Hero Splendor Patent: हीरो स्प्लेंडर का नया रग्ड अवतार, फाइल हुए दो नए बाइक डिजाइन पेटेंट; जानें फीचर्स
Hero Splendor new patent: देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कम्यूटर मोटरसाइकिल हीरो स्प्लेंडर जल्द ही नए अवतार में नजर आ सकती है। हीरो मोटोकॉर्प ने भारत में स्प्लेंडर पर आधारित दो नए मोटरसाइकिल डिजाइन के पेटेंट फाइल किए हैं। आइए जानते हैं इन पेटेंट तस्वीरों से सामने आई जानकारी के बारे में।
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Hero Splendor rugged variant: हीरो स्पलेंडर लंबे समय से अपनी रिलायबिलिटी, आसान मेंटनेंस और कम रनिंग कॉस्ट के लिए जानी जाती है। अब हीरो मोटोकॉर्प ने भारत में स्प्लेंडर पर आधारित दो नए मोटरसाइकिल डिजाइनों के पेटेंट फाइल किए हैं। इनमें से एक डिजाइन मौजूदा कम्यूटर बाइक की तुलना में काफी अलग और ज्यादा रगिड नजर आता है।
नए पेटेंट में लॉन्ग-ट्रैवल सस्पेंशन, रेज्ड फ्रंट फेंडर, नकल गार्ड्स और फोर्क पर रबर गेटर्स जैसे बदलाव दिखाई देते हैं। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी यह देख रही हो सकती है कि ग्रामीण और सेमी-अर्बन खरीदार ज्यादा मजबूत और खराब सड़कों के लिए तैयार कम्यूटर बाइक में कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं। हालांकि, अभी इसके प्रोडक्शन या लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पेटेंट इमेज में क्या दिखा?
- पेटेंट किए गए रगिड वेरिएंट में टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क के साथ ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर नजर आते हैं। यह सेटअप अतिरिक्त सस्पेंशन ट्रैवल देने के लिए इस्तेमाल किया गया लगता है, जिससे खराब और उबड़-खाबड़ रास्तों पर बाइक को ज्यादा आरामदायक और बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।
- इसके अलावा बाइक में रेज्ड फ्रंट फेंडर और नकल गार्ड्स मिलने के संकेत हैं। फ्रंट फोर्क पर रबर गेटर्स भी नजर आते हैं, जो इस डिजाइन को सामान्य कम्यूटर मोटरसाइकिल से अलग और ज्यादा रगिड लुक देते हैं।
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सिंगल-पीस सीट से बदला यूटिलिटेरियन लुक
- रगिड डिजाइन में सिंगल-पीस सीट दी गई है। यह मौजूदा नियमित स्प्लेंडर में मिलने वाली स्प्लिट सीट से अलग है।
- सिंगल-पीस सीट बाइक को ज्यादा यूटिलिटेरियन और कामकाजी लुक देती है, जो ग्रामीण या खराब रास्तों पर इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल की छवि से मेल खाता है।
दूसरा पेटेंटेड डिजाइन ज्यादा सामान्य
- हीरो ने जिस दूसरे डिजाइन का पेटेंट फाइल किया है, वह पहले मॉडल के मुकाबले ज्यादा कन्वेंशनल नजर आता है। इसमें भी समान सस्पेंशन सेटअप दिया गया है, लेकिन रेज्ड बीक और नकल गार्ड्स जैसे रगिड डिजाइन एलिमेंट्स नहीं हैं।
- इस वजह से दूसरा मॉडल ज्यादा रोड-फोकस्ड विकल्प हो सकता है। यानी कंपनी एक ही बेसिक प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग इस्तेमाल के हिसाब से दो डिजाइन तैयार करने की दिशा में काम कर सकती है।
व्हील और ब्रेक सेटअप में बड़ा बदलाव नहीं
- दोनों पेटेंटेड वर्जन में एक जैसे फाइव-स्पोक अलॉय व्हील्स दिखाई देते हैं। इसके अलावा दोनों बाइक्स में फ्रंट और रियर ड्रम ब्रेक्स दिए गए हैं।
- पेटेंट इमेज में चेसिस लेआउट में भी कोई बड़ा अंतर दिखाई नहीं देता। इससे लगता है कि बदलाव मुख्य रूप से बाइक के डिजाइन और सस्पेंशन सेटअप को ज्यादा रगिड बनाने पर केंद्रित हैं।
इंजन को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं
- हालांकि हीरो मोटोकॉर्प ने इन पेटेंटेड डिजाइन के साथ कोई टेक्निकल स्पेसिफिकेशन को अभी साझा नहीं किया है। इंजन की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- फिर भी संभावना है कि दोनों बाइक्स में मौजूदा 97.2cc सिंगल-सिलेंडर मोटर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह इंजन करीब 8 bhp की पावर और 8 Nm का टॉर्क देता है। लेकिन यह अभी सिर्फ संभावित जानकारी है और कंपनी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
क्या यह असली ऑफ-रोड बाइक होगी?
- अगर इन पेटेंटेड मॉडल में मौजूदा 97.2cc इंजन ही इस्तेमाल किया जाता है, तो इसे असली ऑफ-रोड मोटरसाइकिल कहना सही नहीं होगा। इसकी बजाय इसका उद्देश्य टूटी-फूटी सड़कों, उबड़-खाबड़ रास्तों और ग्रामीण इलाकों में बेहतर हैंडलिंग और आराम देना हो सकता है।
- यानी रगिड स्प्लेंडर का फोकस एडवेंचर या गंभीर ऑफ-रोडिंग से ज्यादा खराब सड़क परिस्थितियों में बेहतर उपयोगिता पर हो सकता है।
पेटेंट का मतलब लॉन्च पक्का नहीं
- यहां पर यह सबसे जरुरी बात यह ध्यान रखना है कि डिजाइन पेटेंट फाइल करने का मतलब प्रोडक्शन लॉन्च की गारंटी नहीं होता। अभी तक हीरो मोटोकॉर्प ने इन बाइक्स के नाम, पोजिशनिंग या लॉन्च टाइमलाइन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
- इसलिए फिलहाल इन पेटेंट को कंपनी की ओर से शुरुआती संकेत के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। आगे चलकर कंपनी इनमें से किसी डिजाइन को प्रोडक्शन मॉडल में बदलती है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।