Ford SUV Recall: फोर्ड ने रिकॉल की 2.5 लाख से ज्यादा एसयूवी कारें, कैमरे और सेफ्टी फीचर्स में है बड़ी खराबी
Ford To Recall SUV: अमेरिकन वाहन निर्माता Ford ने अपनी SUV गाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। इन कारों के इमेज प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर में एक बड़ी तकनीकी खराबी बताई जा रही है। इसकी वजह से गाड़ी का रियरव्यू कैमरा और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) जैसे जरूरी सेफ्टी फीचर्स अचानक काम करना बंद कर सकते हैं। हादसों का खतरा बढ़ने के कारण अमेरिका की सड़क सुरक्षा संस्था NHTSA ने फोर्ड एक्सप्लोरर और लिंकन नेविगेटर समेत कई लग्जरी मॉडल्स को रिकॉल करने का फैसला किया है। आइए विस्तार से जानते हैं क्या है यह पूरी खराबी और कौन-कौन सी कारें हैं इससे प्रभावित...
विस्तार
फोर्ड मोटर ने एक बड़ा रिकॉल करते हुए अपनी 2.5 लाख से ज्यादा एसयूवी (SUV) कारों को वापस मंगाया है। अमेरिका की सड़क सुरक्षा संस्था नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) ने मंगलवार को जानकारी दी कि इन कारों के सॉफ्टवेयर में खराबी आ गई है। इसके बाद 2,54,640 एसयूवी कारों को अमेरिका में रिकॉल किया गया है। कंपनी का कहना है कि इसका सीधा असर गाड़ी के कैमरे और कई जरूरी सेफ्टी फीचर्स पर पड़ रहा है। आइए जानते कौन सी एसयूवी वापस बुलाई गई है और क्या है पूरा मामला...
खराबी क्या है?
इन कारों के 'इमेज प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर' में एक तकनीकी खराबी पाई गई है। इसके कारण यह सिस्टम अचानक रीसेट हो जाता है। इस समस्या की वजह से गाड़ी चलाते समय रियरव्यू कैमरा बंद हो सकता है, जिससे बैक करते वक्त पीछे का नजारा दिखना बंद हो जाता है।
इतना ही नहीं, यह खराबी गाड़ी के एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को भी प्रभावित करती है। इसके परिणामस्वरूप प्री-कोलिजन असिस्ट, लेन-कीपिंग असिस्ट और ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स अचानक काम करना बंद कर सकते हैं, जिससे सड़क पर हादसे का खतरा काफी बढ़ जाता है।
किन मॉडल्स पर पड़ा है असर?
NHTSA के अनुसार, इस रिकॉल का असर मुख्य रूप से फोर्ड और लिंकन की चुनिंदा एसयूवी पर पड़ा है। इनमें फोर्ड एक्सप्लोरर के साथ-साथ लिंकन नेविगेटर, नॉटिलस और एविएटर जैसे मॉडल्स शामिल हैं।
क्या है इसका समाधान?
कंपनी ने इस समस्या का हल निकाल लिया है। फोर्ड के डीलर्स इस सॉफ्टवेयर को अपडेट करेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए कुछ ग्राहकों को सर्विस सेंटर जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि कंपनी इसे ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट के जरिए इंटरनेट से भी ठीक कर सकती है।