Mobility: महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए ई-ऑटो परमिट से लेकर EV पॉलिसी 2.0 तक, मोबिलिटी सेक्टर के बड़े एलान
Big Mobility Announcement: मोबिलिटी और ऑटो सेक्टर में दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए कई शानदार घोषणाएं हुई हैं। दिल्ली के बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली 'DURGA' ई-ऑटो योजना से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0, नई टेस्टिंग सुविधाओं और 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरों तक जानिए ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए क्या है खास?
विस्तार
अगर आप दिल्ली में रहते हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) या ट्रांसपोर्ट से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी रखते हैं तो दिल्ली का नया बजट आपके लिए कई बड़े अपडेट्स लेकर आया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में राजधानी को 'ग्रीन और प्रदूषण-मुक्त' बनाने के लिए ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 8,374 करोड़ रुपये का बड़ा बजट दिया है। आइए समझते हैं कि इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर, ट्रांसपोर्टेशन और आम जनता के लिए क्या-क्या खास एलान हुए हैं:
ई-ऑटो से रोजगार देगी नई 'DURGA' स्कीम
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने और समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान 'DURGA' (ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वोमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो) नाम की एक नई और अहम योजना का एलान किया। इस योजना का मुख्य मकसद महिलाओं और ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के नए अवसर देना है। इसके तहत, योजना के पहले चरण में ही एक हजार महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को नए ई-ऑटो (ई-ऑटो) के परमिट जारी किये जाएंगे। इसके लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, ताकि वे प्रोफेशनल ड्राइवर बनकर न सिर्फ अपनी आजीविका कमा सकें, बल्कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने में भी अपना योगदान दें।
ईवी पॉलिसी 2.0 और सड़कों पर उतरेंगी हजारों नई इलेक्ट्रिक बसें
इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए सरकार ने 'दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी2.0' के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड तय किया है। इसके तहत नई ईवी खरीदने पर छूट और पुरानी गाड़ी कबाड़ में देने पर फायदे दिए जाएंगे। वहीं, दिल्ली को 'जीरो-एमिशन' पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाला शहर बनाने के लिए 'पीएम ई-ड्राइव' पहल के तहत जल्द ही सड़कों पर 6,130 नई ई-बसें उतारी जाएंगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक सड़कों पर 7,500 बसें (जिनमें 5,800 ई-बसें होंगी) और 2029 तक 12 हजार ई-बसें दौड़ाने का है। बसों की चार्जिंग और डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 320 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं।
DTC बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए फ्री सफर रहेगा जारी
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नियमित इस्तेमाल करने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए भी बजट में एक बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने डीटीसी (DTC) बसों में इनके लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। इस सहूलियत को बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलाने के लिए बजट में 450 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है, ताकि इन वर्गों को शहर में सुरक्षित और मुफ्त सफर का लाभ लगातार मिलता रहे।
DUMTA से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति और सड़कों पर बढ़ेगी सुरक्षा
दिल्ली में मेट्रो, बस और रेलवे जैसी अलग-अलग ट्रांसपोर्ट सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 'DUMTA' (दिल्ली यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) नाम की एक नई संस्था बनाई जा रही है, जिसके लिए पांच करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही, रोजाना सफर करने वालों (खासकर महिलाओं) की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए PWD की सड़कों से डार्क स्पॉट्स खत्म किए जाएंगे। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से नई 'स्मार्ट एलईडी लाइट्स' और 225 करोड़ रुपये की लागत से 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। गाड़ियों की फिटनेस जांचने के लिए 5 नए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
ऑटो सेक्टर के अलावा महिलाओं के लिए भी खुला पिटारा
हालांकि यह बजट मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट और ईवी सेक्टर को रफ्तार देने पर केंद्रित है, लेकिन सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कुछ और भी बड़े एलान किए हैं। 'महिला समृद्धि योजना' के तहत अब महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। त्योहारों की खुशी दोगुनी करने के लिए सरकार ने होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर देने का भी फैसला लिया है। इसके अलावा, बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 'लखपति बिटिया योजना' शुरू की जा रही है, जिसमें बच्ची के जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक खाते में पैसे जमा किए जाएंगे, जो मैच्योरिटी पर 1.2 लाख रुपये बन जाएंगे। महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने के लिए 'रानी हाट' नाम से नए स्पेस भी बनाए जाएंगे।
गाड़ियों की सेफ्टी के लिए बनेंगे नए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन
सड़क सुरक्षा और गाड़ियों की फिटनेस को लेकर भी बजट में अहम कदम उठाए गए हैं। वाहनों की सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए सरकार का जोर 'ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशनों' (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) पर है। राजधानी के नंद नगरी, बुराड़ी और तहखंड में ऐसे तीन स्टेशन पहले ही बनाए जा चुके हैं। अब इस सुविधा को और ज्यादा विस्तार देते हुए, दिल्ली के बड़े डीटीसी डिपो पर 50 करोड़ रुपये की लागत से पांच और नए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ताकि गाड़ियों की जांच प्रक्रिया को ज्यादा आधुनिक, पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।