Greater Noida Tragedy: पानी में डूबी कार से कैसे बचें? जान बचा सकती हैं ये सावधानियां
ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की घटना ने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी की गंभीरता को सामने ला दिया है। घने कोहरे में उनकी SUV एक निर्माणाधीन, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। मदद के लिए कॉल करने के बावजूद बचाव में देरी हुई और दम घुटने व हार्ट फेलियर के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही के आरोप में बिल्डर को गिरफ्तार किया है।
विस्तार
ग्रेटर नोएडा में हाल ही में हुई एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर, युवराज मेहता की जान तब चली गई जब उनकी SUV घने कोहरे के बीच एक निर्माणाधीन गड्ढे में जा गिरी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 17 जनवरी की सुबह लगभग 2:30 बजे युवराज की मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा 30-70 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। हालांकि युवराज कार की छत पर चढ़ गए थे और उन्होंने मदद के लिए अपने पिता को फोन भी किया, लेकिन बचाव में देरी होने के कारण दम घुटने और हार्ट फेलियर से उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही के आरोप में बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सड़क सुरक्षा और गाड़ी पानी में गिरने जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की जानकारी के महत्व को उजागर करती है।
आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के 4 मुख्य नियम
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है। अगर आपकी गाड़ी पानी में गिर जाए तो इन बातों का ध्यान रखें
1. शांत रहें और तुरंत बेल्ट खोलें: सबसे पहले घबराने के बजाय खुद को शांत रखें। अपनी सीटबेल्ट तुरंत खोलें।
2. खिड़कियां खोलें: गाड़ी के इलेक्ट्रॉनिक्स पानी में जाने के बाद भी 1-2 मिनट तक काम करते हैं। इसी दौरान तुरंत अपनी खिड़की या सनरूफ खोल लें। दरवाजा खोलने की कोशिश न करें क्योंकि पानी के दबाव के कारण वह नहीं खुलेगा।
3. रास्ता बनाएं: अगर खिड़की न खुले, तो किसी भारी चीज या 'इमरजेंसी हैमर' से साइड की खिड़की तोड़ें। विंडशील्ड (सामने का कांच) तोड़ने की कोशिश न करें क्योंकि वह बहुत मजबूत होता है।
4. तेजी से बाहर निकलें: जैसे ही रास्ता मिले, गाड़ी से बाहर निकलें और गाड़ी से दूर तैरने की कोशिश करें। मदद के लिए चिल्लाने का काम बाहर निकलने के बाद ही करें।
विशेष परिस्थितियां: क्या करें अगर...
1. अगर साथ में बच्चे हों?
ऐसी स्थिति में माता-पिता अक्सर घबरा जाते हैं। सही तरीका है कि सबसे पहले अपनी सीटबेल्ट खोलें ताकि आप मुक्त होकर चल-फिर सकें। फिर बच्चों की मदद करें (सबसे बड़े बच्चे से शुरुआत करें)। उन्हें खिड़की से बाहर धक्का दें और फिर खुद बाहर निकलें। खुद बेल्ट में बंधे रहकर दूसरों को बचाने की कोशिश न करें, इससे समय बर्बाद होगा।
2. अगर आपको तैरना नहीं आता?
तैरना न आना एक बड़ा डर है लेकिन आप बिना तैरे भी खुद को बचा सकते हैं। पानी में हाथ-पैर मारने के बजाय पीठ के बल लेट जाएं और फ्लोट करें। सिर को पीछे झुकाएं, हाथ-पैर थोड़े फैलाएं और धीरे-धीरे सांस लें। याद रखें, घबराने पर शरीर डूबता है, जबकि शांत रहने पर मानव शरीर पानी की सतह पर तैरने की प्रवृत्ति रखता है।
मददगार चीजें जो आपको डूबने से बचा सकती हैं
अगर आपको तैरना नहीं आता या आप थक गए हैं तो गाड़ी में मौजूद इन चीजों का इस्तेमाल 'लाइफ जैकेट' की तरह करें। बैग या हैंडबैग को अपनी छाती से लगा लें। भले ही यह गीला हो जाए, यह कुछ समय के लिए आपको ऊपर रखेगा। खाली या बंद बोतलें बहुत अच्छी तरह तैरती हैं। एक या दो बोतलों को अपनी छाती से लगाकर रखें। कार की सीट के हेडरेस्ट (सिर के पीछे का हिस्सा) फोम के बने होते हैं और पानी में तैरते हैं। अगर कोई स्पेयर टायर खुला मिल जाए तो उसे पकड़ लें।
सावधानी ही बचाव है
अपनी कार में हमेशा एक ग्लास ब्रेकर और सीटबेल्ट कटर रखें। निर्माण क्षेत्रों में रात के समय ड्राइविंग से बचें। कोहरे में गाड़ी की गति धीमी रखें और सड़क के संकेतों का पालन करें।