भारतीय टू-व्हीलर मार्केट में बंपर उछाल: FY27 में 5% ग्रोथ की उम्मीद, इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की भारी डिमांड
Two Wheeler Sales FY27: भारतीय टू-व्हीलर इंडस्ट्री तेजी से रफ्तार पकड़ रही है। ICRA की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, FY27 में इस सेक्टर में 5% की मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है। नए जीएसटी नियमों, ग्रामीण इलाकों में अच्छी नकदी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती डिमांड के चलते बिक्री में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही, विदेशी बाजारों में भी भारतीय टू-व्हीलर्स का दबदबा बढ़ रहा है। हालांकि, कमजोर मानसून की आशंका, बढ़ती महंगाई और ग्लोबल टेंशन जैसी कुछ चुनौतियां भविष्य में इस रफ्तार पर हल्का ब्रेक लगा सकती हैं। जानिए भारतीय टू-व्हीलर और ईवी बाजार के मौजूदा हालात और भविष्य के आउटलुक की पूरी जानकारी।
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विस्तार
भारत के टू-व्हीलर (दोपहिया वाहन) सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। हाल ही में आई ICRA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) में भारतीय टू-व्हीलर इंडस्ट्री 5% तक की सालाना ग्रोथ दर्ज कर सकती है। इस ग्रोथ के पीछे नए जीएसटी नियमों (जीएसटी 2.0) का फायदा और पुरानी गाड़ियों को बदलकर नई गाड़ी लेने (रिप्लेसमेंट) की बढ़ती डिमांड मुख्य कारण हैं।
बिक्री में आया बड़ा उछाल
बाजार में गाड़ियों की मांग में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। नए जीएसटी सुधारों (जीएसटी 2.0) के चलते गाड़ियों की कीमतों में आई कमी का सीधा असर होलसेल बिक्री पर पड़ा है, जो अप्रैल 2026 में 29.2% बढ़कर 1.9 मिलियन (19 लाख) यूनिट्स के आंकड़े को छू गई है। वहीं दूसरी ओर, रिटेल बिक्री में भी 13% का शानदार इजाफा दर्ज किया गया है। ग्राहकों के इस उत्साह के पीछे मुख्य वजहें खेती से हुई अच्छी कमाई के कारण ग्रामीण इलाकों में बढ़ा नकदी प्रवाह, लंबे समय तक चला शादियों का सीजन और गाड़ियों की कीमतों में उम्मीद से कम हुई बढ़ोतरी हैं।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (ईवी) ने पकड़ी रफ्तार
इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और बाइक्स की मांग में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल 2026 में 1,54,337 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 68.1% अधिक है। बाजार में नए मॉडल्स की बढ़ती उपलब्धता और किफायती कीमतों के चलते ग्राहकों का रुझान लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। इसका नतीजा यह है कि कुल टू-व्हीलर मार्केट में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 8.1% तक पहुंच गई है।
एक्सपोर्ट (निर्यात) में भी भारत का जलवा
भारतीय टू-व्हीलर ब्रांड्स की चमक विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है। कई विदेशी बाजारों में जारी चुनौतियों के बावजूद, अप्रैल में एक्सपोर्ट में 38.3% की बड़ी उछाल दर्ज की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में भी भारतीय दोपहिया वाहनों के निर्यात में 23.3% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई थी, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय ब्रांड्स की बढ़ती पहचान को दर्शाता है।
आगे चलकर क्या आ सकती हैं चुनौतियां?
भले ही फिलहाल मार्केट का प्रदर्शन काफी मजबूत है, लेकिन आने वाले समय में कुछ चुनौतियां विकास की इस रफ्तार को प्रभावित कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अल-नीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका, पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि और कच्चे माल के महंगे होने से बिक्री की गति धीमी पड़ सकती है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव जैसी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं भी सप्लाई चेन में बाधा पैदा कर सकती हैं। इसका सीधा असर भविष्य में एक्सपोर्ट और इंडस्ट्री के प्रदर्शन पर पड़ने की संभावना है।