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फ्लाईदुबई हमले के पीछे किसका हाथ?: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जताया शक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्या कहा?
Tue, 06 Oct 2026 08:40 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:40 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई घटना को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि 30 सितंबर की घटना के लिए ईरान जिम्मेदार था। यूएई के अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्या कहा?
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार फ्लाईदुबई घटना को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि 30 सितंबर की 30 सितंबर की फ्लाईदुबई घटना के लिए ईरान जिम्मेदार था। बता दें कि जिसमें भारतीय पायलट स्मित मच्छार को ओमान के को-पायलट हमम अल-हम्ममी ने चाकू मार दिया था।
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यूएई के अधिकारी कर रहे जांच
ट्रंप की ये टिप्पणियां तब आईं जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को अलास्का जाते समय पत्रकारों से कहा कि इस घटना को ईरान से जोड़ने वाली कोई पक्की बात नहीं है। घटना की जांच कर रहे यूएई के अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे कौन था। इस पर कोई पक्का नतीजा नहीं बताया है क्योंकि जांच अभी जारी है। सऊदी अरब के अधिकारियों द्वारा शुरुआती पूछताछ के बाद अल-हम्ममी को यूएई को सौंप दिया गया है।
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ट्रंप ने क्या कहा?
सोमवार दोपहर जब ट्रंप 'एयर फोर्स वन' में सवार हो रहे थे, तो एक रिपोर्टर ने उनसे फ्लाईदुबई की घटना में ईरान की भूमिका के बारे में पूछा। ट्रंप ने कहा, मुझे ऐसा लगता है। मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है।'
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उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने क्या टिप्पणी की?
हालांकि, जब सोमवार को अलास्का के लिए रवाना होते समय पत्रकारों ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस से इस बारे में पूछा, तो ओहायो के रिपब्लिकन नेता ने बहुत सावधानी बरती। सीधे टिप्पणी करने के बजाय, उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सीआईए डायरेक्टर पर छोड़ देंगे, क्योंकि वे इस पर टिप्पणी करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।
जेडी वेंस ने कहा, 'यह मामला मैं जॉन रैटक्लिफ और कुछ इंटेलिजेंस अधिकारियों पर छोड़ता हूं। मैं किसी भी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन निश्चित रूप से हम इस पर गौर कर रहे हैं। हालांकि, मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने अभी तक कोई ठोस सबूत देखा है।'
जांच में अब तक क्या पता चला?
इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने फ्लाईदुबई की घटना को आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले यह कदम उठाया या वह किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था।
एबीसी न्यूज ने जांच की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है।
यूएई के अटॉनी जनरल ने क्या कहा?
वहीं, यूएई के अटॉनी जनरल और प्रॉसिक्यूटर जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने 3 अक्तूबर को कहा था कि शुरुआती जांत से पता चला है कि हमम अल-हम्ममी ने आतंकवादी हमला करने की योजना बनाई थी।
उन्होंने कहा, 'फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना की जांच में पता चला है कि को-पायलट ने आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी।' उन्होंने यह भी कहा कि वे घटना के पूरे हालात, मकसद और किसी भी तरह के कनेक्शन का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।
हमम अल-हम्मामी ने पूछताछ में क्या बताया?
बाद में, रॉयटर्स ने बताया कि हमम अल-हम्मामी से पूछताछ में पता चला कि उसने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश करने की योजना बनाई थी। यह भी पता चला कि अल-हम्मामी ने इस साल की शुरुआत में तेल अवीव में एक और प्लेन क्रैश करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उस योजना को छोड़ दिया।
इस प्लेन में दुबई से तेल अवीव जा रहे 174 यात्री सवार थे, जिनमें से ज्यादातर इस्राइली थे। कैप्टन स्मित मच्छार ने समय रहते कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों ने अल-हम्मामी को काबू में कर लिया। इसके बाद, यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।