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अमेरिकी चुनाव में सेना नहीं भेजेगा ट्रंप प्रशासन: शीर्ष सैन्य अधिकारी ने किया साफ; डेमोक्रेट्स क्यों चिंतित?

Tue, 01 Sep 2026 01:33 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 01 Sep 2026 01:33 AM IST
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US military has no plans to send troops to polls in November, top general says
अमेरिकी संसद - फोटो : ANI
अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी ने कहा कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि कांग्रेस (संसद) चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर सेना भेजने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है, जब डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने चिंता जताई है। उन्हें चिंता है कि ट्रंप प्रशासन मतदान में दखल देने के लिए सेना का इस्तेमाल कर सकता है।  
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अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने यह बात मिशिगन की डेमोक्रेट सांसद एलिसा स्लॉटकिन को लिखे एक पत्र में कही। स्लॉटकिन ने हाल ही में केन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से यह साफ करने को कहा था कि नवंबर में मतदान केंद्रों पर सेना भेजी जाएगी या नहीं।
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केन ने स्लॉटकिन को लिखे पत्र में कहा, 2026 के चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों के जवानों या केंद्र के नियंत्रण में लिए गए नेशनल गार्ड के सदस्यों को मतदान केंद्रों पर भेजने की कोई योजना नहीं है।  एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, केन ने आगे कहा, इसी तरह ऐसे जवानों का इस्तेमाल मतपत्र, मतदान मशीन या चुनाव से जुड़ी कोई दूसरी सामग्री जब्त करने के लिए भी नहीं किया जाएगा। 
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वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री हेगसेथ को सैन्य मामलों पर सलाह देते हैं। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा, मुझे आगामी नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनाव में सेना की भूमिका से जुड़ा कोई गैरकानूनी आदेश नहीं मिला है। न ही मुझे ऐसा कोई आदेश मिलने की उम्मीद है। 

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डेमोक्रेट सांसदों की चिंता क्यों बढ़ी?
डेमोक्रेट नेताओं में यह चिंता बढ़ गई है कि ट्रंप प्रशासन मध्यावधि चुनाव में दखल देने की कोशिश कर सकता है। यह चिंता खास तौर पर तब बढ़ी है, जब राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट के नेतृत्व वाले राज्यों में स्थानीय नेताओं की आपत्ति के बावजूद संघीय एजेंट भेजे हैं।

स्लॉटकिन ने अगस्त की शुरुआत में एपी से कहा था कि ट्रंप ऐसा माहौल बना रहे हैं कि बाद में चुनाव में धांधली का दावा कर सकें। उन्होंने कहा कि 2020 में चुनाव हारने के बाद ट्रंप ने वोटिंग मशीनों को जब्त करने के लिए सेना के इस्तेमाल पर विचार किया था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने डेमोक्रेट नेताओं की इच्छा के खिलाफ शहरों में नेशनल गार्ड भेजे हैं। इसके अलावा, 2025 में आव्रजन पर कार्रवाई के दौरान उन्होंने लॉस एंजिल्स में सक्रिय ड्यूटी वाले नौसैनिकों को भी भेजा था।

संघीय कानून के तहत मतदान केंद्रों पर हथियारबंद संघीय बलों की तैनाती पर रोक है। ऐसा तभी किया जा सकता है, जब 'अमेरिका के हथियारबंद दुश्मनों को पीछे हटाने के लिए यह जरूरी हो।' अगर सेना का कोई हिस्सा चुनाव में तैनात किया जाता है, तो उसमें नेशनल गार्ड के जवान शामिल हो सकते हैं। ऐसे जवानों पर राज्य सरकार का नियंत्रण होता है।


ट्रंप प्रशासन ने पहले क्या कहा था?
व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स ने पिछले साल एक साक्षात्कार में इस बात से इनकार किया था कि ट्रंप मध्यावधि चुनाव में मतदान को दबाने के लिए सेना का इस्तेमाल करेंगे।

स्लॉटकिन की प्रेस सचिव सोनजा थ्रैशर ने कहा कि हेगसेथ ने उस पत्र का अभी तक जवाब नहीं दिया है। इस पत्र में उनसे नवंबर में मतदान केंद्रों पर सेना नहीं भेजे जाने की पुष्टि करने को कहा गया था। स्लॉटकिन ने जवाब देने के लिए पिछले गुरुवार तक का समय दिया था।
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