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US: अमेरिका में डे-केयर के खर्च से सहमे मिलेनियल माता-पिता, क्या बच्चों के बीच 3-4 साल का गैप बन रहा मजबूरी?

Thu, 20 Aug 2026 06:46 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल जूलिया पुगाचेव्स्की/द न्यूयॉर्क टाइम्स
जूलिया पुगाचेव्स्की/द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Thu, 20 Aug 2026 06:46 AM IST
सार

अमेरिका में बच्चों की देखभाल यानी डे-केयर का बढ़ता खर्च मिलेनियल माता-पिता के लिए बड़ी चिंता बन गया है। कई माता-पिता खर्च और करियर में रुकावट से बचने के लिए दो बच्चों के जन्म के बीच तीन से चार साल का अंतर रख रहे हैं। लेकिन ज्यादा अंतर रखने से प्रजनन क्षमता पर असर पड़ने का खतरा भी बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि आर्थिक राहत के लिए कितना अंतर सही है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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US Rising Daycare Costs Push Millennial Parents to Space Children 3-4 Years Apart But Is It Becoming Necessity
क्या बच्चों के बीच अंतर रखने से खर्च कम हो जाता है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका में बच्चों की परवरिश का बढ़ता खर्च अब माता-पिता के परिवार बढ़ाने के फैसले को प्रभावित कर रहा है। डे-केयर पर होने वाले भारी खर्च और बच्चों की जिम्मेदारी के कारण करियर में आने वाली रुकावटों से बचने के लिए कई मिलेनियल माता-पिता दो बच्चों के बीच बड़ा अंतर रख रहे हैं। उनके लिए तीन से चार साल का अंतर ऐसा समय माना जा रहा है, जिसमें खर्च और जिम्मेदारियों का दबाव कुछ कम किया जा सकता है।

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डे-केयर का खर्च इतना ज्यादा क्यों बन रहा है?

अमेरिका में एक बच्चे के डे-केयर पर औसतन सालाना करीब 7,26,275 से 22,93,699 रुपये तक खर्च आता है। कई राज्यों में दो बच्चों को एक साथ डे-केयर भेजने का खर्च घर की मासिक किस्त या किराये से भी ज्यादा हो जाता है। यही वजह है कि आर्थिक दबाव के कारण कई मिलेनियल माता-पिता दो बच्चों के बाद परिवार बढ़ाने से रुक रहे हैं। मिलेनियल उन लोगों को कहा जाता है, जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच हुआ है।

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क्या बच्चों के बीच अंतर रखने से खर्च कम हो जाता है?

इसका असर उन परिवारों के उदाहरणों से समझा जा सकता है, जिन्होंने बच्चों के जन्म में अंतर रखा। क्रिस्टीन डार्नेल ने 34 वर्ष की उम्र में पहला बच्चा होने के करीब साढ़े तीन साल बाद दूसरा बच्चा किया। उनके बच्चों की उम्र अब छह और तीन साल है। दोनों के डे-केयर पर सालाना करीब 35,36,878 रुपये खर्च हुए। उचित अंतर रखने से उन्हें हर महीने करीब 300 डॉलर तक की बचत हुई। दूसरी ओर 43 वर्षीय एंजेला ने पहले दो बच्चों के बीच चार साल का अंतर रखा।

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कितनी माताएं बच्चों के बीच बड़ा अंतर चाहती हैं?

2026 की सीडीसी रिपोर्ट के अनुसार, 20 वर्ष की उम्र वाली 25 प्रतिशत से अधिक माताएं दूसरे बच्चे के लिए दो से पांच साल का अंतर चाहती हैं। वहीं 30 वर्ष की उम्र वाली माताओं में यह आंकड़ा 10 प्रतिशत से भी कम है। यानी उम्र बढ़ने के साथ बच्चों के बीच ज्यादा अंतर रखने की इच्छा कम होती दिखती है। इसका एक कारण प्रजनन क्षमता को लेकर बढ़ती चिंता भी है।

ज्यादा अंतर रखने का खतरा क्या है?

जानकारों के अनुसार बच्चों के बीच तीन से चार साल का अंतर रखने से माता-पिता को आर्थिक और व्यावहारिक राहत मिल सकती है। इस दौरान बड़ा बच्चा प्री-स्कूल जाने लगता है और दोनों बच्चे एक साथ डायपर की उम्र में नहीं होते। इससे खासकर माताओं को नौकरी और करियर पर ध्यान देने का मौका मिल सकता है। हालांकि, 30 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पहला बच्चा होने के बाद तीन से चार साल इंतजार करने पर उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता घटने का जोखिम रहता है और कुछ मामलों में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

क्या करियर के लिए बड़ा गैप सही फैसला है?

बच्चों के बीच अंतर रखने से खर्च और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को संभालना आसान हो सकता है, लेकिन इसका असर केवल आर्थिक नहीं है। माताओं को अब भी मदरहुड पेनाल्टी यानी बच्चे के जन्म के बाद करियर में रुकावट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अमेरिकी मिलेनियल माता-पिता के सामने एक मुश्किल संतुलन है। एक तरफ डे-केयर का भारी खर्च और करियर की चिंता है, तो दूसरी तरफ उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता को लेकर सवाल हैं। यही वजह है कि बच्चों के बीच अंतर का फैसला अब केवल परिवार की पसंद नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी और करियर की जरूरत से भी जुड़ता जा रहा है।

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