष्ट्रीय नौसेना अधिकारी भी इस संवेदनशील इलाके की सुरक्षा पर पैनी नजर रख रहे हैं।
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जहाज की पहचान 'मयूरी नारी' के रूप में हुई है। थाईलैंड की सरकार ने बताया कि हमले के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। जहाज पर कुल 23 क्रू मेंबर सवार थे। ओमान की नौसेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 20 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, तीन सदस्य अभी भी जहाज पर ही मौजूद हैं। अधिकारियों ने अभी तक उनकी हालत या जहाज को हुए नुकसान के बारे में जानकारी साझा नहीं की है।
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रॉयल थाई नेवी और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस हमले की जानकारी दी। जांच से पता चला कि यह एक बल्क कैरियर जहाज है। इसका मालिकाना हक प्रेशियस शिपिंग नाम की कंपनी के पास है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन नंबर और जहाज की बनावट से इसकी पहचान पक्की की गई है। हमले के बाद लगी आग पर समय रहते काबू पा लिया गया।
मैरीटाइम ट्रैकिंग सिस्टम के डेटा से पता चला कि यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के भीतर हुआ। यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट में से एक है। दुनिया भर की ऊर्जा सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। 11 मार्च को जहाज की आखिरी लोकेशन ओमान के तट के पास ही रिकॉर्ड की गई थी।
फिलहाल इस हमले की जांच चल रही है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल हुआ। किसी भी देश या संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ इस घटना को इलाके में चल रहे तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। रॉयल थाई नेवी और सुरक्षा अधिकारी हमले के पीछे के असली कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। अंतरराष्ट्रीय नौसेना अधिकारी भी इस संवेदनशील इलाके की सुरक्षा पर पैनी नजर रख रहे हैं।
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