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Car Loan: कार फाइनेंस कराने जा रहे हैं? नुकसान से बचना है तो, इन पांच बातों को न करें नजरअंदाज
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 23 Jan 2026 08:54 PM IST
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सार
नई कार के लिए फाइनेंस कराने से पहले, बात सिर्फ EMI की नहीं होती। पूरे लोन की शर्तों को समझना बहुत जरूरी है।
Car Loan
- फोटो : Freepik
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विस्तार
नई कार खरीदना खुशी का पल होता है, लेकिन जब यह खरीद लोन के जरिए होती है, तो थोड़ी समझदारी बेहद जरूरी हो जाती है। सिर्फ कम EMI (ईएमआई) देखकर फैसला करना अक्सर नुकसानदेह साबित होता है। असली लागत ब्याज, चार्जेस, डाउन पेमेंट और लोन की शर्तों में छिपी होती है। अगर इन पहलुओं को ठीक से समझे बिना लोन लिया गया, तो आज की खुशी कल की परेशानी बन सकती है। इसलिए कार चुनने के साथ-साथ लोन की शर्तों को समझना भी उतना ही जरूरी है।
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सिर्फ ब्याज दर नहीं, कुल भुगतान पर नजर रखें
अधिकतर लोग कार लोन लेते समय सबसे पहले इंटरेस्ट रेट पूछते हैं, लेकिन असली तस्वीर कुल भुगतान राशि से सामने आती है। दो लोन की ब्याज दर एक जैसी हो सकती है, लेकिन अवधि और अतिरिक्त चार्ज अलग होने से कुल रकम में बड़ा फर्क पड़ सकता है। प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क ईएमआई में साफ नजर नहीं आते। लेकिन आपकी जेब पर असर जरूर डालते हैं। इसलिए हमेशा यह पूछें कि पूरे लोन पीरियड में कुल कितना पैसा चुकाना होगा।
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अधिकतर लोग कार लोन लेते समय सबसे पहले इंटरेस्ट रेट पूछते हैं, लेकिन असली तस्वीर कुल भुगतान राशि से सामने आती है। दो लोन की ब्याज दर एक जैसी हो सकती है, लेकिन अवधि और अतिरिक्त चार्ज अलग होने से कुल रकम में बड़ा फर्क पड़ सकता है। प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क ईएमआई में साफ नजर नहीं आते। लेकिन आपकी जेब पर असर जरूर डालते हैं। इसलिए हमेशा यह पूछें कि पूरे लोन पीरियड में कुल कितना पैसा चुकाना होगा।
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Car Loan Tips
- फोटो : Freepik
ज्यादा डाउन पेमेंट = सस्ता लोन
कम डाउन पेमेंट का लालच कई बार भारी पड़ता है। कम डाउन पेमेंट का मतलब है ज्यादा लोन और ज्यादा ब्याज। अगर आप शुरुआत में ज्यादा रकम चुकाते हैं, तो लोन की मूल राशि कम हो जाती है, ईएमआई आसान रहती है और कुल ब्याज भी घटता है। कोशिश करें कि सिर्फ न्यूनतम डाउन पेमेंट पर न रुकें, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा भुगतान करें। लंबे समय में यह फैसला आपको आर्थिक रूप से राहत देगा।
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कम डाउन पेमेंट का लालच कई बार भारी पड़ता है। कम डाउन पेमेंट का मतलब है ज्यादा लोन और ज्यादा ब्याज। अगर आप शुरुआत में ज्यादा रकम चुकाते हैं, तो लोन की मूल राशि कम हो जाती है, ईएमआई आसान रहती है और कुल ब्याज भी घटता है। कोशिश करें कि सिर्फ न्यूनतम डाउन पेमेंट पर न रुकें, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा भुगतान करें। लंबे समय में यह फैसला आपको आर्थिक रूप से राहत देगा।
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लोन की अवधि सोच-समझकर चुनें
लंबी अवधि का लोन ईएमआई को कम जरूर कर देता है, लेकिन इससे कुल ब्याज काफी बढ़ जाता है। वहीं, छोटी अवधि का लोन ईएमआई को थोड़ा भारी बनाता है। लेकिन कार जल्दी आपकी हो जाती है और ब्याज कम देना पड़ता है। इसलिए सिर्फ ईएमआई देखकर अवधि तय न करें। अपनी मासिक आय, खर्च और बचत को ध्यान में रखकर ऐसी अवधि चुनें जिसमें ईएमआई भी संभालने लायक हो और लोन बेवजह लंबा न खिंचे।
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लंबी अवधि का लोन ईएमआई को कम जरूर कर देता है, लेकिन इससे कुल ब्याज काफी बढ़ जाता है। वहीं, छोटी अवधि का लोन ईएमआई को थोड़ा भारी बनाता है। लेकिन कार जल्दी आपकी हो जाती है और ब्याज कम देना पड़ता है। इसलिए सिर्फ ईएमआई देखकर अवधि तय न करें। अपनी मासिक आय, खर्च और बचत को ध्यान में रखकर ऐसी अवधि चुनें जिसमें ईएमआई भी संभालने लायक हो और लोन बेवजह लंबा न खिंचे।
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प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर शर्तें जरूर पढ़ें
आज की आय कल बदल सकती है। भविष्य में अगर आपके पास लोन जल्दी चुकाने का मौका आए और बैंक भारी पेनल्टी लगा दे, तो फायदा कम हो जाता है। इसलिए लोन लेते समय प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज के बारे में साफ जानकारी लें। कई बैंक शुरुआती वर्षों में ज्यादा शुल्क वसूलते हैं। इन शर्तों को पहले समझना बहुत जरूरी है।
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बीमा और एक्स्ट्रा पैकेज के झांसे में न आएं
अक्सर शोरूम फाइनेंस के साथ महंगा बीमा, एक्सेसरी पैकेज और एक्सटेंडेड वारंटी जोड़ देते हैं, जो ईएमआई में छुप जाते हैं। इससे असली लागत समझना मुश्किल हो जाता है। याद रखें, आपको बीमा बाहर से लेने का पूरा अधिकार है और आप अलग-अलग कंपनियों के रेट की तुलना कर सकते हैं। एक्सटेंडेड वारंटी या मेंटेनेंस पैकेज तभी लें, जब उनकी सच में जरूरत हो। वरना ये आपकी कार को बेवजह महंगा बना देते हैं।
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समझदारी से लिया गया लोन देगा सुकून
नई कार का आनंद तभी पूरा होता है, जब उसका फाइनेंस बोझ न बने। सही जानकारी, थोड़ी प्लानिंग और सही सवाल पूछकर आप न सिर्फ पैसे बचा सकते हैं, बल्कि आने वाले वर्षों में मानसिक शांति भी पा सकते हैं।
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