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Private Sleeper Bus: क्या आंध्र प्रदेश में प्राइवेट स्लीपर बसों पर लग सकता है बैन? हादसों के बाद सरकार सख्त

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 09 Apr 2026 07:10 PM IST
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सार

आंध्र प्रदेश सरकार निजी स्लीपर बसों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। यह कदम इन वाहनों से जुड़ी हाल की गंभीर दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के कारण उठाया जा रहा है।

Andhra Pradesh May Ban Private Sleeper Buses After Fatal Accidents: New Safety Rules Explained
प्रतिकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आंध्र प्रदेश  सरकार प्राइवेट स्लीपर बसों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में इन बसों से जुड़े कई गंभीर हादसों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।

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सरकार इस फैसले पर क्यों विचार कर रही है?
लगातार हो रहे जानलेवा सड़क हादसों ने सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया है।

इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने बैठक की।

बैठक में किन नेताओं ने हिस्सा लिया?
इस बैठक में राज्य के परिवहन मंत्री मंडीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी और गृह मंत्री वंगलपुडी अनिता भी मौजूद रहे।

बैठक में बस हादसों को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।

स्लीपर बसों में क्या खामियां पाई गईं?
अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर प्राइवेट स्लीपर बसें फैक्ट्री में बनी नहीं होतीं, बल्कि बाद में मॉडिफाई की जाती हैं।

इनमें कई गंभीर खामियां पाई गईं:

  • सुरक्षा मानकों का पालन नहीं

  • पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट की कमी

  • खराब वेंटिलेशन

 

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सरकार की पहली कार्रवाई क्या होगी?
परिवहन मंत्री ने कहा कि पहले चरण में गैर-फैक्ट्री निर्मित स्लीपर बसों पर प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

साथ ही, केंद्र सरकार से भी अनुरोध किया जाएगा कि असुरक्षित स्लीपर बसों पर कड़े नियम लागू किए जाएं या उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।

 

क्या नए सुरक्षा नियम लागू किए जा रहे हैं?
सरकार ने तत्काल प्रभाव से कई नए सुरक्षा उपाय लागू करने की घोषणा की है:

  • यात्रा समय को दूरी के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा

  • तय समय से पहले पहुंचने वाली बसों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा

  • इसका उद्देश्य ओवरस्पीडिंग को रोकना है

 

लंबी दूरी की बसों के लिए क्या नियम होंगे?
300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर चलने वाली प्राइवेट बसों में अब दो ड्राइवर अनिवार्य होंगे।

इसका मकसद लंबी यात्राओं में ड्राइवर की थकान को कम करना और सुरक्षा बढ़ाना है। 

क्या यह कदम यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगा?
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संख्या कम होगी।

यदि यह प्रतिबंध लागू होता है, तो यह राज्य में प्राइवेट बस ऑपरेशन के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

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