{"_id":"6a7aade176a25ac0f40b5b6b","slug":"cars-becoming-computers-wheels-why-snapdragon-powering-next-generation-vehicle-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Snapdragon Digital Chassis: मर्सिडीज से महिंद्रा तक, जानें कार कंपनियों की पहली पसंद क्यों बन रहा यह प्रोसेसर","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Snapdragon Digital Chassis: मर्सिडीज से महिंद्रा तक, जानें कार कंपनियों की पहली पसंद क्यों बन रहा यह प्रोसेसर
Tue, 11 Aug 2026 10:41 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:41 AM IST
सार
AI cars: क्या आपकी कार भी एक स्मार्टफोन ऑन व्हील्स बन चुकी है? मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू से लेकर महिंद्रा और टाटा मोटर्स तक, आज की नई गाड़ियां केवल सड़क पर चलने वाला वाहन नहीं, बल्कि पहियों पर दौड़ता हुआ सुपरकंप्यूटर बनता जा रहा है।
5G नेटवर्क, AI वॉयस असिस्टेंट, बड़े 3D डिस्प्ले और ADAS जैसी ऑटोमैटिक ड्राइविंग तकनीकों को चलाने के लिए कारों को एक दमदार दिमाग की जरूरत होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि दुनिया भर की दिग्गज कार कंपनियां Qualcomm के Snapdragon Digital Chassis पर ही इतना भरोसा क्यों जता रही हैं? इसमें ऐसा क्या खास है, जो इसे इतना स्मार्ट बनाता है? जानिए इस लेख में।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Snapdragon Digital Chassis: आधुनिक कारें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि डिजिटल डैशबोर्ड, बड़ी टचस्क्रीन, 5G कनेक्टिविटी, एआई, ADAS और ऑटोमैटिक ड्राइविंग जैसी तकनीकों से कंप्यूटर बनती जा रही हैं। लग्जरी से लेकर बजट सेगमेंट तक कई कंपनियां अपनी आधुनिक कारों में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि बाजार में मीडियाटेक भी मौजूद हैं, जिसने कारों के लिए अपना डायमेनसिटी ऑटो प्लेटफॉर्म पेश किया है। लेकिन ग्लोबल ऑटोमोटिव बाजार में स्नैपड्रैगन का प्रभाव काफी मजबूत नजर आता है।
स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस क्या है ?
दरअसल क्वालकॉम कार कंपनियों को सिर्फ एक अकेली चिप नहीं बेचता, बल्कि वह एक पूरा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है, जिसे डिजिटल चेसिस (Digital Chassis) कहा जाता है। इसके चार हिस्से होते हैं।
कम बिजली में दमदार परफॉर्मेंस
वहीं, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ईवी के दोर में बैटरी बेचना भी एक तरह की चुनौती है। कारों में लगे प्रोसेसर को बिना पंखें के ठंडा रहना पड़ता है। साथ ही वे ज्यादा बिजली की खपत भी नहीं कर सकते। चूंकि स्नैपड्रैगन को स्मार्टफोन की तकनीक से डेवलप किया गया है, इसलिए यह बेहद कम इलेक्ट्रिसिटी में भारी भरकम काम आसानी से निपटाने की क्षमता रखता है। इसमें अच्छी बात यह है कि इसका ईवी की ड्राइविंग रेंज पर भी बुरा असर नहीं पड़ता।
इन-बिल्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कैमरा सपोर्ट
आजकल लॉन्च होने वाली अधिकतर गाड़ियों में कैमरे, रडार और सेंसर्स लगे होते हैं। स्नैपड्रैगन चिप्स में एक खास न्यूरल प्राेसेसिंग यूनिट (NPU) होती है। यह लोकल एआई के जरिए बिना इंटरनेट के ही सड़क पर लेन बदलना, पैदल चलते यात्रियों को पहचानना या ड्राइवर को नींद आने जैसी स्थितियों को पलक झपकते ही डिटेक्ट कर लेती है।
कम होंगे चिप और वायरिंग का झंझट
कार खरीदने के बाद भी जुड़ेंगे नए फीचर्स
Snapdragon को MediaTek से मिल रही टक्कर
वहीं, ऑटोमोटिव प्रोसेसर बाजार में क्वालकाम अकेले नहीं है, मीडियाटेक ने भी कारों के लिए Dimensity Auto प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से बजट और कुछ चीनी कारों में इस्तेमाल होता है।
क्यों हो रहा बदलाव?
एक्सपर्ट्स की मानें तो कार कंपनियां अब गाड़ी बेचने के बाद भी उसमें समय-समय पर नए फीचर्स जोड़ना चाहती हैं। स्नैपड्रैगन प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कार खरीदने के कई वर्षों बाद भी इंटरनेट के जरिए उसमें नए फीचर्स, बेहतर ऑटोपायलट सिस्टम या नए सुरक्षा अपडेट्स आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। जोकि स्मार्ट कार चालकों के लिए काफी शानदार हो सकता है, क्योंकि वह नए-नए तकनीक का फायदा अपनी पुरानी कार में ही उठा सकता है।
विज्ञापन
स्नैपड्रैगन डिजिटल चेसिस क्या है ?
दरअसल क्वालकॉम कार कंपनियों को सिर्फ एक अकेली चिप नहीं बेचता, बल्कि वह एक पूरा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है, जिसे डिजिटल चेसिस (Digital Chassis) कहा जाता है। इसके चार हिस्से होते हैं।
विज्ञापन
- स्नैपड्रैगन कॉकपिट: यह कार के अंदर मौजूद बड़ी 3D स्क्रीन्स, पैसेंजर डिस्प्ले, वॉयस असिस्टेंस और म्यूजिक सिस्टम को कंट्रोल करता है।
- स्नैपड्रैगन राइड: यह ऑटोमैटिक ड्राइविंग (ADAS), ऑटो-पार्किंग और सुरक्षा से जुड़े एआई फैसलों को संभालता है।
- ऑटो कनेक्टिविटी: यह कार में 5G, वाई-फाई और जीपीएस जैसी कनेक्टिविटी को सुचारू और तेज बनाता है।
- कार-टू-क्लाउड: इसके जरिए कार कंपनियां गाड़ियों में घर बैठे ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट्स (OTA Updates) दे सकती हैं।
विज्ञापन
कम बिजली में दमदार परफॉर्मेंस
वहीं, एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ईवी के दोर में बैटरी बेचना भी एक तरह की चुनौती है। कारों में लगे प्रोसेसर को बिना पंखें के ठंडा रहना पड़ता है। साथ ही वे ज्यादा बिजली की खपत भी नहीं कर सकते। चूंकि स्नैपड्रैगन को स्मार्टफोन की तकनीक से डेवलप किया गया है, इसलिए यह बेहद कम इलेक्ट्रिसिटी में भारी भरकम काम आसानी से निपटाने की क्षमता रखता है। इसमें अच्छी बात यह है कि इसका ईवी की ड्राइविंग रेंज पर भी बुरा असर नहीं पड़ता।
इन-बिल्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कैमरा सपोर्ट
आजकल लॉन्च होने वाली अधिकतर गाड़ियों में कैमरे, रडार और सेंसर्स लगे होते हैं। स्नैपड्रैगन चिप्स में एक खास न्यूरल प्राेसेसिंग यूनिट (NPU) होती है। यह लोकल एआई के जरिए बिना इंटरनेट के ही सड़क पर लेन बदलना, पैदल चलते यात्रियों को पहचानना या ड्राइवर को नींद आने जैसी स्थितियों को पलक झपकते ही डिटेक्ट कर लेती है।
कम होंगे चिप और वायरिंग का झंझट
- विशेषज्ञ कहते हैं कि पुरानी कारों में अलग-अलग काम के लिए अलग इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट यानी ECU का इस्तेमाल किया जाता था। रेडियो, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और दूसरे सिस्टम के लिए अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरत होती थी।
- लेकिन अब ज्यादा शक्तिशाली कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म एक ही जगह कई काम संभाल सकते हैं। इससे कार में अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है।
- इसके साथ वायरिंग का जटिल नेटवर्क कम, वजन में कमी और निर्माण लागत को नियंत्रित करने जैसे फायदे भी मिल सकते हैं।
कार खरीदने के बाद भी जुड़ेंगे नए फीचर्स
- इसका यानी स्मार्ट कारों का बड़ा फायदा यह भी है कि उनका तकनीकी सफर कार खरीदने के साथ खत्म नहीं होता है।
- OTA अपडेट के जरिए कंपनियां कार के सॉफ्टवेयर में नए फीचर्स, बेहतर सुरक्षा अपडेट या ड्राइविंग सिस्टम में सुधार जोड़ सकती हैं।
- इसका मतलब है कि भविष्य में कार को लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए बेहतर बनाया जा सकता है।
Snapdragon को MediaTek से मिल रही टक्कर
वहीं, ऑटोमोटिव प्रोसेसर बाजार में क्वालकाम अकेले नहीं है, मीडियाटेक ने भी कारों के लिए Dimensity Auto प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से बजट और कुछ चीनी कारों में इस्तेमाल होता है।
क्यों हो रहा बदलाव?
एक्सपर्ट्स की मानें तो कार कंपनियां अब गाड़ी बेचने के बाद भी उसमें समय-समय पर नए फीचर्स जोड़ना चाहती हैं। स्नैपड्रैगन प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कार खरीदने के कई वर्षों बाद भी इंटरनेट के जरिए उसमें नए फीचर्स, बेहतर ऑटोपायलट सिस्टम या नए सुरक्षा अपडेट्स आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। जोकि स्मार्ट कार चालकों के लिए काफी शानदार हो सकता है, क्योंकि वह नए-नए तकनीक का फायदा अपनी पुरानी कार में ही उठा सकता है।