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Driving Tips: पहली बार कार चलाने से लग रहा है डर? इन तरीकों से आसानी से सीखें ड्राइविंग और बढ़ाएं कॉन्फिडेंस
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Sun, 05 Apr 2026 10:10 AM IST
सार
Car driving tips for beginners: हर चालक को शुरुआत में कार का स्टीयरिंग पकड़ना थोड़ा चुनौती पूर्ण लगता है, उसके दिमाग में कई नेगेटिव सवाल आते हैं, जिससे वो कार सीखने से कतराता रहता है, लेकिन सही तकनीक और धैर्य के साथ आप जल्द ही एक प्रो ड्राइवर बन सकते हैं। आइए जानते हैं सुरक्षित ड्राइविंग के वो नियम जो हर बिगिनर को पता होने चाहिए।
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ड्राइविंग टिप्स
- फोटो : amarujala.com
How to learn car driving easily: कार ड्राइविंग सीखने की शुरुआत हमेशा गाड़ी के बेसिक कंट्रोल्स (ABC - एक्सीलेटर, ब्रेक, क्लच) को समझने से होती है। सही सीटिंग पोजीशन, मिरर सेटिंग और स्टीयरिंग पकड़ने का 9 और 3 का फॉर्मूला न केवल कंट्रोल बेहतर करता है बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
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ड्राइविंग टिप्स
- फोटो : adobe stock
शुरुआती दौर में खाली मैदान या कम ट्रैफिक वाली जगहों पर प्रैक्टिस करना चाहिए और क्लच-एक्सीलेटर का बैलेंस बनाना सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए हमेशा सीट बेल्ट पहनना और दोनों हाथों को स्टीयरिंग पर रखना ही एक जिम्मेदार ड्राइवर की पहचान है।
Safe driving rules for new drivers: कार ड्राइविंग मास्टर करने के गोल्डन रूल्स
Safe driving rules for new drivers: कार ड्राइविंग मास्टर करने के गोल्डन रूल्स
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ड्राइविंग टिप्स
- फोटो : freepik
कार के बेसिक को गहराई से समझें
गाड़ी चलाने से पहले आपको ये रटा होना चाहिए कि क्लच, ब्रेक, एक्सीलेटर, गियर और इंडिकेटर कहां हैं और कैसे काम करते हैं, क्योंकि कभी-कभी कोई वाहन सामने आने पर हड़भड़ी में साइड में ले जाने या ब्रेक लगाने के बजाए एक्सीलेटर पर पैर रख देते हैं, जिससे गाड़ी रुकने की जगह भागने लगती है। इसलिए एबीसी की जानकारी के साथ उसकी प्रैक्टिस जरूर होनी चाहिए। इसके अलावा, कार के अन्य फीचर्स जैसे एसी, हीटर और डैशबोर्ड की लाइटों की जानकारी भी होनी चाहिए ताकि ड्राइव करते समय आपका ध्यान सड़क से न भटके।
सही सीटिंग पोजीशन और मिरर सेटिंग
ड्राइविंग शुरू करने से पहले अपनी सीट को ऐसे एडजस्ट करें कि आपके पैर पैडल तक आराम से पहुेच सकें और आपको सामने की सड़क पूरी तरह साफ दिखाई दे। इसके बाद अपने तीनों मिरर्स (लेफ्ट, राइट और रियर व्यू) को इस तरह सेट करें कि पीछे और साइड से आने वाली गाड़ियां बिना गर्दन घुमाए दिखें। इससे एक्सीडेंट का खतरा काफी कम हो जाता है।
स्टीयरिंग पकड़ने का 9 और 3 फॉर्मूला
एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्टीयरिंग व्हील पर हाथों की पोजीशन घड़ी की 9 और 3 बजे की तरह होनी चाहिए। यह पोजीशन कार पर सबसे अच्छा कंट्रोल देती है। यहां पर याद रखें कि गियर बदलने या कोई अन्य कंट्रोल इस्तेमाल करने के तुरंत बाद अपने दोनों हाथ वापस स्टीयरिंग पर जरूर ले आएं।
क्लच और एक्सीलेटर का बैलेंस
