Lamborghini: क्या भारत-ईयू एफटीए से लैंबॉर्गिनी को नहीं मिलेगा फायदा? हाइब्रिड कारें डील से बाहर
इटली की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी Automobili Lamborghini को प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि इस समझौते में फिलहाल प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को शामिल नहीं किया गया है।
विस्तार
इटली की लग्जरी कार निर्माता कंपनी Lamborghini (लैंबॉर्गिनी) को प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) (एफटीए) से कोई सीधा लाभ नहीं मिलेगा।
कंपनी के सीईओ स्टीफन विंकेलमैन ने बताया कि इस समझौते में फिलहाल केवल पेट्रोल (ICE) कारों को ही शामिल किया गया है। जबकि लैंबॉर्गिनी की पूरी रेंज अब प्लग-इन हाइब्रिड पर आधारित है।
FTA में Lamborghini क्यों शामिल नहीं है?
एफटीए का मकसद आयात शुल्क कम करना है, लेकिन इसमें एक बड़ी शर्त है:
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यह छूट केवल इंटरनल कंबशन इंजन (पेट्रोल/डीजल) कारों पर लागू होगी
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प्लग-इन हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें इसमें शामिल नहीं हैं
चूंकि लैंबॉर्गिनी के सभी नए मॉडल हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं। इसलिए कंपनी इस टैक्स कटौती का फायदा नहीं उठा पाएगी।
भारत में Lamborghini कौन-कौन से मॉडल बेचती है?
भारत में Lamborghini की कई हाई-एंड कारें उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:
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Urus SE
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Temerario
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Revuelto
इन कारों की कीमतें करोड़ों में हैं और कंपनी भारत में सालाना 100 से ज्यादा यूनिट्स बेच चुकी है।
क्या Lamborghini को भविष्य में फायदा मिल सकता है?
कंपनी को उम्मीद है कि भविष्य में FTA में बदलाव हो सकता है और हाइब्रिड/ईवी वाहनों को भी शामिल किया जा सकता है।
सीईओ के अनुसार,
अगर भविष्य में प्लग-इन हाइब्रिड को शामिल किया गया, तो कंपनी को इसका लाभ मिल सकता है।
भारत में कंपनी की ग्रोथ कैसी रहने की उम्मीद है?
FTA से फायदा न मिलने के बावजूद लैंबॉर्गिनी भारत को लेकर आशावादी है।
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निकट भविष्य में स्थिर ग्रोथ की उम्मीद
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लंबी अवधि में तेजी से बढ़ने की संभावना
कंपनी का मानना है कि भारत में एक नई पीढ़ी उभर रही है, जो लग्जरी और परफॉर्मेंस कारों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रही है।
क्या भारतीय बाजार में संभावनाएं बढ़ रही हैं?
हां, कंपनी के अनुसार भारत में कई सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं:
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इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
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नीतिगत स्थिरता
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युवा खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी
लैंबॉर्गिनी का कहना है कि वह बाजार में जल्दबाजी नहीं करेगी, बल्कि धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी।
कंपनी की ग्लोबल परफॉर्मेंस कैसी रही?
वैश्विक स्तर पर लैंबॉर्गिनी ने 2025 में 10,747 कारों की डिलीवरी की, जो लगातार तीसरे साल 10,000 यूनिट्स से अधिक है।
यह दिखाता है कि ब्रांड की मांग दुनिया भर में मजबूत बनी हुई है।
कंपनी के लिए भारत बड़ा बाजार
भारत-ईयू एफटीए में फिलहाल प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को शामिल न करने से लैंबॉर्गिनी को टैक्स राहत का फायदा नहीं मिलेगा।
फिर भी, कंपनी भारत को एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। और आने वाले समय में धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।