Tesla:टेस्ला ने अमेरिका में वापस बुलाईं 20,349 मॉडल 3 और मॉडल वाई कारें, मिली ये बड़ी खराबी, जानें भारत पर असर
अमरीकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला ने अमेरिका में अपनी कुल 20,349 गाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। जांच में पाया गया कि इन कारों की लो-बीम हेडलाइट्स अनुमति योग्य अधिकतम लाइट आउटपुट से अधिक तेज जलती हैं। जानें क्या है मामला।
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विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Tesla (टेस्ला) ने अमेरिका में 20,349 Model 3 और Model Y वाहनों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह रिकॉल कारों की लो-बीम हेडलाइट से जुड़ी समस्या के कारण किया गया है। अमेरिका की राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) के मुताबिक, प्रभावित वाहनों की हेडलाइट तय सीमा से ज्यादा तेज रोशनी दे सकती है।
अत्यधिक तेज रोशनी सामने से आने वाले वाहनों के चालकों की नजर को प्रभावित कर सकती है। इससे सड़क पर दृश्यता कम होने और दुर्घटना का जोखिम बढ़ने की आशंका है।
किन Tesla कारों को रिकॉल किया गया है?
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Tesla Model 3: 2017 से 2023 मॉडल वर्ष
इस रिकॉल में 2017 से 2023 मॉडल वर्ष के Model 3 वाहन शामिल हैं।
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Tesla Model Y: 2020 से 2023 मॉडल वर्ष
2020 से 2023 के बीच निर्मित Model Y SUV भी इस रिकॉल का हिस्सा हैं।
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कुल वाहन: 20,349
अमेरिका में कुल 20,349 वाहनों को इस सुरक्षा अभियान के तहत वापस बुलाया गया है।
NHTSA के अनुसार, प्रभावित वाहनों में लो-बीम हेडलाइट की रोशनी निर्धारित सीमा से ज्यादा हो सकती है। ये वाहन फेडरल मोटर व्हीकल सेफ्टी स्टैंडर्ड (FMVSS) नंबर 108 के अनुरूप नहीं हैं। यह मानक वाहनों की लाइटिंग और उससे जुड़े उपकरणों के लिए सुरक्षा नियम तय करता है।
ज्यादा तेज हेडलाइट से क्या खतरा है?
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सामने से आने वाले वाहन चालकों की नजर प्रभावित हो सकती है।
जरूरत से ज्यादा तेज लो-बीम रोशनी सामने से आने वाले ड्राइवर के लिए असुविधा पैदा कर सकती है और सड़क देखने में परेशानी हो सकती है।
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दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
अगर सामने वाले चालक को सड़क या आसपास की स्थिति साफ दिखाई नहीं देती है, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। इसी वजह से NHTSA ने इसे सुरक्षा से जुड़ी समस्या माना है।
क्या भारत में भी Tesla की कारें रिकॉल होंगी?
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भारत में रिकॉल की अभी कोई जानकारी नहीं है।
फिलहाल टेस्ला ने भारत में इस खास हेडलाइट समस्या को लेकर किसी रिकॉल की घोषणा नहीं की है।
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भारत में बेची जाने वाली Model Y अलग मॉडल वर्ष की है।
भारत में Model Y की बिक्री 2025 में शुरू हुई थी। इसलिए यहां उपलब्ध वाहन 2020-2023 मॉडल वर्ष की उस सीमा में नहीं आते, जिसे अमेरिकी रिकॉल में शामिल किया गया है।
भारत में टेस्ला ने अपडेटेड Model Y को 59.89 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया था। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर भारत में इस रिकॉल का असर पड़ने की संभावना फिलहाल काफी कम दिखाई देती है।
अमेरिका में Tesla मालिक कैसे पता करेंगे कि उनकी कार रिकॉल में शामिल है या नहीं?
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VIN से जांच करनी होगी।
अमेरिका में टेस्ला के मालिक कंपनी की VIN रिकॉल सर्च सुविधा के जरिए यह पता कर सकते हैं कि उनकी कार किसी सक्रिय सुरक्षा रिकॉल अभियान में शामिल है या नहीं।
यानी हर Model 3 या Model Y को रिकॉल में शामिल नहीं माना जाना चाहिए। वाहन के VIN के जरिए ही संबंधित कार की स्थिति की पुष्टि की जा सकती है।
Tesla पर अमेरिका में नियामकीय जांच क्यों बढ़ रही है?
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करीब 12 लाख Tesla वाहनों की प्रारंभिक जांच।
जुलाई के अंत में NHTSA ने टेस्ला की करीब 12 लाख कारों को लेकर प्रारंभिक जांच शुरू की थी।
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फ्रंट सस्पेंशन में खराबी की शिकायतें।
जांच उन मामलों से जुड़ी है, जिनमें फ्रंट सस्पेंशन के कुछ हिस्सों के टूटने और उससे स्टीयरिंग पर नियंत्रण प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
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156 शिकायतें सामने आईं।
NHTSA को फ्रंट लोअर लेटरल लिंक के अलग होने से जुड़ी 156 शिकायतें मिली थीं।
यह जांच कुछ 2018-2020 Model 3 और 2021-2023 Model Y वाहनों से संबंधित है।
सस्पेंशन की समस्या से क्या खतरा बताया गया है?
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फ्रंट लोअर लेटरल लिंक अलग होने की शिकायतें।
NHTSA के मुताबिक, कुछ वाहनों में फ्रंट सस्पेंशन का यह हिस्सा अलग होने की शिकायत मिली है।
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अधिकांश मामलों में पहले कोई चेतावनी नहीं मिली।
एजेंसी के अनुसार, ज्यादातर शिकायतों में वाहन मालिकों ने बताया कि खराबी आने से पहले उन्हें कोई चेतावनी नहीं मिली। हालांकि, कुछ मालिकों ने असामान्य आवाजें सुनाई देने की बात कही।
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फिलहाल दुर्घटना या किसी के घायल होने की जानकारी नहीं।
जांच शुरू करते समय NHTSA ने कहा था कि उसे इस समस्या से जुड़ी किसी दुर्घटना, चोट या मौत की जानकारी नहीं थी।
हेडलाइट रिकॉल और सस्पेंशन से जुड़ी जांच ऐसे समय में सामने आई है, जब टेस्ला को अमेरिका में अपने वाहनों की सुरक्षा और तकनीकी खामियों को लेकर लगातार नियामकीय निगरानी का सामना करना पड़ रहा है।