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West Asia Tension LIVE: लेबनान के राष्ट्रपति-ट्रंप की मुलाकात आज, US ने लगातार 10वें दिन बम बरसाए; शांति कब?
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Tue, 21 Jul 2026 04:47 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 21 Jul 2026 04:47 PM IST
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ईरान के गृह मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे।
- फोटो : पीटीआई
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04:46 PM, 21-Jul-2026
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की ट्रंप से मुलाकात आज
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दक्षिणी लेबनान से इस्राइली सेना की वापसी और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में बातचीत प्रमुख मुद्दा रहेगी। लेबनान चाहता है कि इस्राइल अपनी सेना वापस बुलाए और वहां लेबनानी सेना का पूरा नियंत्रण स्थापित हो। हाल ही में दोनों देशों ने अमेरिकी मध्यस्थता में एक रूपरेखा समझौते पर सहमति जताई थी, जिसमें इस्राइली सैनिकों की वापसी, हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण और भविष्य में शांति समझौते की दिशा में कदम शामिल हैं। हालांकि इस्राइली सेना ने कहा है कि सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है।03:14 PM, 21-Jul-2026
ईरानी ड्रोन का निशाना बना जॉर्डन
जॉर्डन की सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने देश को निशाना बनाकर ईरान की ओर से छोड़े गए पांच ड्रोन को रोक दिया है। सेना ने यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के जरिये दी।सेना ने बताया कि इन ड्रोन को रोकने की कार्रवाई में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। साथ ही, जमीन पर भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।
जॉर्डन में अमेरिकी सेना और उसके विमान तैनात हैं। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर चल रहा संघर्ष और अंतरिम समझौते के टूटने के बाद जॉर्डन को ईरान की ओर से बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
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02:56 PM, 21-Jul-2026
लेबनान के राष्ट्रपति ट्रंप से करेंगे मुलाकात
लेबनान के राष्ट्रपति मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। यह उनकी चार दिवसीय वाशिंगटन यात्रा का आखिरी दिन होगा। इस मुलाकात का उद्देश्य युद्ध से प्रभावित लेबनान में लंबे समय तक शांति स्थापित करने की कोशिश करना है। लेबनान में पिछले कई महीनों से इस्राइल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला संगठन के बीच युद्ध चल रहा है।जोसेफ औन और डोनाल्ड ट्रंप की यह अहम मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब लेबनान और इस्राइल वाशिंगटन की मध्यस्थता में सीधी बातचीत जारी रखे हुए हैं। लेबनान को उम्मीद है कि इन वार्ताओं के नतीजे के रूप में इस्राइली सैनिक दक्षिणी लेबनान के उन बड़े हिस्सों से वापस हटेंगे, जहां अभी उनका कब्जा है। लेबनान यह भी चाहता है कि उसकी सेना को उन इलाकों में पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करने के लिए समर्थन मिले, जहां पहले हिजबुल्ला के लड़ाकों का प्रभाव था।
अमेरिका ने क्या जानकारी दी?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि तीन गांवों में अभियान शुरू किया गया है, जिन्हें 'पायलट क्षेत्र' का हिस्सा माना गया है। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इस अभियान के तहत क्या कदम उठाए जा रहे हैं। ये तीन गांव फ्रोन, शीरिफा और जवतार अल-घरबिया हैं। इन गांवों पर इस्राइली सेना का नियंत्रण नहीं है। इस घोषणा के बाद लेबनान और इस्राइल की सेनाओं तथा राजनीतिक नेतृत्व की ओर से तुरंत कोई बयान जारी नहीं किया गया।
औन ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन लेबनान समझौते का समर्थन जारी रखेगा और इसे पूरी तरह लागू कराने में मदद करेगा। रुबियो ने इस मुलाकात को बहुत सकारात्मक बताया और चेतावनी दी कि जब तक हिजबुल्ला का मुद्दा हल नहीं होगा, तब तक लेबनान में पूरी तरह शांति कभी नहीं आ सकती।
रुबियो ने मुलाकात के बाद कहा, हिजबुल्ला की जगह कैसे ली जाएगी? उसे हराकर और उसकी जगह ऐसी सरकार बनाकर, जो इतनी मजबूत हो कि देश में हथियार रखने वाली एकमात्र ताकत वही हो।
12:27 PM, 21-Jul-2026
बहरीन में अमेरिका के व्यावसायिक ठिकाने पर हमला किया: आईआरजीसी
ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिका से जुड़े एक व्यावसायिक ठिकाने पर हमला किया है।अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने क्रूज मिसाइलों से हमला कर अमेजन के केंद्रीय डेटा ढांचे को नष्ट कर दिया है। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला डारखोविन में नागरिक ढांचे पर हाल में अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के जवाब में किया गया है।
10:23 AM, 21-Jul-2026
हमले बढ़ने से अमेरिका में फिर 4 डॉलर प्रति गैलन पहुंचा पेट्रोल का औसत दाम
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा संघर्ष के कारण दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें सोमवार को फिर बढ़कर औसतन 4 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गईं।वाहन संगठन एएए के अनुसार, अमेरिका में सामान्य पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 4 डॉलर प्रति गैलन से थोड़ी ऊपर पहुंच गई है। यह कीमत एक हफ्ते पहले के मुकाबले करीब 13 सेंट ज्यादा है। यह पिछले साल इसी समय की कीमतों से भी काफी अधिक है। पिछले साल अमेरिकी वाहन चालक औसतन करीब 3.14 डॉलर प्रति गैलन की कीमत पर पेट्रोल भरवा रहे थे।
ईरान के साथ अमेरिका और इस्राइल के युद्ध ने दुनिया को वैश्विक ऊर्जा संकट में डाल दिया है। खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि कच्चा तेल पेट्रोल बनाने का मुख्य स्रोत है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति व्यवस्था और उत्पादन प्रभावित होने से यह संकट और बढ़ गया है।
