Motor Vehicle Tax: कर्नाटक में एक मई से नया वाहन टैक्स नियम लागू, ईवी पर लाइफटाइम टैक्स भी शामिल
कर्नाटक मोटर वाहन कराधान (संशोधन) विधेयक, 2026, एक मई से लागू होगा। इसका उद्देश्य राज्य के भीतर वाहनों के पंजीकरण को आकर्षित करना और करों को युक्तिसंगत बनाना है।
विस्तार
कर्नाटक में मोटर व्हीकल टैक्सेशन (संशोधन) कानून 2026 को 1 मई से लागू किया जाएगा। इस संशोधन के जरिए सरकार राज्य में वाहन पंजीकरण बढ़ाना और टैक्स ढांचे को संतुलित करना चाहती है।
किन वाहनों पर टैक्स में राहत दी गई है?
नए नियमों के तहत कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और स्लीपर कोच बसों के टैक्स में कटौती की गई है।
इन वाहनों के प्रति सीट टैक्स को कम किया गया है, जिससे ऑपरेटर्स पर वित्तीय बोझ घटेगा।
पहले और अब टैक्स में क्या अंतर है?
पहले 12 से ज्यादा यात्रियों वाले वाहनों पर ज्यादा टैक्स लगता था।
अब इस दर को घटाकर कम कर दिया गया है, जिससे व्यवसाय करने की लागत कम होगी और वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।
सरकार ने यह बदलाव क्यों किया?
कई वाहन मालिक कम टैक्स वाले राज्यों में वाहन रजिस्टर कराकर कर्नाटक में चला रहे थे।
इससे राज्य को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
नए टैक्स ढांचे से सरकार को उम्मीद है कि अधिक वाहन कर्नाटक में ही रजिस्टर होंगे।
क्या इससे राज्य की आय बढ़ेगी?
सरकार का अनुमान है कि नए टैक्स नियमों से वित्त वर्ष 2026–27 में अच्छी खासी आय बढ़ सकती है।
यह कदम राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ नियमों के बेहतर पालन को भी सुनिश्चित करेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्या नया नियम है?
संशोधन में इलेक्ट्रिक वाहनों पर लाइफटाइम टैक्स लागू करने का प्रावधान भी शामिल है।
वाहन की कीमत के आधार पर अलग-अलग टैक्स दरें तय की गई हैं। जिससे ईवी सेगमेंट में भी टैक्स स्ट्रक्चर स्पष्ट हो सके।
क्या दूसरे राज्यों के EV पर भी असर पड़ेगा?
नए नियमों के तहत, दूसरे राज्यों में रजिस्टर किए गए बैटरी चालित टैक्सी वाहनों पर भी यही टैक्स लागू होगा, अगर वे कर्नाटक में चलाए जाते हैं।
इससे टैक्स में समानता आएगी और राज्य के भीतर प्रतिस्पर्धा संतुलित होगी।
क्या यह बदलाव ऑटो सेक्टर को प्रभावित करेगा?
यह संशोधन वाहन मालिकों, ऑपरेटर्स और ईवी सेगमेंट सभी पर असर डालेगा।
टैक्स में बदलाव से एक ओर जहां कुछ को राहत मिलेगी, वहीं ईवी सेगमेंट में नए नियमों के कारण योजना बनाकर खरीदारी करना जरूरी होगा।
