EV: मध्य प्रदेश में पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 88,000 से अधिक EV को मिली सब्सिडी, जानें कितने ईवी हुए तैनात
मध्य प्रदेश के टियर-II और टियर-III शहरों सहित पूरे भारत में स्वच्छ ऊर्जा परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कई लक्षित पहलें लागू कीं।
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विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) योजना के तहत, मध्य प्रदेश में वित्त वर्ष 2025-26 में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी गई। भारी उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान राज्य में 88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी मिली।
वहीं, इसी वित्त वर्ष में पीएम ई-ड्राइव के तहत मध्य प्रदेश में कुल 94,277 इलेक्ट्रिक वाहन तैनात किए गए। हालांकि, इस योजना के तहत राज्य को एक भी इलेक्ट्रिक बस आवंटित नहीं की गई।
मध्य प्रदेश में पीएम ई-ड्राइव के तहत कितने इलेक्ट्रिक वाहन आए?
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88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी मिली।
वित्त वर्ष 2025-26 में पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत मध्य प्रदेश में 88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी गई। -
94,277 इलेक्ट्रिक वाहन तैनात किए गए।
इसी अवधि में योजना के तहत राज्य में कुल 94,277 इलेक्ट्रिक वाहन तैनात किए गए। -
इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन नहीं हुआ।
पीएम ई-ड्राइव के तहत मध्य प्रदेश को इस अवधि में कोई इलेक्ट्रिक बस आवंटित नहीं की गई।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में वाहन खरीदारों और राज्य में डिलीवरी चेन के जरिए काम करने वाली मूल वाहन निर्माता कंपनियों को सीधे वितरित किए गए कुल डिमांड इंसेंटिव की राशि का आंकड़ा केंद्र स्तर पर अलग से नहीं रखा गया। मंत्रालय ने इस संबंध में कोई आकलन भी नहीं किया है।
छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए गए?
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टियर-2 और टियर-3 शहरों पर भी जोर।
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों सहित पूरे देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। -
FAME-II के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन।
FAME India (फेम इंडिया) योजना के दूसरे चरण के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीद पर मांग आधारित प्रोत्साहन दिया गया।
केंद्र सरकार ने फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण को 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक पांच साल के लिए लागू किया था। इसके लिए कुल 11,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था।
FAME-II के तहत कितने इलेक्ट्रिक वाहनों को मदद मिली?
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करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहन।
FAME-II के तहत सरकार ने लगभग 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को समर्थन दिया। -
6,862 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी।
योजना के तहत अलग-अलग शहरों के लिए 6,862 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई थी। -
5,299 बसें 31 जुलाई 2026 तक तैनात।
मंजूर बसों में से 5,299 इलेक्ट्रिक बसें 31 जुलाई 2026 तक तैनात की जा चुकी थीं। -
चार्जिंग ढांचे के लिए 912.50 करोड़ रुपये।
FAME-II के तहत सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचा तैयार करने के लिए 912.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
इस योजना के जरिए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन और चार्जिंग नेटवर्क को भी बढ़ाने की कोशिश की।
इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए क्या किया गया?
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ऑटो और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए PLI योजना।
इस योजना को 23 सितंबर 2021 को अधिसूचित किया गया था और इसके लिए 25,938 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों सहित आधुनिक ऑटोमोटिव तकनीक के निर्माण को बढ़ावा देना है। -
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी के लिए PLI योजना।
9 जून 2021 को अधिसूचित इस योजना के लिए 18,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसका लक्ष्य 50 GWh क्षमता वाली ACC बैटरियों के लिए देश में प्रतिस्पर्धी विनिर्माण व्यवस्था तैयार करना है।
इन दोनों उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं का मकसद सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि उनके लिए जरूरी वाहन और बैटरी निर्माण को देश के भीतर मजबूत करना भी है।
PM E-DRIVE योजना के तहत देशभर में क्या लक्ष्य रखा गया है?
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योजना का बजट 10,900 करोड़ रुपये।
PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement यानी PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) योजना को 29 सितंबर 2024 को 10,900 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित किया गया था। -
करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी का लक्ष्य।
योजना का उद्देश्य अलग-अलग श्रेणियों में करीब 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देना है। -
इलेक्ट्रिक बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपये।
14,028 इलेक्ट्रिक बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। -
देशभर में 14,000 बसों का आवंटन।
कुल आवंटन में से 14,000 इलेक्ट्रिक बसें देशभर के लिए आवंटित की गईं। -
चार्जिंग ढांचे के लिए 2,000 करोड़ रुपये।
PM E-DRIVE में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे के लिए 2,000 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।
इलेक्ट्रिक बसों के लिए PM e-Bus Sewa योजना क्या कर रही है?
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38,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों को समर्थन।
PM ई-बस सेवा - भुगतान सुरक्षा तंत्र (PM e-Bus Sewa-Payment Security Mechanism) योजना के जरिए 38,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों को समर्थन देने का लक्ष्य है। -
3,435.33 करोड़ रुपये का बजट।
यह योजना 28 अक्टूबर 2024 को 3,435.33 करोड़ रुपये के बजट के साथ अधिसूचित की गई थी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बस ऑपरेटरों को भुगतान की सुरक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि इलेक्ट्रिक बसों को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में शामिल करने में आर्थिक जोखिम कम हो।
इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती कीमत कम करने के लिए सरकार ने क्या किया?
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EV और चार्जर पर GST घटाकर 5 प्रतिशत।
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और उनके चार्जर पर GST की दर घटाकर 5 प्रतिशत कर दी है। इससे इनकी शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलती है। -
ग्रीन नंबर प्लेट की शुरुआत।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेट की व्यवस्था शुरू की है। -
परमिट से छूट।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए परमिट से जुड़ी छूट भी दी गई है, जिससे इनके इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सके। -
रोड टैक्स माफ करने की राज्यों को सलाह।
केंद्र ने राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स माफ करने की सलाह भी दी है।
इन कदमों के जरिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की शुरुआती लागत कम करने और ग्राहकों के लिए EV को ज्यादा आकर्षक बनाने की कोशिश कर रही है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में FY2025-26 के दौरान पीएम ई-ड्राइव के तहत 88,209 इलेक्ट्रिक वाहनों को मिली सब्सिडी राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाती है। हालांकि, इलेक्ट्रिक बसों के मामले में राज्य को इस योजना के तहत कोई आवंटन नहीं मिला। केंद्र की विभिन्न योजनाओं के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद, बसों, चार्जिंग ढांचे और घरेलू विनिर्माण -चारों क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।