Car insurance claim rules: क्या जीरो डेप कवर चालक को हर नुकसान से बचाता है? क्लेम करने से पहले जानें ये नियम
Zero Depreciation car insurance guide: नई कार लेते समय जीरो डेप्रिसिएशन इंश्योरेंस सबसे लोकप्रिया विकल्प माना जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह पूरी तरह मुफ्त रिपेयर की गारंटी नहीं देता? प्रीमियम में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी और क्लेम की सीमित संख्या जैसे कई ऐसे पहलू हैं जिन्हें समझना आपके लिए जरूरी है।
विस्तार
सामान्य बीमा में कंपनी कार के प्लास्टिक, रबर और मेटल पार्ट्स की घटी हुई कीमत (डेप्रिसिएशन) काटकर क्लेम देती है, लेकिन जीरो डेप कवर में आपको रिप्लेसमेंट पार्ट्स की पूरी वैल्यू मिलती है। इससे बंपर या शीशा टूटने पर आपको दस हजार रुपये के बिल पर पूरे दस हजार रुपये तक मिल सकते हैं। वहीं, सामान्य में केवल छह हजार रुपये तक ही मिलते हैं। इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में आपको सिर्फ फाइल चार्ज देना होता है, बाकी सारा बोझ कंपनी उठाती है। लग्जरी कारों के पार्ट्स बहुत महंगे होते हैं, वहां यह कवर लाखों रुपये बचा सकता है।
इन कमियों को नजरअंदाज न करें
अक्सर लोग इसे ऑल-इन-वन सुरक्षा मान लेते हैं, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं:
- महंगा प्रीमियम: इस कवर को जोड़ने से आपकी पॉलिसी की किस्त 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
- उम्र की सीमा: आमतौर पर 5 साल से पुरानी कारों को कंपनियां यह सुरक्षा नहीं देतीं।
- लिमिटेड क्लेम: कई बीमा कंपनियां साल भर में सिर्फ 2 क्लेम की ही अनुमति देती हैं।
- क्या कवर नहीं होता: इंजन में तेल लीक होना, सामान्य घिसावट (Wear and Tear) या मैकेनिकल खराबी इसमें शामिल नहीं है।
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किसके लिए सही है जीरो डेप और किसके लिए नहीं?
- नई कार मालिक: कार के शुरुआती 3-5 वर्षों तक यह सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
- लग्जरी कार ओनर्स: अगर आपके एक हेडलाइट की कीमत करीब 50 हजार है, तो जीरो डेप अनिवार्य है।
- भीड़भाड़ में ड्राइविंग: अगर आप दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के ट्रैफिक में रोज ड्राइव करते हैं, तो छोटे-मोटे डेंट का खतरा बना रहता है। इसलिए ये विकल्प आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है।
इन्हें बचना चाहिए
- पुरानी कार: अगर आपकी गाड़ी 7-8 साल पुरानी है, तो इसकी रीसेल वैल्यू (IDV) कम होगी। ऐसे में महंगा प्रीमियम देना घाटे का सौदा है।
- कम इस्तेमाल: अगर कार महीने में सिर्फ एक-दो बार बाहर निकलती है, तो बेसिक कॉम्प्रिहेंसिव बीमा ही काफी है।
इसके अलावा ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अक्सर लोग जीरो डेप लेते हैं लेकिन कंज्यूमेबल्स भूल जाते हैं। जीरो डेप पार्ट्स की कीमत तो देता है, लेकिन नट-बोल्ट, इंजन ऑयल, और कूलेंट के पैसे काट लिए जाते हैं। अगर आप पूरी तरह कैशलेस अनुभव चाहते हैं, तो जीरो डेप के साथ कंज्यूमेबल्स एड ऑन ले सकते हैं।