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Toll Tax: आंशिक रूप से चालू नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में कटौती, 15 फरवरी से लागू होगा नया नियम
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 12 Feb 2026 08:48 PM IST
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सार
सरकार ने कुछ हद तक चालू नेशनल एक्सप्रेसवे के यूजर्स के लिए टोल फीस कम करने के लिए नेशनल हाईवे फीस नियमों में बदलाव किया है।
टोल टैक्स
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
केंद्र सरकार ने आंशिक रूप से संचालित नेशनल एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए टोल शुल्क कम करने का फैसला किया है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में संशोधन किया गया है।
नया नियम कब से लागू होगा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि बदले हुए नियम 15 फरवरी से लागू होंगे।
किस नियम में किया गया संशोधन?
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन को अधिसूचित किया है।
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नया नियम कब से लागू होगा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि बदले हुए नियम 15 फरवरी से लागू होंगे।
किस नियम में किया गया संशोधन?
सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन को अधिसूचित किया है।
आंशिक रूप से खुले एक्सप्रेसवे पर अब टोल कैसे लगेगा?
संशोधन के तहत, यदि कोई नेशनल एक्सप्रेसवे अभी पूरी लंबाई में एंड-टू-एंड चालू नहीं है, तो केवल पूरे हो चुके हिस्से के लिए ही टोल लिया जाएगा। यह टोल दर अब सामान्य नेशनल हाईवे पर लागू दरों के बराबर होगी, न कि एक्सप्रेसवे की ऊंची दर पर।
पहले टोल शुल्क कैसे वसूला जाता था?
मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक नेशनल एक्सप्रेसवे पर उपयोगकर्ता शुल्क सामान्य नेशनल हाईवे की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक लिया जाता था। इसका कारण यह बताया गया था कि एक्सप्रेसवे पर एक्सेस-कंट्रोल्ड, तेज और निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलती है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलता है।
यह शुल्क तब भी लिया जाता था जब एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं होता था।
संशोधन के तहत, यदि कोई नेशनल एक्सप्रेसवे अभी पूरी लंबाई में एंड-टू-एंड चालू नहीं है, तो केवल पूरे हो चुके हिस्से के लिए ही टोल लिया जाएगा। यह टोल दर अब सामान्य नेशनल हाईवे पर लागू दरों के बराबर होगी, न कि एक्सप्रेसवे की ऊंची दर पर।
पहले टोल शुल्क कैसे वसूला जाता था?
मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक नेशनल एक्सप्रेसवे पर उपयोगकर्ता शुल्क सामान्य नेशनल हाईवे की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक लिया जाता था। इसका कारण यह बताया गया था कि एक्सप्रेसवे पर एक्सेस-कंट्रोल्ड, तेज और निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलती है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलता है।
यह शुल्क तब भी लिया जाता था जब एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं होता था।
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नए प्रावधान से क्या बदलेगा?
नए नियम के अनुसार, यदि एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं है, तो पूरे हो चुके हिस्से पर अब नेशनल हाईवे सेक्शन की दर से कम टोल वसूला जाएगा। जैसा कि 2008 के शुल्क नियमों में प्रावधान है।
इस संशोधन का उद्देश्य क्या है?
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद नेशनल एक्सप्रेसवे के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि यात्री खुले हुए हिस्सों का ज्यादा इस्तेमाल करें। इससे
यह नियम कितने समय तक लागू रहेगा?
यह संशोधित नियम अधिकतम एक वर्ष तक या फिर एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक (जो भी पहले हो) लागू रहेगा।
नए नियम के अनुसार, यदि एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं है, तो पूरे हो चुके हिस्से पर अब नेशनल हाईवे सेक्शन की दर से कम टोल वसूला जाएगा। जैसा कि 2008 के शुल्क नियमों में प्रावधान है।
इस संशोधन का उद्देश्य क्या है?
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद नेशनल एक्सप्रेसवे के उपयोग को बढ़ावा देना है, ताकि यात्री खुले हुए हिस्सों का ज्यादा इस्तेमाल करें। इससे
- एक्सप्रेसवे के समानांतर चल रहे पुराने नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा,
- लॉजिस्टिक्स और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी,
- और ट्रैफिक जाम के कारण होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।
यह नियम कितने समय तक लागू रहेगा?
यह संशोधित नियम अधिकतम एक वर्ष तक या फिर एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक (जो भी पहले हो) लागू रहेगा।