Car Driving Mistakes: कहीं आपकी ड्राइविंग आदतों के कारण तो नहीं घिस रहे कार ब्रेक? जानिए बचाव का सही तरीका
ब्रेकिंग सिस्टम किसी भी कार में सबसे जरूरी सेफ्टी फीचर होता है। यह समझना जरूरी है कि आपका ब्रेकिंग सिस्टम कैसे काम करता है और आपकी रोजाना की ड्राइविंग से उस पर क्या असर पड़ता है।
विस्तार
कार का ब्रेकिंग सिस्टम सबसे अहम सुरक्षा फीचर होता है। एसी या इंफोटेनमेंट में खराबी असहज कर सकती है, लेकिन ब्रेक में छोटी-सी गड़बड़ी भी जानलेवा साबित हो सकती है। ब्रेक न सिर्फ वाहन को रोकते हैं, बल्कि उसे नियंत्रित भी करते हैं और लगातार गर्मी, घर्षण व दबाव में काम करते हैं। लिहाजा, समय के साथ इनमें घिसावट स्वाभाविक है। लेकिन सही ड्राइविंग आदतें और नियमित मेंटेनेंस ब्रेक की उम्र और परफॉर्मेंस दोनों बढ़ा सकते हैं।
अक्सर ड्राइवर अनजाने में ब्रेक सिस्टम को जल्दी खराब कर देते हैं। जैसे तेज एक्सेलेरेशन के बाद जोरदार ब्रेकिंग, ट्रैफिक का अनुमान लगाए बिना बार-बार ब्रेक लगाना, पहाड़ियों पर ब्रेक “राइड” करना, ऑटोमैटिक कार में लेफ्ट-फुट ब्रेकिंग, घटिया ब्रेक पार्ट्स का इस्तेमाल, ब्रेक फ्लूइड बदलने में लापरवाही, ओवरलोडिंग और शुरुआती चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज करना।
ब्रेक की उम्र बढ़ाने वाली ड्राइविंग और मेंटेनेंस आदतें
1. नरमी से चलाएं, ब्रेक वियर कम करें
तेज रफ्तार पकड़कर अचानक ब्रेक लगाने से पैड और डिस्क पर ज्यादा घर्षण और गर्मी पैदा होती है। स्मूद ड्राइविंग, स्थिर गति और सौम्य एक्सेलेरेशन, ब्रेक पर दबाव घटाती है। 60-80 किमी प्रति घंटा के बीच संतुलित रफ्तार रखने से अनावश्यक ब्रेकिंग कम होती है और पैड-डिस्क की उम्र बढ़ती है।
2. ट्रैफिक का अनुमान लगाएं, कार को खुद धीमा होने दें
आगे की स्थिति भांपकर पहले ही एक्सेलेरेटर छोड़ दें। इससे कार “कोस्ट” करते हुए धीमी होगी और जोरदार ब्रेकिंग से बचा जा सकेगा। शहरों के स्टॉप-एंड-गो ट्रैफिक में यह आदत लगातार ब्रेकिंग, ज्यादा गर्मी और ब्रेक फेड से बचाती है।
3. सही ब्रेकिंग तकनीक अपनाएं
ऑटोमैटिक कार में लेफ्ट-फुट (बाएं-पैर) ब्रेकिंग से अनजाने में ब्रेक दबे रह सकते हैं। जिससे असमान दबाव और तेजी से घिसावट होती है। केवल राइट-फुट (दाएं-पैर) से ब्रेक लगाएं। इससे कंट्रोल बेहतर रहेगा और ब्रेक्स पर तनाव कम पड़ेगा।
4. क्वालिटी ब्रेक पैड और डिस्क चुनें
सस्ते ब्रेक पार्ट्स जल्दी घिसते हैं, गर्मी सहन नहीं कर पाते और शोर/कंपन बढ़ाते हैं। अच्छी क्वालिटी के पैड-डिस्क ज्यादा तापमान झेलते हैं, समान रूप से घिसते हैं और लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं। इससे लागत भले ही ज्यादा आए, लेकिन सुरक्षा और टिकाऊपन बेहतर होता है।
5. ब्रेक फ्लूइड की देखभाल करें
ब्रेक फ्लूइड समय के साथ नमी सोख लेता है, जिससे उबाल बिंदु घटता है और ब्रेक फेड का खतरा बढ़ता है। स्पंजी पैडल या कमजोर ब्रेकिंग इसके संकेत हो सकते हैं। निर्माता के शेड्यूल के अनुसार फ्लूइड जांचें और बदलें।
6. ओवरलोडिंग से बचें
अतिरिक्त वजन ब्रेक्स पर ज्यादा दबाव डालता है, जिससे पैड-डिस्क तेजी से घिसते हैं। ओवरलोडिंग सस्पेंशन, टायर और माइलेज पर भी असर डालती है। गैर-जरूरी सामान हटाकर वाहन हल्का रखें।
7. चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें
कर्कश आवाज, ब्रेक लगाते समय कंपन, कमजोर ब्रेकिंग या सॉफ्ट पैडल। ये सभी समस्या के शुरुआती संकेत हैं। समय पर जांच से बड़ी मरम्मत और जोखिम टलते हैं।
ब्रेक सिस्टम को स्वस्थ रखने के आसान टिप्स
- स्मूद एक्सेलेरेशन और ब्रेकिंग को रोजमर्रा की आदत बनाएं।
- ब्रेक परफॉर्मेंस में किसी भी असामान्य बदलाव को चेतावनी मानें।
- धीमे ट्रैफिक या ढलान पर बार-बार ब्रेक लगाने से बचें।
- निर्माता के मेंटेनेंस शेड्यूल का पालन करें। रोकथाम, आपात मरम्मत से सस्ती होती है।
- भरोसेमंद सर्विस सेंटर और उच्च-गुणवत्ता वाले पार्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
- डिक्की से अनावश्यक सामान निकालकर वजन कम रखें।
सही आदतें अपनाकर आप न सिर्फ ब्रेक सिस्टम की उम्र बढ़ा सकते हैं, बल्कि हर सफर को ज्यादा सुरक्षित भी बना सकते हैं।