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Heat Dome Effect: क्या फिर लौटेगा 'हीट डोम इफेक्ट'? जुलाई में फ्रांस पर मंडरा रहा भीषण गर्मी का खतरा
Mon, 29 Jun 2026 03:33 PM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 29 Jun 2026 03:33 PM IST
सार
फ्रांस में जून की दो भीषण हीटवेव के बाद अब जुलाई में तीसरी लू की आशंका जताई गई है। 6 जुलाई के बाद 'हीट डोम इफेक्ट' के कारण तापमान फिर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों ने जल संकट, सूखे और फसलों को नुकसान की चेतावनी दी है।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
फ्रांस में दो हीटवेव ने भारी तबाही मचाई है। भीषण गर्मी के कारण देश में करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है। रविवार को फ्रांस की स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि ये मौतें 24 जून से 27 जून के बीच दर्ज की गईं। इस बीच फ्रांसीसी मौसम विभाग मेटियो-फ्रांस ने कुछ राहत की उम्मीद जताते हुए कहा कि जून के आखिरी दो दिन मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। हालांकि, देश में गर्मी का संकट अभी टला नहीं है। सरकार ने जुलाई में तीसरी बड़ी हीटवेव (लू) आने की आशंका जताई है।
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कब से बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप?
मीडिया आउटलेट द कनेक्शन ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि 6 जुलाई के बाद फ्रांस में एक बार फिर अत्यधिक गर्मी का दौर शुरू हो सकता है, जो 14 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।
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फ्रांस सरकार के मंत्री ने क्या कहा?
फ्रांस की पारिस्थितिक परिवर्तन मंत्री मोनिक बारबो ने कहा कि 6 जुलाई के बाद देश में फिर से भीषण गर्मी लौटने की आशंका प्रबल है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब मेटियो-फ्रांस पहले ही इस वर्ष सामान्य से अधिक गर्म मौसम रहने का अनुमान जता चुका है। मई और जून में पड़ चुकी दो बड़ी हीटवेव ने देश के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
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जून में टूटे गर्मी के कई रिकॉर्ड
इस बार की गर्मी ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। 24 जून को फ्रांस में जून महीने का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। जून के अंतिम दिनों में तापमान में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं मानी जा रही। अनुमान है कि 6 जुलाई से सहारा रेगिस्तान की ओर से आने वाली बेहद गर्म हवाएं फिर फ्रांस का रुख कर सकती हैं।
किस आधार पर जाएगी हीटवेव की चेतावनी?
विशेषज्ञों के मुताबिक जुलाई के दूसरे सप्ताह तक हालात दोबारा हीटवेव जैसे हो सकते हैं। यदि लगातार तीन दिनों तक दिन और रात का तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना रहता है, तो आधिकारिक तौर पर हीटवेव की चेतावनी जारी की जा सकती है।
क्या है 'हीट डोम इफेक्ट'?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्पेन के तट के पास बनने वाला ठंडी हवा का दबाव क्षेत्र और पश्चिमी यूरोप पर सक्रिय मजबूत उच्च दबाव प्रणाली मिलकर फिर से 'हीट डोम इफेक्ट' पैदा कर सकती है। इस स्थिति में गर्म हवा वातावरण में फंस जाती है और लगातार धरती की सतह के पास बनी रहती है, जिससे तापमान लगातार बढ़ता चला जाता है।
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किन चीजों पर होगी सबसे ज्यादा असर?
द कनेक्शन ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि यदि जुलाई में तीसरी बड़ी हीटवेव आती है, तो फ्रांस के लिए हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। सबसे बड़ा खतरा मिट्टी के तेजी से सूखने का है, जिससे जल संकट गहरा सकता है और फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सूखी जमीन दिन में अधिक गर्मी सोखती है और रात में भी आसानी से ठंडी नहीं हो पाती। इससे गर्मी और सूखे का ऐसा दुष्चक्र बन जाता है, जिसमें दोनों एक-दूसरे को लगातार और अधिक गंभीर बनाते रहते हैं।