{"_id":"6a8b861d5eaac648e0081bf3","slug":"thai-pm-meets-security-chiefs-after-coordinated-attacks-in-3-southern-provinces-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Thailand: थाईलैंड के तीन प्रांतों में हिंसा, प्रधानमंत्री अनुतिन ने बुलाई आपात बैठक; क्या है पूरा मामला?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Thailand: थाईलैंड के तीन प्रांतों में हिंसा, प्रधानमंत्री अनुतिन ने बुलाई आपात बैठक; क्या है पूरा मामला?
Mon, 24 Aug 2026 05:18 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:18 AM IST
विज्ञापन
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नवीराकुल
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने रविवार को वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। देश के उत्तर में पहले से ही बाढ़ का संकट बना हुआ है। इसी बीच, दक्षिण के तीन प्रांतों में रातभर एक साथ हिंसा हुई। इन इलाकों में कुछ मुस्लिम विद्रोही संगठन सरकार के खिलाफ लड़ रहे हैं और अपने इलाके के लिए अलग शासन की मांग कर रहे हैं।
अनुतिन के उत्तर की ओर रवाना होने से कुछ समय पहले यह बैठक हुई। उन्हें बुरी तरह बाढ़ प्रभावित नान प्रांत का जायजा लेना था। बैठक शनिवार रात दक्षिण के सबसे आखिरी तीन प्रांतों में हुई 51 घटनाओं के बाद बुलाई गई। इनमें नाराथिवाट, पट्टानी और याला शामिल हैं।
हमलावरों का सेना या पुलिस से कोई सामना नहीं हुआ। अब तक सिर्फ तीन नागरिकों के घायल होने की जानकारी है। रविवार को बताया गया कि तीनों की हालत में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
हिंसा में मुख्य रूप से छोटे बमों का इस्तेमाल हुआ। आगजनी की गई। संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। सबसे बड़ा निशाना पट्टानी का 7-इलेवन स्टोर था। सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में हथियारबंद लोग स्टोर के बाहर घूमते दिखे। ग्राहक और कर्मचारी वहां से भागते नजर आए। इसके बाद स्टोर में आग लगा दी गई।
ये भी पढ़ें: बंगाल में TMC नेता पर हमला: FIR में धोखाधड़ी, जबरन वसूली और धमकी जैसे आरोप, अदालत ने 14 दिन की हिरासत में भेजा
नाराथिवाट में एक बम से रेल की पटरियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके कारण स्थानीय और लंबी दूरी की रेल सेवाएं रोकनी पड़ीं। सुरक्षा की स्थिति साफ नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल पाया कि सेवाएं कब फिर शुरू होंगी। ऐसी घटनाओं में अक्सर तुरंत किसी संगठन पर सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाया जाता। इस बार भी किसी संगठन ने तुरंत हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली।
हालांकि, आमतौर पर माना जाता है कि ऐसे हमले बारिसान रिवोलुसी नेशनल मेलायु पटानी यानी बीआरएन करता है। यह दक्षिण का प्रमुख विद्रोही संगठन है। उसके पास ऐसी कार्रवाई करने के लिए संगठन और समर्थन दोनों हैं। यही वह संगठन है, जिसके साथ थाई सरकार समय-समय पर शांति वार्ता करती रही है।
थाईलैंड में ज्यादातर लोग बौद्ध हैं। लेकिन इसके तीन सबसे दक्षिणी प्रांतों में मुस्लिम आबादी बहुमत में है। बीआरएन ने कहा है कि वह इन प्रांतों के लिए खुद शासन की व्यवस्था चाहता है।
मुस्लिम लोग लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि थाईलैंड में उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार होता है। अलगाववादी आंदोलन भी कई दशकों से समय-समय पर सक्रिय रहे हैं।
