सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Gurugram Maps 23 Accident Black Spots, Pushes Speed Control to Cut Road Fatalities

Zero-Fatality Plan: सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी, गुरुग्राम में 23 खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स की पहचान

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 18 Feb 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
सार

तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करना सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों के पीछे शीर्ष उल्लंघनों में से हैं, जिले की सड़क सुरक्षा समिति ने 23 दुर्घटना-प्रवण स्थानों की पहचान की है, जहां पिछले दो वर्षों में 49 घातक दुर्घटनाओं में 53 मौतें हुई हैं।

Gurugram Maps 23 Accident Black Spots, Pushes Speed Control to Cut Road Fatalities
Road Accident - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

गुरुग्राम में सड़क हादसों में मौतों को शून्य तक लाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति ने एक विस्तृत 'जीरो फेटैलिटी' एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत पिछले दो वर्षों में सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हुए 23 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई है, जहां 49 घातक हादसों में 53 लोगों की मौत हुई।

Trending Videos

पिछले दो वर्षों में कितनी सड़क दुर्घटनाओं में गई जान?
एक्शन प्लान के अनुसार, 2023 और 2024 के बीच गुरुग्राम में कुल 636 सड़क दुर्घटना जनित मौतें दर्ज की गईं। इनमें से:

  • 88 मौतें ओवरस्पीडिंग से

  • 32 मौतें लापरवाह ड्राइविंग से

  • 19 मौतें खतरनाक ओवरटेकिंग से

  • 13 मौतें जिग-जैग ड्राइविंग से

  • 6 मौतें गलत दिशा में वाहन चलाने से

  • 5-5 मौतें नशे में ड्राइविंग और गलत तरीके से खड़े वाहनों से जुड़ी रहीं

हालांकि, 407 मामलों में किसी खास ट्रैफिक उल्लंघन की पुष्टि नहीं हो पाई, जबकि 55 मामलों में डेटा उपलब्ध नहीं था।

विज्ञापन
विज्ञापन

ब्लैक स्पॉट्स पर सबसे बड़ा खतरा क्या रहा?
पहचाने गए 23 ब्लैक स्पॉट्स पर हुए 49 घातक हादसों में से 36 हादसे तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुए।

  • 19 स्थानों पर ओवरस्पीडिंग

  • 10 स्थानों पर रैश ड्राइविंग

  • 7 जगहों पर खतरनाक ओवरटेकिंग

  • 6 पॉइंट्स पर जिग-जैग ड्राइविंग प्रमुख कारण रही।

 

कौन-सी सड़कें सबसे ज्यादा हादसों के लिए जिम्मेदार रहीं? 
योजना के अनुसार:

  • दिल्ली-जयपुर-गुरुग्राम (NH-48) पर 13 ब्लैक स्पॉट्स, जहां 29 घातक हादसों में 31 मौतें हुईं

  • राज्य राजमार्गों पर 4 स्थानों पर 8 हादसे

  • दिल्ली वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर 2-2 स्थानों पर 4 हादसे और 4 मौतें दर्ज की गईं

 

स्पीड कंट्रोल के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
2023 के अध्ययनों में सामने आया कि शहर की 51 प्रतिशत सड़कें 30 किमी प्रति घंटा से कम और 11 प्रतिशत सड़कें 60 किमी प्रति घंटा से ज्यादा रफ्तार वाली थीं। इसे देखते हुए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से ये उपाय लागू करने का फैसला किया है:

  • स्पीड ब्रेकर और राउंडअबाउट

  • उभरे हुए पैदल यात्री क्रॉसिंग

  • सड़क डिजाइन में बदलाव

 

कैमरे और डिजिटल निगरानी से कैसे बदलेगा हालात?
GMDA के मुताबिक, फेज-2 CCTV नेटवर्क के तहत दिसंबर 2026 तक 28 हाई-ट्रैफिक इलाकों में 432 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे।
वहीं ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार:

  • 2025 में 1.03 लाख ओवरस्पीडिंग चालान जारी हुए

  • 2024 में यह संख्या सिर्फ 17,122 थी

  • 2025 में दर्ज 1,112 हादसों में से 100 हादसे ओवरस्पीडिंग से जुड़े थे

इसके अलावा, नवंबर से शहर की 129 सड़कों को गूगल मैप्स पर डिजिटल स्पीड लिमिट अलर्ट से जोड़ा गया है।

आगे की रणनीति क्या होगी?
प्रशासन का कहना है कि स्पीड मैनेजमेंट को इस साल प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत:

  • बेहतर साइनेज

  • सुरक्षित सड़क डिजाइन

  • स्पीड कैमरों का दायरा बढ़ाना

जैसे उपाय लागू किए जाएंगे, ताकि गुरुग्राम में सड़क हादसों और मौतों की संख्या को निर्णायक रूप से कम किया जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed