फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Dwarka Expressway Crash: Overloaded E-Rickshaw Carrying Iron Rods Kills Cab Driver, Raises Road Safety Concern

Road Safety: लोहे की सरियों से लदे ई-रिक्शा से टकराई कैब, चालक की मौत ने सड़क सुरक्षा पर खड़े किए सवाल

Sat, 18 Jul 2026 04:44 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 18 Jul 2026 04:44 PM IST
सार

द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाले शहरी हाईवे पर नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सप्रेसवे पर एक ओवरलोडेड ई-रिक्शा के कारण हुए भीषण हादसे में एक कैब ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में बैठी महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गई।

विज्ञापन
Dwarka Expressway Crash: Overloaded E-Rickshaw Carrying Iron Rods Kills Cab Driver, Raises Road Safety Concern
Dwarka Expressway Accident - फोटो : IANS

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर के व्यस्त द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार सड़कों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। इस हादसे में एक कैब चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसकी महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गई।

विज्ञापन

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना में एक ई-रिक्शा शामिल था, जिस पर लंबी लोहे की सरियां लदी हुई थीं। बताया गया कि ये सरियां वाहन के पिछले हिस्से से काफी बाहर तक निकली हुई थीं। लेकिन उन्हें दर्शाने के लिए कोई चेतावनी झंडा, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा संकेत नहीं लगाए गए थे। 

विज्ञापन

द्वारका एक्सप्रेसवे पर यह हादसा कैसे हुआ?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई।

द्वारका एक्सप्रेसवे पर चल रही एक कैब पीछे से उस ई-रिक्शा से टकरा गई, जिस पर लंबी लोहे की सरियां लदी थीं।

टक्कर इतनी भीषण थी कि-

  • कैब का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
  • लोहे की एक सरिया विंडशील्ड को चीरते हुए सीधे चालक के सीने में जा घुसी।
  • चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, कैब में सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

वहीं, ई-रिक्शा चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

 

मौके पर बचाव कार्य के दौरान क्या स्थिति रही?

रिपोर्ट के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं।

कैब का अगला हिस्सा इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त था कि चालक के शव को बाहर निकालने के लिए पुलिस और राहतकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

क्या हादसे से यातायात भी प्रभावित हुआ?

दुर्घटना के बाद दोनों क्षतिग्रस्त वाहन एक्सप्रेसवे पर ही रुक गए। जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बन गई।

बाद में पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर सड़क से मलबा साफ कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

 

विज्ञापन

हादसे की शुरुआती जांच में क्या सामने आया है?

रिपोर्ट के मुताबिक, ई-रिक्शा चालक का कहना है कि वह धीमी गति से चल रहा था, तभी पीछे से आ रही कैब उसकी गाड़ी से टकरा गई।

वहीं, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में-

  • तेज रफ्तार 
  • और पीछे से हुई टक्कर 

को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।

हालांकि, पुलिस अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी तय करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।


इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर कौन-से सवाल खड़े किए हैं?

यह दुर्घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि तेज रफ्तार सड़कों पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।

रिपोर्ट के अनुसार, हल्के और धीमी गति वाले वाहनों में लंबे और भारी सामान को ढोना पहले से ही सड़क सुरक्षा के लिहाज से एक चुनौती माना जाता रहा है।

अगर वाहन से बाहर निकला सामान-

  • ठीक से बांधा न गया हो,
  • उस पर चेतावनी झंडा या रिफ्लेक्टर न लगाया गया हो,
  • या उसे स्पष्ट रूप से चिह्नित न किया गया हो,

तो पीछे से आने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर एक्सप्रेसवे जैसी तेज रफ्तार सड़कों पर।

रोड सेफ्टी विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार यह चेतावनी देते रहे हैं कि वाहन की बॉडी से बाहर निकलने वाले किसी भी सामान को सुरक्षित तरीके से बांधना और स्पष्ट रूप से चिन्हित करना जरूरी है।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ई-रिक्शा जैसे छोटे वाहनों का उपयोग तेज रफ्तार वाले शहरी एक्सप्रेसवे पर लंबे निर्माण सामग्री की ढुलाई के लिए उपयुक्त नहीं है।

ऐसी परिस्थितियों में छोटी-सी चूक भी जानलेवा हादसे में बदल सकती है।


इस घटना से क्या सीख मिलती है?

द्वारका एक्सप्रेसवे की यह दुर्घटना बताती है कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन की रफ्तार तक सीमित नहीं है। ओवरलोडिंग, बिना सुरक्षा संकेतों के लंबा सामान ले जाना और तेज रफ्तार मार्गों पर ऐसे वाहनों का संचालन- ये सभी जोखिम को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दुर्घटना की पूरी घटनाक्रम और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed