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Vahan Portal: तेलंगाना ‘वाहन’ पोर्टल से जुड़ा, इंटरस्टेट वाहन ट्रांसफर होगा आसान, जानें और क्या फायदे होंगे

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 23 Mar 2026 06:14 PM IST
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सार

सोमवार से, तेलंगाना अपनी परिवहन सेवाओं को राष्ट्रीय 'वाहन' पोर्टल के साथ एकीकृत करेगा, जो वाहन-संबंधी सेवाओं में सुव्यवस्थित और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

Telangana Integrates with Vahan Portal: Interstate Vehicle Transfers Simplified, 2% Tax on Used Cars Scrapped
Vehicles - फोटो : PTI
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विस्तार

तेलंगाना सोमवार से अपने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को राष्ट्रीय ‘वाहन’ पोर्टल से जुड़ गया है। इस कदम के बाद राज्य एकीकृत डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम का हिस्सा बना गया। तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सोमवार (23 मार्च, 2026) को ‘वाहन’ पोर्टल का उद्घाटन किया।

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इसके साथ ही, राज्य राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस प्रणाली से जुड़ गया है, जिसका उद्देश्य परिवहन सेवाओं को सुव्यवस्थित करना और पारदर्शिता बढ़ाना है। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार ने दूसरे और उसके बाद के निजी वाहनों पर पहले से लगने वाले अतिरिक्त 2 प्रतिशत आजीवन कर (लाइफटाइम टैक्स) को सोमवार से समाप्त कर दिया है। 
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यह जुड़ाव क्यों अहम है?
इस फैसले के तहत राज्य का वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा अब सीधे केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय के राष्ट्रीय डेटाबेस से जुड़ गया है। इससे खासतौर पर इंटरस्टेट (दूसरे राज्यों में) वाहन ट्रांसफर की पुरानी दिक्कतें काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस इंटीग्रेशन से कई बड़े फायदे मिलेंगे:

  • वाहन ट्रांसफर और री-रजिस्ट्रेशन तेज और आसान होगा

  • दूसरे राज्यों के RTO के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी

  • पूरा काम डिजिटल तरीके से हो जाएगा

  • प्रशासनिक देरी कम होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी

 

पहले क्या समस्या थी?
अब तक तेलंगाना अपना अलग IT सिस्टम इस्तेमाल कर रहा था, जबकि कई राज्य पहले ही ‘वाहन’ से जुड़ चुके थे। इसी वजह से इंटरस्टेट ट्रांसफर, कंप्लायंस और रजिस्ट्रेशन में देरी होती थी।

यह बदलाव कब और कैसे शुरू हुआ?
दिसंबर 2023 में नई सरकार आने के बाद इस दिशा में तेजी आई। सबसे पहले ‘सारथी’ पोर्टल से ड्राइविंग लाइसेंस सेवाएं जोड़ी गईं, और अब ‘वाहन’ के जुड़ने से पूरा सिस्टम राष्ट्रीय ढांचे में शामिल हो गया है।

अब कौन-कौन सी सेवाएं होंगी आसान?
इस डिजिटल इंटीग्रेशन के बाद कई काम आसान हो जाएंगे:

  • वाहन की ओनरशिप बदलना

  • एड्रेस अपडेट करना

  • डुप्लीकेट RC बनवाना

  • लोन (हाइपोथिकेशन) की एंट्री और क्लोजर

  • ई-चालान और रोड टैक्स का भुगतान

खासकर कमर्शियल वाहन मालिकों को इंटरस्टेट ऑपरेशन में बड़ा फायदा मिलेगा।

सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने वालों के लिए क्या फायदा?
अब खरीदार आसानी से गाड़ी का पूरा इतिहास देख सकेंगे। जैसे पिछले मालिक, बकाया चालान या लोन। इससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।

क्या टैक्स में भी कोई बदलाव हुआ है?
हां, सरकार ने सेकेंड हैंड वाहनों पर लगने वाला अतिरिक्त 2 प्रतिशत लाइफटाइम टैक्स खत्म कर दिया है। यह फैसला भी सोमवार से लागू हो गया है।

कुल मिलाकर क्या असर पड़ेगा?
इस पूरे बदलाव से:

  • सिस्टम ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेगा

  • मैन्युअल काम कम होगा

  • राष्ट्रीय स्तर के नियमों के साथ तालमेल बेहतर होगा

  • आम लोगों के लिए वाहन से जुड़े काम काफी आसान हो जाएंगे

यानि, अब वाहन से जुड़े ज्यादातर काम “एक देश, एक सिस्टम” के तहत सरल और डिजिटल तरीके से पूरे हो सकेंगे।

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