US: स्कारबोरो रीफ पर चीन की नई चाल से बढ़ा तनाव? अमेरिका ने किया विरोध, फिलीपींस के मछुआरों पर क्या होगा असर?
अमेरिका ने स्कारबोरो रीफ पर चीन की ओर से बनाए गए ‘नेशनल नेचर रिजर्व’ को लेकर कड़ा विरोध जताया है और फिलीपींस के साथ खड़े होने की बात कही है। आखिर अमेरिका ने चीन के कदम को क्यों खारिज किया? मामला क्या है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच विवादित स्कारबोरो रीफ को लेकर तनाव एक बार फिर सामने आया है। अमेरिका ने शनिवार को चीन की ओर से स्कारबोरो रीफ पर बनाए गए 'नेशनल नेचर रिजर्व' को लेकर अपना विरोध जताया। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि इस कदम से फिलीपींस के मछुआरों को उनके पारंपरिक मछली पकड़ने के क्षेत्र में जाने से रोका जा सकता है।
क्या अमेरिका ने चीन के 'नेशनल नेचर रिजर्व' को खारिज कर दिया?
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका स्कारबोरो रीफ पर चीन के 'नेशनल नेचर रिजर्व' को लागू करने की कोशिशों को खारिज करता है। विभाग के मुताबिक, चीन का यह कदम फिलीपींस के मछुआरों की उनके पारंपरिक मछली पकड़ने के क्षेत्र तक पहुंच को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि चीन पर्यावरण और कानूनी आधार का हवाला देकर दक्षिण चीन सागर में अपने व्यापक क्षेत्रीय और समुद्री दावों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका ने फिलीपींस का समर्थन किया?
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समर्थन में अपने सहयोगी फिलीपींस के साथ खड़ा है। अमेरिका का यह बयान चीन की ओर से विवादित क्षेत्र के लिए नए प्रबंधन उपायों की घोषणा के बाद आया है। फिलीपींस और अंतरराष्ट्रीय कानूनी दस्तावेजों में इस क्षेत्र को स्कारबोरो शोल कहा जाता है।
चीन ने स्कारबोरो रीफ को लेकर क्या कदम उठाया है?
चीन डेली के मुताबिक, चीन ने नए प्रबंधन उपायों की घोषणा की है। ये उपाय एक अगस्त को जारी किए गए और इनमें 16 अनुच्छेद हैं। इनका उद्देश्य नए स्थापित किए गए ‘नेशनल नेचर रिजर्व’ के प्रबंधन से जुड़े नियम तय करना है। चीन डेली के अनुसार, चीन की स्टेट काउंसिल ने सितंबर 2025 में इस रिजर्व की स्थापना को मंजूरी दी थी।
क्या चार चीनी एजेंसियां मिलकर इस क्षेत्र की निगरानी करेंगी?
चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, नेशनल फॉरेस्ट्री एंड ग्रासलैंड एडमिनिस्ट्रेशन, चाइना कोस्ट गार्ड और हैनान प्रांत की पीपुल्स गवर्नमेंट ने मिलकर ये प्रबंधन उपाय जारी किए हैं। इन उपायों के तहत चारों एजेंसियों के बीच समन्वय व्यवस्था स्थापित करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य प्रमुख मुद्दों से निपटना, सहयोग और सूचनाओं का आदान-प्रदान मजबूत करना तथा अवैध मानी जाने वाली गतिविधियों पर निगरानी और कानून लागू करने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
क्या स्कारबोरो शोल को लेकर चीन और फिलीपींस में पहले से विवाद है?
स्कारबोरो शोल को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच पहले से तनाव जारी है। यह क्षेत्र दक्षिण चीन सागर में स्थित एक विवादित क्षेत्र है। 2016 में संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि यानी UNCLOS के तहत गठित मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने दक्षिण चीन सागर पर फैसला सुनाया था। फैसले में कहा गया था कि फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र में आने वाले समुद्री इलाकों के संसाधनों पर चीन के ऐतिहासिक अधिकारों के दावे का कोई कानूनी आधार नहीं है। हालांकि, चीन ने इस फैसले को खारिज कर दिया है।