2004 में विद्रोही हिंसा अचानक काफी बढ़ गई थी। इसके जवाब में सरकार ने सख्त कार्रवाई की। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया। पट्टानी में प्रिंस ऑफ सोंगकला यूनिवर्सिटी के परिसर से जुड़े थिंक टैंक डीप साउथ वॉच के मुताबिक, पिछले 22 साल में इस हिंसा में 7,837 लोगों की मौत हुई है।
इस हिंसा में पिछली बड़ी घटना जुलाई में हुई थी। उस समय करीब 10 हमलावरों ने नाराथिवाट में एक सुरक्षा चौकी पर सैनिकों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने सैनिकों पर पाइप बम भी फेंके। इस हमले में अर्धसैनिक बल के पांच सैनिक मारे गए। छह नागरिक घायल हुए। इनमें 10 साल का एक लड़का भी शामिल था।
विज्ञापन
अनुतिन के उत्तर की ओर रवाना होने से कुछ समय पहले यह बैठक हुई। उन्हें बुरी तरह बाढ़ प्रभावित नान प्रांत का जायजा लेना था। बैठक शनिवार रात दक्षिण के सबसे आखिरी तीन प्रांतों में हुई 51 घटनाओं के बाद बुलाई गई। इनमें नाराथिवाट, पट्टानी और याला शामिल हैं।
विज्ञापन
हमलावरों का सेना या पुलिस से कोई सामना नहीं हुआ। अब तक सिर्फ तीन नागरिकों के घायल होने की जानकारी है। रविवार को बताया गया कि तीनों की हालत में सुधार हो रहा है।
विज्ञापन
हिंसा में मुख्य रूप से छोटे बमों का इस्तेमाल हुआ। आगजनी की गई। संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। सबसे बड़ा निशाना पट्टानी का 7-इलेवन स्टोर था। सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में हथियारबंद लोग स्टोर के बाहर घूमते दिखे। ग्राहक और कर्मचारी वहां से भागते नजर आए। इसके बाद स्टोर में आग लगा दी गई।
ये भी पढ़ें: बंगाल में TMC नेता पर हमला: FIR में धोखाधड़ी, जबरन वसूली और धमकी जैसे आरोप, अदालत ने 14 दिन की हिरासत में भेजा
नाराथिवाट में एक बम से रेल की पटरियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके कारण स्थानीय और लंबी दूरी की रेल सेवाएं रोकनी पड़ीं। सुरक्षा की स्थिति साफ नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल पाया कि सेवाएं कब फिर शुरू होंगी। ऐसी घटनाओं में अक्सर तुरंत किसी संगठन पर सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाया जाता। इस बार भी किसी संगठन ने तुरंत हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली।
हालांकि, आमतौर पर माना जाता है कि ऐसे हमले बारिसान रिवोलुसी नेशनल मेलायु पटानी यानी बीआरएन करता है। यह दक्षिण का प्रमुख विद्रोही संगठन है। उसके पास ऐसी कार्रवाई करने के लिए संगठन और समर्थन दोनों हैं। यही वह संगठन है, जिसके साथ थाई सरकार समय-समय पर शांति वार्ता करती रही है।
थाईलैंड में ज्यादातर लोग बौद्ध हैं। लेकिन इसके तीन सबसे दक्षिणी प्रांतों में मुस्लिम आबादी बहुमत में है। बीआरएन ने कहा है कि वह इन प्रांतों के लिए खुद शासन की व्यवस्था चाहता है।
मुस्लिम लोग लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि थाईलैंड में उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार होता है। अलगाववादी आंदोलन भी कई दशकों से समय-समय पर सक्रिय रहे हैं।
2004 में विद्रोही हिंसा अचानक काफी बढ़ गई थी। इसके जवाब में सरकार ने सख्त कार्रवाई की। इससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया। पट्टानी में प्रिंस ऑफ सोंगकला यूनिवर्सिटी के परिसर से जुड़े थिंक टैंक डीप साउथ वॉच के मुताबिक, पिछले 22 साल में इस हिंसा में 7,837 लोगों की मौत हुई है।
इस हिंसा में पिछली बड़ी घटना जुलाई में हुई थी। उस समय करीब 10 हमलावरों ने नाराथिवाट में एक सुरक्षा चौकी पर सैनिकों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने सैनिकों पर पाइप बम भी फेंके। इस हमले में अर्धसैनिक बल के पांच सैनिक मारे गए। छह नागरिक घायल हुए। इनमें 10 साल का एक लड़का भी शामिल था।