नए ड्राइवरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती गाड़ी को बिना झटके दिए आगे बढ़ाना होता है। इसके लिए क्लच को धीरे-धीरे छोड़े और उसी अनुपात में एक्सीलेटर को हल्का दबाने की कोशिश करें। पहले कम स्पीड रखें और पहले या दूसरे गियर में ही प्रैक्टिस करें, फिर अनुभव के हिसाब से गियर भी बड़ाते जाए, जिससे गाड़ी पर आपका पूरा नियंत्रण रहे।
गाड़ी चलाने से पहले आपको ये रटा होना चाहिए कि क्लच, ब्रेक, एक्सीलेटर, गियर और इंडिकेटर कहां हैं और कैसे काम करते हैं, क्योंकि कभी-कभी कोई वाहन सामने आने पर हड़भड़ी में साइड में ले जाने या ब्रेक लगाने के बजाए एक्सीलेटर पर पैर रख देते हैं, जिससे गाड़ी रुकने की जगह भागने लगती है। इसलिए एबीसी की जानकारी के साथ उसकी प्रैक्टिस जरूर होनी चाहिए। इसके अलावा, कार के अन्य फीचर्स जैसे एसी, हीटर और डैशबोर्ड की लाइटों की जानकारी भी होनी चाहिए ताकि ड्राइव करते समय आपका ध्यान सड़क से न भटके।
सही सीटिंग पोजीशन और मिरर सेटिंग
ड्राइविंग शुरू करने से पहले अपनी सीट को ऐसे एडजस्ट करें कि आपके पैर पैडल तक आराम से पहुेच सकें और आपको सामने की सड़क पूरी तरह साफ दिखाई दे। इसके बाद अपने तीनों मिरर्स (लेफ्ट, राइट और रियर व्यू) को इस तरह सेट करें कि पीछे और साइड से आने वाली गाड़ियां बिना गर्दन घुमाए दिखें। इससे एक्सीडेंट का खतरा काफी कम हो जाता है।
स्टीयरिंग पकड़ने का 9 और 3 फॉर्मूला
एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्टीयरिंग व्हील पर हाथों की पोजीशन घड़ी की 9 और 3 बजे की तरह होनी चाहिए। यह पोजीशन कार पर सबसे अच्छा कंट्रोल देती है। यहां पर याद रखें कि गियर बदलने या कोई अन्य कंट्रोल इस्तेमाल करने के तुरंत बाद अपने दोनों हाथ वापस स्टीयरिंग पर जरूर ले आएं।
क्लच और एक्सीलेटर का बैलेंस
नए ड्राइवरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती गाड़ी को बिना झटके दिए आगे बढ़ाना होता है। इसके लिए क्लच को धीरे-धीरे छोड़े और उसी अनुपात में एक्सीलेटर को हल्का दबाने की कोशिश करें। पहले कम स्पीड रखें और पहले या दूसरे गियर में ही प्रैक्टिस करें, फिर अनुभव के हिसाब से गियर भी बड़ाते जाए, जिससे गाड़ी पर आपका पूरा नियंत्रण रहे।
ड्राइविंग टिप्स
- फोटो : freepik
Driving confidence hacks: इन बातों का रखें खास ध्यान
- सीट बेल्ट: यह कोई विकल्प नहीं बल्कि जिंदगी के लिए जरूरी है। इसलिए गाड़ी स्टार्ट करने से पहले सीट बेल्ट जरूर पहनें।
- स्थान का चुनाव: शुरुआत में हमेशा ऐसी खाली और सुरक्षित जगह चुनें, जहां ट्रैफिक न के बराबर हो। इससे आप बिना किसी दबाव या डर के क्लच और गियर की प्रैक्टिस कर पाएंगे।
- सतर्कता: सामने देखने के साथ-साथ हर 5-10 सेकंड में साइड मिरर्स पर नजर डालते रहें, ताकि पीछे की ट्रैफिक स्थिति का अंदाजा रहे।
- नशा और ड्राइविंग: कभी भी किसी भी प्रकार का नशा करके गाड़ी न चलाएं। नशा आपके रिफ्लेक्सिस (प्रतिक्रिया देने की क्षमता) को धीमा कर देता है, जिससे सही समय पर ब्रेक लगाना या गाड़ी मोड़ना मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ गैर-कानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है।
- फोन के इस्तेमाल से बचें: गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। फोन पर बात करना या मैसेज देखना आपका ध्यान सड़क से भटका देता है और एक सेकंड की लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अगर फोन उठाना बहुत जरूरी हो, तो गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर साइड में खड़ा करें और कॉल रिसीव करें।