विदेश के समाचार: कांगो में इबोला का कहर: 4,000 से अधिक मौतें, वायरस पर काबू पाने की कोशिश जारी
कांगो में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में इबोला संक्रमण से मरने वालों की संख्या 4,018 हो गई है। अब तक वायरस के 8,300 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। यानी संक्रमित पाए गए लोगों में करीब आधे की मौत हुई है। अधिकारियों के सामने वायरस के प्रसार को रोकना बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांगो में इस प्रकोप की शुरुआत 15 मई को हुई थी। इसका कारण दुर्लभ बुंडिबुग्यो वायरस बताया गया है। इस वायरस के इलाज के लिए अभी कोई ज्ञात उपचार या टीका उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी वायरस के तेजी से नए इलाकों में फैलने को लेकर चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, वायरस नए स्वास्थ्य क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे पहले से सीमित स्वास्थ्य संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। अधिकारियों के लिए संक्रमण रोकना और प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना चुनौती बनी हुई है।
मेक्सिको के प्रशांत तट के पास तूफान रैचल श्रेणी 3 में पहुंचा
राष्ट्रीय तूफान केंद्र के अनुसार, तूफान रैचल मेक्सिको के प्रशांत तट के पास श्रेणी 3 के तूफान में बदल गया है। यह तूफान बाजा कैलिफोर्निया के दक्षिणी छोर से करीब 245 मील यानी 390 किलोमीटर दूर है। रैचल धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले दिन तक इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद सप्ताहांत में इसके कमजोर पड़ने का अनुमान है। राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने चेतावनी दी है कि रैचल से उठने वाली ऊंची समुद्री लहरें मेक्सिको के तट पर जानलेवा सर्फ और तेज समुद्री धाराएं पैदा कर सकती हैं। अनुमान था कि रैचल मेक्सिको के तट के समानांतर आगे बढ़ेगा और इसके बाद प्रशांत महासागर में पश्चिम दिशा की ओर मुड़ जाएगा। मेक्सिको के अधिकारियों ने कहा कि वे अब भी अलर्ट पर हैं। बाजा कैलिफोर्निया सुर, सिनालोआ और जलिस्को राज्यों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके कारण भूस्खलन, नदियों का जलस्तर बढ़ने, नदियों के उफान पर आने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है।
अमेरिका की प्रारंभिक संघीय रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, मियामी में पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेजन के कार्गो विमान के पायलटों को उतरते समय तेज पिछली हवा यानी टेल विंड की संभावित स्थिति के बारे में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने जानकारी नहीं दी थी। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।
राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) की गुरुवार को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान को लैंडिंग की अनुमति देने से केवल चार मिनट पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने एक अन्य विमान को हवा से जुड़ी चेतावनी दी थी। इसमें दक्षिण दिशा से 25 मील प्रति घंटे यानी करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंकों की जानकारी दी गई थी। लेकिन अमेजन के कार्गो विमान के पायलटों को हवा के बारे में जानकारी नहीं दी गई।
एनटीएसबी की रिपोर्ट के मुताबिक, संघीय नियमों के तहत जब रनवे पर टेल विंड की स्थिति हो तो विमान को रनवे इस्तेमाल करने की अनुमति देते समय हवा की दिशा और उसकी गति दोनों बताना जरूरी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे की वजह तय नहीं की गई है। जांच अभी जारी है और इसे पूरा होने में एक साल से अधिक समय लग सकता है।
कांगो में फैले इबोला प्रकोप से अब तक 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारी वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 8,300 पुष्ट मामलों में से 4,018 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कुल मामलों का लगभग आधा है। यह इतिहास में सबसे तेज़ी से फैलने वाले इबोला प्रकोपों में से एक बन गया है।
कांगो ने 15 मई को इस प्रकोप की घोषणा की थी, जो दुर्लभ बुंडीबुग्यो वायरस के कारण हुआ है। इस वायरस के लिए फिलहाल कोई प्रभावी इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में वायरस के तेजी से नए स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैलने को लेकर चिंता जताई है, जिससे सीमित संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।