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AI Highway Monitoring: अब एआई बताएगा कहां है गड्ढा, NHAI शुरू कर रहा है खास DAS सर्विस

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Mon, 23 Mar 2026 03:06 PM IST
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सार

AI Highway Monitoring: NHAI अब भारत के 40 हजार किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। इसके तहत 'डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस' (DAS) के जरिए सड़कों पर मौजूद 30 से ज्यादा तरह की कमियों, जैसे कि गड्ढे, दरारें और अवैध पार्किंग की पहचान ऑटोमैटिक तरीके से की जाएगी।

AI to Monitor India’s Highways: 40,000 km Roads to Get Smart Surveillance with Dashcam Analytics
NHAI डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस - फोटो : एक्स
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विस्तार

भारत की सड़कें अब पहले से ज्यादा स्मार्ट होने वाली हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देश के लगभग 40 हजार किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेने जा रही है। सीधे शब्दों में कहें तो, अब इंसानी आंखों से पहले मशीनें सड़क की कमियां पकड़ लेंगी। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा प्लान:

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क्या है 'डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस' (DAS)?

इस नई तकनीक को डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस (DAS) नाम दिया गया है। इसके तहत हाईवे की निगरानी करने वाली 'रूट पेट्रोल गाड़ियों' (RPVs) को हाई-रेजोल्यूशन वाले स्मार्ट डैशकैम से लैस किया जाएगा। ये गाड़ियां हाईवे पर चलते हुए लगातार वीडियो और तस्वीरें कैप्चर करेंगी। इन्हें बाद में एडवांस एआई और मशीन लर्निंग मॉडल्स के जरिए बारीकी से स्कैन किया जाएगा। यह सिस्टम इतना सटीक है कि ये मानवीय दखल के बिना ही सड़क पर मौजूद 30 से भी ज्यादा तरह की कमियों और गड़बड़ियों को खुद ही पहचान लेगा। इससे सड़कों की मरम्मत का काम पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।

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हाईवे की इन 'बीमारियों' का होगा सटीक इलाज

जहां अक्सर मैन्युअल चेकिंग के दौरान सड़कों की छोटी-मोटी खामियां नजरअंदाज हो जाती हैं, वहीं यह नया एआई सिस्टम हर बारीक चीज पर पैनी नजर रखेगा। यह तकनीक न केवल सड़क की खराब हालत जैसे कि गड्ढे, दरारें और घिसी हुई सतह की पहचान करेगी, बल्कि लेन मार्किंग, क्रैश बैरियर और रोड साइन बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स की भी निगरानी करेगी। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से यह सिस्टम बिना अनुमति के कटे हुए डिवाइडर, अवैध होर्डिंग्स और गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों जैसी अवैध गतिविधियों को भी ट्रैक करेगा। यही नहीं, जलभराव, बंद पड़े नाले और सड़क किनारे बेतरतीब उगी झाड़ियों जैसे मेंटेनेंस से जुड़े मुद्दों को भी अब डेटा के जरिए तुरंत सुलझाया जा सकेगा।

रात के अंधेरे में भी होगी 'पड़ताल'

सिर्फ दिन ही नहीं, अब रात के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए महीने में कम से कम एक बार नाइट सर्वे किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि रात के अंधेरे में रोड मार्किंग और रिफ्लेक्टर (रेडियम) सही से चमक रहे हैं या नहीं, ताकि हादसों को रोका जा सके।

पांच जोन और हाई-टेक डिजिटल कंट्रोल रूम

इस पूरे मिशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए NHAI ने पूरे भारत को 5 अलग-अलग जोन में विभाजित किया है, ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। इन सभी जोन से मिलने वाला सारा डेटा एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इकट्ठा होगा। यहां अधिकारी रियल-टाइम में यह देख सकेंगे कि सड़क के किस हिस्से में मरम्मत की तत्काल जरूरत है और वहां काम की प्रोग्रेस क्या है। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा, क्योंकि अब आपको हाईवे पर खराब सड़कों की शिकायत करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। बल्कि यह स्मार्ट एआई सिस्टम खुद इंजीनियरों को अलर्ट भेजकर बता देगा कि 'यहां सड़क खराब है, इसे तुरंत ठीक कीजिए।'

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