पिछले महीने ऊर्जा की कीमतों में कुछ कमी आई थी, जब अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लड़ाई को स्थायी रूप से खत्म करना और अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू करना था। लेकिन अब यह शांति समझौता टूट चुका है। सोमवार को अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले और तेज कर दिए। इसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसके कारण तेल की आपूर्ति फिर से काफी हद तक रुक रही है।
अब सबकी नजरें व्हाइट हाउस पर हैं। फरवरी के अंत में युद्ध शुरू करने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया था कि वह पेट्रोल की कीमतें कम रखेंगे। उन्होंने पिछले महीने कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद पेट्रोल के दाम तेजी से नहीं गिरने पर नाराजगी भी जताई थी।
10:08 AM, 21-Jul-2026
होर्मुज जलडमरूमध्य बना संघर्ष का केंद्र
- ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की है।
- हूतियों ने कहा कि वे लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच जहाजों की आवाजाही रोकेंगे।
- होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने के बाद सऊदी अरब तेल निर्यात के लिए लाल सागर तक जाने वाली पाइपलाइन पर निर्भर है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
- अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर लागू कर दी है।
- अमेरिकी सेना के अनुसार, सात जहाजों का रास्ता बदला गया और एक जहाज को निष्क्रिय किया गया।
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09:26 AM, 21-Jul-2026
अमेरिका ने ईरान पर किए नए हमले; होर्मुज में सैन्य क्षमता को बनाया निशाना: सेंटकॉम
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया है। सेंटकॉम के अनुसार, यह दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम है।सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज शाम 4 बजे अमेरिकी सेना ने कमांडर इन चीफ के कहने पर ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के लिए किए गए हैं।
इससे पहले, सेंटकॉम ने कहा था कि अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक और वायुसेना के संसाधन ईरान के खिलाफ घोषित नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करने और ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले समुद्री यातायात को सीमित करने के अभियान के तहत लगातार अभियान चला रहे हैं।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यूएसएस बॉक्सर (एलएचडी- 4) युद्धपोत पर तैनात अमेरिकी सैनिक अरब सागर में दिन-रात उड़ान ऑपरेशन्स का समर्थन कर रहे हैं। 20 जुलाई तक अमेरिकी सेना सात वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदलने के साथ एक जहाज को निष्क्रिय कर चुकी है, ताकि वे ईरानी बंदरगाहों से बाहर न जा सकें और न ही वहां प्रवेश कर सकें।
08:15 AM, 21-Jul-2026
जुलाई की शुरुआत से अब तक करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता ने जानकारी दी कि सात जुलाई को अमेरिका की ओर से दोबारा हमले शुरू होने के बाद से अब तक करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से 96 फीसदी सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं।रक्षा विभाग के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि ज्यादातर सैनिकों को मामूली सिर की चोट लगी थी। उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क टाइम्स की उस खबर के जवाब में कही, जिसमें दावा किया गया था कि रक्षा मंत्रालय ईरानी हमलों में घायल हुए सैनिकों की जानकारी छिपा रहा है। पार्नेल ने इस आरोप को खारिज किया और कहा कि रक्षा मंत्रालय किसी भी तरह का आंकड़ा नहीं छिपा रहा है।
हालांकि, सैन्य संघर्षों में सैनिकों की मौत और घायल होने की जानकारी रखने वाली अमेरिकी सेना की आधिकारिक प्रणाली को सोमवार शाम तक अपडेट नहीं किया गया था। इसमें हाल के उन हमलों का विवरण भी शामिल नहीं था, जिनमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
08:10 AM, 21-Jul-2026
जंग के बीच पाकिस्तान पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री
ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में पाकिस्तानी समकक्ष मोहसिन नकवी से मुलाकात की। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की मुलाकात नूर खान हवाई अड्डे पर हुई। तस्वीर पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने जारी है। खास बात ये है कि पिछली बार ईरान और अमेरिका के बीच सुहल-समझौते में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है। बीते जून माह में जिस 14 बिंदुओं वाले समझौते पर ट्रंप और पेजेशकियन ने साइन किए थे, उसे कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस्लामाबाद समझौते का नाम दिया गया था।08:00 AM, 21-Jul-2026
ईरान पर हालिया हमलों को लेकर अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
सेंटकॉम ने कहा कि रविवार को किए गए हवाई हमलों में ईरान के सैन्य कमांड केंद्रों, वायु रक्षा और तटीय निगरानी ठिकानों, समुद्री सैन्य क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थलों तथा संचार नेटवर्क को निशाना बनाया गया। पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान के एक बंदरगाह पर बने पुलों और एक टावर पर भी हमला किया था।ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी हमलों में उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज के आसपास कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई। तबरीज राजधानी तेहरान से लगभग 520 किलोमीटर दूर है। माना जाता है कि यहां ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के भूमिगत मिसाइल अड्डे हैं।
समाचार एजेंसी के अनुसार, खुजेस्तान प्रांत के बंदर इमाम खोमैनी, होर्मोजगान प्रांत के सीरिक और जास्क तथा सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के कोनारक और चाबहार में अमेरिका ने हमले किए। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने सोमवार शाम बताया कि एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और जहाज पर हमला हुआ था। यह हमला संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास हुआ।