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पश्चिम एशिया: मोहम्मद बिन सलमान चाहते थे अमेरिका करे हूतियों पर हमला, दो बार लगाया फोन पर नहीं मानें ट्रंप
Fri, 11 Sep 2026 02:50 PM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:50 PM IST
सार
यमन के हूतियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बार फोन पर बात की। रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की मांग की, लेकिन ट्रंप ने फिलहाल सीधा हमला करने से परहेज किया।
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डोनाल्ड ट्रंप, मोहम्मद बिन सलमान
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया में संघर्ष थमने का नाम नही ले रहा है। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी युद्ध के अलावा अब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच भी तनाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की अपील की है।
ट्रंप से दो बार फोन पर बात की
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले को लेकर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बार फोन पर बात की। उन्होंने ट्रंप से हूतियों के खिलाफ हमला करने का आग्रह किया। हूतियों ने लाल सागर के एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को रोक रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यमन में बढ़ते संघर्ष को लेकर अपनी चिंता जताई, लेकिन फिलहाल हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हमले शुरू करने से इनकार कर दिया। वहीं, मामले को लेकर अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की फिलहाल हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य हस्तक्षेप करने की कोई योजना नहीं है।
अमेरिकी कमांडर ने किया रियाद का दौरा
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने रियाद का दौरा किया। उन्होंने वहां तत्काल समन्वय बैठकों में हिस्सा लिया। हालांकि, इस मामले पर अभी तक व्हाइट हाउस या सऊदी अरब की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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ये भी पढ़े: ब्रिक्स 2026: समिट के इतर कई वैश्विक नेताओं के साथ पीएम मोदी और राष्ट्रपति की द्विपक्षीय बैठक, देखें शेड्यूल
जुलाई 2026 में फिर बढ़ा तनाव
इससे पहले सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष जुलाई 2026 उस समय भड़क गया था, जब समय सऊदी अरब ने एक ईरानी विमान को यमन की राजधानी सना में उतरने से रोक दिया था। विमान में हूतियों का एक वरिष्ठ अधिकारी सवार था। इसके बाद हूतियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमले शुरू कर दिए। इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात के रास्ते को खतरा पैदा हो गया। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी भी जारी है।
सऊदी अरब ने भी शुरू किए हवाई हमले
हूतियों के हमलों के बाद सऊदी अरब और यमन में उसके सहयोगियों ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमले और जमीनी सैन्य अभियान शुरू किए। जवाब में हूतियों ने भी सऊदी अरब पर हमले किए हैं। हाल के हमलों में उन्होंने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको को भी निशाना बनाया है।
साल 2026 में दोनों पक्षों के बीच बढ़ा यह संघर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम के खत्म होने के बाद का पहला इतना गंभीर तनाव बताया जा रहा है। इस तरह सऊदी अरब और हूतियों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, जबकि अमेरिका ने फिलहाल सीधे तौर पर हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से दूरी बनाए रखी है।
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ट्रंप से दो बार फोन पर बात की
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले को लेकर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो बार फोन पर बात की। उन्होंने ट्रंप से हूतियों के खिलाफ हमला करने का आग्रह किया। हूतियों ने लाल सागर के एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को रोक रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यमन में बढ़ते संघर्ष को लेकर अपनी चिंता जताई, लेकिन फिलहाल हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हमले शुरू करने से इनकार कर दिया। वहीं, मामले को लेकर अमेरिका के दो अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप प्रशासन की फिलहाल हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य हस्तक्षेप करने की कोई योजना नहीं है।
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अमेरिकी कमांडर ने किया रियाद का दौरा
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने रियाद का दौरा किया। उन्होंने वहां तत्काल समन्वय बैठकों में हिस्सा लिया। हालांकि, इस मामले पर अभी तक व्हाइट हाउस या सऊदी अरब की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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जुलाई 2026 में फिर बढ़ा तनाव
इससे पहले सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष जुलाई 2026 उस समय भड़क गया था, जब समय सऊदी अरब ने एक ईरानी विमान को यमन की राजधानी सना में उतरने से रोक दिया था। विमान में हूतियों का एक वरिष्ठ अधिकारी सवार था। इसके बाद हूतियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमले शुरू कर दिए। इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात के रास्ते को खतरा पैदा हो गया। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी भी जारी है।
सऊदी अरब ने भी शुरू किए हवाई हमले
हूतियों के हमलों के बाद सऊदी अरब और यमन में उसके सहयोगियों ने हूतियों के खिलाफ हवाई हमले और जमीनी सैन्य अभियान शुरू किए। जवाब में हूतियों ने भी सऊदी अरब पर हमले किए हैं। हाल के हमलों में उन्होंने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको को भी निशाना बनाया है।
साल 2026 में दोनों पक्षों के बीच बढ़ा यह संघर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम के खत्म होने के बाद का पहला इतना गंभीर तनाव बताया जा रहा है। इस तरह सऊदी अरब और हूतियों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है, जबकि अमेरिका ने फिलहाल सीधे तौर पर हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से दूरी बनाए रखी है।