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New Bike Tips: नई बाइक को भगाने की न करें भूल, ब्रेक-इन पीरियड में बरतें ये जरूरी सावधानी; बढ़ेगी इंजन की लाइफ

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sun, 05 Apr 2026 11:52 AM IST
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सार

New bike break-in period tips : शोरूम से निकली नई बाइक का इंजन बेहद नाजुक होता है। इसके अंदरूनी पुर्जे जैसे पिस्टन, सिलेंडर और गियर धीरे-धीरे एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हैं। अगर इस ब्रेक-इन पीरियड के दौरान बाइक पर ज्यादा दबाव डाला जाए, तो इंजन की परफॉर्मेंस हमेशा के लिए गिर सकती है। जानें कैसे शुरुआत में छोटी सी सावधानी आपकी बाइक की उम्र बढ़ा सकती है।
 

Don't Rush Your New Ride, Follow Break-in Steps  Save Your Engine, Mileage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

How to run new bike first 2000 km: नई बाइक के शुरुआती 2,000 किलोमीटर को ब्रेक-इन पीरियड कहा जाता है। इस दौरान इंजन के पार्ट्स पूरी तरह सेट नहीं होते, इसलिए बाइक को 40-60 किमी/घंटा की संतुलित रफ्तार पर चलाना चाहिए। तेज एक्सीलेरेशन, अचानक ब्रेक और ओवरलोडिंग से इंजन के पुर्जे जल्दी घिस सकते हैं। सही तरीके से बाइक चलाने से न केवल इंजन स्मूद रहता है, बल्कि भविष्य में बेहतर माइलेज और कम मेंटेनेंस खर्च की गारंटी भी मिलती है।
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Why new bike speed limit is important: क्यों जरूरी है ब्रेक-इन पीरियड और कैसे रखें ख्याल?
जब इंजन नया होता है, तो उसके अंदर पिस्टन और सिलेंडर की सतहें पूरी तरह स्मूद नहीं होतीं। जैसे-जैसे बाइक चलती है, ये हिस्से आपस में रगड़ खाकर सही तरीके से फिट होते हैं। ऐसे में अगर आपने शुरुआत में ही रफ्तार बढ़ा दी, तो घर्षण बढ़ने से इंजन के अंदरूनी हिस्सों पर गलत असर पड़ सकता है, जिससे इंजन की उम्र कम हो जाती है।
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2,000 किलोमीटर तक रफ्तार पर लगाम क्यों?
कंपनियां सलाह देती हैं कि पहले 2,000 किमी तक बाइक को 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार के बीच ही रखें।
  • तापमान नियंत्रण: कम स्पीड से इंजन का तापमान स्थिर रहता है और ओवरहीटिंग का खतरा नहीं होता।
  • पार्ट्स की सेटिंग: इंजन को धीरे-धीरे सेट होने का समय मिलता है, जिससे वह लंबे समय तक स्मूद चलता है।
  • माइलेज: जो बाइक शुरुआत में सही तरीके से चलाई जाती है, वह बाद में 10-15 प्रतिशत तक बेहतर माइलेज देती है।
Bike engine running-in guide: ड्राइविंग का सही तरीका, एक ही स्पीड से बचें
ब्रेक-इन पीरियड का मतलब यह नहीं कि आप लगातार 40 की स्पीड पर ही चलें। बाइक को अलग-अलग स्पीड पर चलाना जरूरी है ताकि गियर और इंजन के सभी पुर्जे हर परिस्थिति के लिए तैयार हो सकें। हालांकि, अचानक से रेसिंग करने या झटके से एक्सीलेरेटर घुमाने से बचना चाहिए।

इन बड़ी गलतियों से बचें
नई बाइक के साथ अक्सर अनजाने में लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो बाद भी भारी समस्या बनकर सामने आती है, इसलिए नीचे बताई गई गलतियों को करने से बचें...
  • ओवरलोडिंग: शुरुआत में दो से ज्यादा सवारी या भारी सामान ढोने से इंजन पर जानलेवा दबाव पड़ता है।
  • तेज रफ्तार: हाई-स्पीड पर इंजन के पुर्जे समय से पहले घिस सकते हैं।
  • लगातार लंबी दूरी: बहुत लंबे समय तक बिना रुके बाइक चलाने से नया इंजन ज्यादा गर्म हो सकता है।
  • इंजन ऑयल में देरी: नई बाइक का पहला इंजन ऑयल समय पर बदलना सबसे जरूरी है, क्योंकि इसमें शुरुआत के घर्षण से निकले छोटे धातु के कण होते हैं।

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