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पूरी तरह इलेक्ट्रिक होगी दिल्ली: DTC बसों से लेकर कमर्शियल ट्रकों तक; जानें नई नीति में आपके लिए क्या है खास
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:14 PM IST
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सार
EV Charging Stations in Delhi: दिल्ली में रहने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली सरकार अपनी नई EV नीति (EV Policy 2.0) को अंतिम रूप दे रही है, जिसे आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। इस नई नीति का मकसद न केवल प्रदूषण कम करना है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों को आम आदमी की पहली पसंद बनाना है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : freepik
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विस्तार
प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देना अब प्राथमिकता बन चुका है। मौजूदा ईवी नीति मार्च के अंत में खत्म हो रही है, और सरकार उसी समय नई अपडेटेड पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है, जिसे बजट सत्र में पेश किया जाएगा।
पुरानी कार स्क्रैप करने पर एक लाख का फायदा
नई नीति के तहत, अगर आपके पास दिल्ली-पंजीकृत BS-IV या उससे पुरानी कार है और आप उसे स्क्रैप करके नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो सरकार आपको करीब एक लाख तक की प्रोत्साहन राशि (Incentive) प्रदान करेगी। यह कदम पुरानी डीजल-पेट्रोल गाड़ियों को सड़क से हटाने में मददगार साबित होगा।
7,000 नए चार्जिंग स्टेशनों का लक्ष्य
पूरे Delhi में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार लगभग 7000 नए चार्जिंग स्टेशन जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए करीब 400 वाहन निर्माता और वेंडर्स को शामिल करने की तैयारी की जा रही है, साथ ही प्राइवेट कंपनियों को भी इसमें भागीदारी का मौका मिलेगा, जिससे तेजी से नेटवर्क का विस्तार हो सके। फिलहाल शहर में करीब 8800 चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं माने जा रहे, इसलिए बड़े स्तर पर विस्तार जरूरी हो गया है।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, सरकार दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) की पूरी बस फ्लीट को इलेक्ट्रिक में बदलने पर काम कर रही है। इसके अलावा, कमर्शियल जरूरतों के लिए 1,100 मध्यम आकार के ईवी ट्रकों को मंजूरी देने पर भी विचार किया जा रहा है।
प्राइवेट प्लेयर्स और निर्माताओं की भागीदारी
सरकार ने लगभग 400 विक्रेताओं और वाहन निर्माताओं से चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं पर बात की है। माना जा रहा है कि निजी कंपनियों को इस क्षेत्र में शामिल करने से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से होगा। फिलहाल दिल्ली में लगभग 8,800 चार्जिंग स्टेशन सक्रिय हैं, जो ज्यादातर मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित हैं।
ये वाहन अभी भी सीएनजी पर निर्भर
ऑल इंडिया मोटर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली में थ्री-व्हीलर तो तेजी से ईवी में बदल रहे हैं, लेकिन मिनी ट्रकों के लिए अभी भी सीएनजी पर निर्भरता अधिक है। कमर्शियल सेक्टर में ईवी ट्रकों की सफलता पूरी तरह से सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग नेटवर्क की मजबूती पर टिकी है।
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पुरानी कार स्क्रैप करने पर एक लाख का फायदा
नई नीति के तहत, अगर आपके पास दिल्ली-पंजीकृत BS-IV या उससे पुरानी कार है और आप उसे स्क्रैप करके नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो सरकार आपको करीब एक लाख तक की प्रोत्साहन राशि (Incentive) प्रदान करेगी। यह कदम पुरानी डीजल-पेट्रोल गाड़ियों को सड़क से हटाने में मददगार साबित होगा।
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7,000 नए चार्जिंग स्टेशनों का लक्ष्य
पूरे Delhi में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार लगभग 7000 नए चार्जिंग स्टेशन जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए करीब 400 वाहन निर्माता और वेंडर्स को शामिल करने की तैयारी की जा रही है, साथ ही प्राइवेट कंपनियों को भी इसमें भागीदारी का मौका मिलेगा, जिससे तेजी से नेटवर्क का विस्तार हो सके। फिलहाल शहर में करीब 8800 चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं माने जा रहे, इसलिए बड़े स्तर पर विस्तार जरूरी हो गया है।
- नोडल एजेंसी: दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यान्वयन की देखरेख करेगी।
- पब्लिक एक्सेस: अब डीटीसी बस डिपो में भी आम जनता के लिए चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, सरकार दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) की पूरी बस फ्लीट को इलेक्ट्रिक में बदलने पर काम कर रही है। इसके अलावा, कमर्शियल जरूरतों के लिए 1,100 मध्यम आकार के ईवी ट्रकों को मंजूरी देने पर भी विचार किया जा रहा है।
प्राइवेट प्लेयर्स और निर्माताओं की भागीदारी
सरकार ने लगभग 400 विक्रेताओं और वाहन निर्माताओं से चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं पर बात की है। माना जा रहा है कि निजी कंपनियों को इस क्षेत्र में शामिल करने से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से होगा। फिलहाल दिल्ली में लगभग 8,800 चार्जिंग स्टेशन सक्रिय हैं, जो ज्यादातर मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित हैं।
ये वाहन अभी भी सीएनजी पर निर्भर
ऑल इंडिया मोटर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली में थ्री-व्हीलर तो तेजी से ईवी में बदल रहे हैं, लेकिन मिनी ट्रकों के लिए अभी भी सीएनजी पर निर्भरता अधिक है। कमर्शियल सेक्टर में ईवी ट्रकों की सफलता पूरी तरह से सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग नेटवर्क की मजबूती पर टिकी है।
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