Shani Gochar 2027: साल 2027 में शनि करेंगे राशि परिवर्तन, बदलेगी इन राशि पर साढ़ेसाती-ढैय्या की स्थिति
ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का विशेष प्रभाव पड़ता है। साल 2027 में शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे जिससे शनि साढ़ेसाती और ढैय्या के चक्र में परिवर्तन आएगा।
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विस्तार
ज्योतिष में शनिदेव को न्याय और कर्मफलदाता माना गया है। सभी ग्रहों में शनिदेव सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं। शनि एक वर्ष में एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। शनि के राशि परिवर्तन से सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलता है। शनि अभी मीन राशि में हैं और साल 2027 में गोचर करने वाले हैं। जो एक बड़ा राशि परिवर्तन होगा। 3 जून 2027 को शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। शनि के राशि परिवर्तन करते ही लोगों के करियर,नौकरी, व्यापार और आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। शनि के गोचर करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के चक्र में बदलाव होगा। राशि परिवर्तन करने से वृषभ राशि पर साढ़ेसाती की शुरुआत होगी और कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती से राहत मिल जाएगी। वहीं मेष, मीन और वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों की शुरुआत भी हो जाएगी।
शनि का राशि परिवर्तन 2027
3 जून 2027 को शनि शनिदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। मेष राशि में शनिदेव नीच के हो जाते हैं ऐसे में इसका व्यापक प्रभाव सभी राशियों के ऊपर देखने को मिलेगा।
किन-किन राशियों पर साढ़ेसाती
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण होगा। मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण जबकि वृषभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा।
इस राशि से साढ़ेसाती होगी खत्म
शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही कुंभ राशि वालों के ऊपर से साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। जिससे लंबे समय से चली आ रही शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म हो जाएगा। साढ़ेसाती का प्रभाव खत्म होने से परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।
इन राशियों पर रहेगी शनि की ढैय्या ?
साल 2027 में शनि के गोचर करने से कन्या और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती की ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाएगा। इस दौरान आपको निर्णय लेने से बचना होगा और धैर्य से काम लेना होगा।
शनि का नीच राशि में गोचर
साल 2027 में शनि मीन से निकलकर अपनी नीच राशि मेष में गोचर करेंगे। शनि के नीच राशि में गोचर करने से लोगों को कार्यो में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। नौकरी, कारोबार, धन संबंधी मामलों में आपको बहुत है धैर्य, संयम और अनुशासन से काम लेना होगा।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।