Highway: क्या NHAI अब हाईवे मॉनिटरिंग के लिए AI टेक्नोलॉजी का करेगा इस्तेमाल? 40,000 Km हाईवे पर होगी निगरानी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कहा है कि सड़कों के रखरखाव और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के लगभग 40,000 किलोमीटर हिस्से पर AI-आधारित डैशकैम सिस्टम लगाए जाएंगे। जानें इससे क्या फायदे होंगे।
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) (NHAI) ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए AI-आधारित डैशकैम सिस्टम लागू करने की घोषणा की है।
यह सिस्टम लगभग 40,000 किमी लंबे हाईवे नेटवर्क पर लागू किया जाएगा।
यह AI डैशकैम सिस्टम कैसे काम करेगा?
इस योजना के तहत:
-
विशेष डैशबोर्ड कैमरे रूट पेट्रोल व्हीकल (RPV) में लगाए जाएंगे
-
ये वाहन हर सप्ताह हाईवे का सर्वे करेंगे
AI सिस्टम कैमरों के जरिए डेटा इकट्ठा कर समस्याओं की पहचान करेगा और रिपोर्ट तैयार करेगा।
किन समस्याओं की पहचान की जाएगी?
इस सिस्टम का मुख्य फोकस सड़क की स्थिति और सुरक्षा पर होगा।
सड़क से जुड़ी समस्याएं:
-
गड्ढे
-
दरारें
-
सड़क की सतह की खराबी
सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं:
-
फीकी पड़ी लेन मार्किंग
-
खराब क्रैश बैरियर
-
बंद या खराब स्ट्रीट लाइट
अन्य मुद्दे:
-
अवैध कट
-
अनधिकृत साइनबोर्ड
-
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग
क्या रात में भी सर्वे किया जाएगा?
हां, NHAI के अनुसार:
-
हर महीने कम से कम एक बार रात में सर्वे किया जाएगा
-
इसका उद्देश्य होगा:
-
साइनबोर्ड की विजिबिलिटी जांचना
-
रोड मार्किंग और रिफ्लेक्टर्स की स्थिति देखना
-
लाइटिंग सिस्टम की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना
-
क्या मेंटेनेंस से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी नजर रखी जाएगी?
हां, यह सिस्टम केवल सड़क की सतह तक सीमित नहीं रहेगा।
यह इन चीजों को भी मॉनिटर करेगा:
-
जलभराव
-
ड्रेनेज कवर की स्थिति
-
झाड़ियों/घास की बढ़ोतरी
-
बस स्टॉप और बस बे की स्थिति
डेटा मॉनिटरिंग कैसे होगी?
बेहतर निगरानी के लिए:
-
पूरे हाईवे नेटवर्क को 5 जोन में बांटा गया है
-
एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा इकट्ठा और विश्लेषण किया जाएगा
इससे:
-
समस्याओं की जल्दी पहचान होगी
-
मरम्मत और सुधार तेजी से किया जा सकेगा
दुर्घटनाओं को कम करना मकसद
AI आधारित डैशकैम सिस्टम NHAI के लिए एक बड़ा तकनीकी कदम है, जो भारत के हाईवे को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बनाएगा।
यह पहल न सिर्फ सड़क की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगी, बल्कि दुर्घटनाओं को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।