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EV: महाराष्ट्र में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली बड़ी रफ्तार, MSEDCLबनी राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Thu, 05 Feb 2026 01:20 PM IST
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सार

EV Charging Infrastructure: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में ईवी ईकोसिस्टम को रफ्तार देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। एमएसईडीसीएल को अब राज्य की आधिकारिक नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। जो चार्जिंग स्टेशनों के जाल बिछाने और बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी। 
 

Maharashtra EV Leap MSEDCL Named Nodal Agency Electrify State Infrastructure
देशभर में लगेंगे 72,000 चार्जिंग स्टेशन - फोटो : AI
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विस्तार

अब चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए अलग-अलग कंपनियों के चक्कर नहीं काटने होंगे। क्योंकि सरकार ने महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। अब MSEDCL राज्य स्तर पर सभी बिजली कंपनियों के साथ तालमेल बिठाएगी और चार्जिंग की सस्ती दरें तय करने के लिए नियामक आयोग (MERC) के साथ मिलकर काम करेगी। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करना है।

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नए सरकारी संकल्प (GR) के तहत एमएसईडीसीएल को टैरिफ निर्धारण, बिजली कनेक्शन, ग्रांट वितरण प्रक्रिया और केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव स्कीम के प्रभावी कामों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब एमएसईडीसीएल एकमात्र मुख्य एजेंसी होगी जो सभी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) के साथ तालमेल बिठाएगी। इससे नए चार्जिंग पॉइंट के लिए बिजली कनेक्शन मिलना बहुत आसान हो जाएगा।

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चार्जिंग की दरें होंगी तय

एमएसईडीसीएल अब महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (MERC) के साथ मिलकर ये तय करेगी कि ईवी चार्जिंग के लिए उपभोक्ताओं और ऑपरेटरों को कितनी बिजली दर देनी होगी। इसका उद्देश्य चार्जिंग को किफायती बनाना है।

सरकार का क्या कहना है?

इसी के साथ सरकार ने साफ कहा है कि  सरकारी दफ्तरों और इमारतों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए 100 प्रतिशत ग्रांट (अनुदान) दिया जाएगा। इसका मतलब है कि सरकारी खर्च पर ही वहां चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

कब लागू होगा ये नियम?

एमएसईडीसीएल को तैयार करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को 30 दिन का समय दिया गया है। इसमें ये बताया जाएगा कि फंड का वितरण कैसे होगा। साथ ही अलग-अलग विभाग मिलकर इस काम को कैसे पूरा करेंगे।

ईवी इकोसिस्टम के लिए क्यों अहम है?

  • एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये फैसला महाराष्ट्र में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाएगा।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करेगा।
  • निजी निवेशकों और चार्जिंग ऑपरेटरों का भरोसा बढ़ाएगा।
  • साथ ही, ये राज्य को नेशनल ईवी मिशन और नेट-जीरो लक्ष्यों के और करीब ले जाएगा।

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