Carmakers: कार कंपनियों की सरकार से मांग; माइलेज के नियम आसान करें, पुराने नियम मानना मुश्किल
Auto Policy: अमेरिका की बड़ी कार कंपनियों ने माइलेज से जुड़े कड़े नियमों में ढील देने के डोनाल्ड ट्रंप सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है। अलाइंस फॉर ऑटोमेटिव इनोवेशन के तहत आने वाली जनरल मोटर, टोयोटा और फोर्ड जैसी कंपनियों का कहना है कि मौजूदा नियम आज की बाजार स्थिति के हिसाब से व्यावहारिक नहीं रह गए हैं।
विस्तार
बुधवार को बड़ी कार कंपनियों ने ट्रंप सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें माइलेज के कड़े नियमों को घटाने की बात कही गई है। कंपनियों का मानना है कि नियमों में यह ढील उनके लिए जरूरी है, लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी कहा है कि इस बदलाव के दौरान कुछ पुरानी सुविधाओं को खत्म न किया जाए और योजना में कुछ जरूरी सुधार किए जाएं।
प्रमुख आपत्तियां और सुझाव
जनरल मोटर्स, टोयोटा और फोर्ड जैसी बड़ी कंपनियों के ग्रुप 'अलायंस फॉर ऑटोमोटिव इनोवेशन' ने सरकार द्वारा माइलेज के नियमों को हल्का करने के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि, इस ग्रुप ने सरकार से गुजारिश की है कि वह 'क्रेडिट ट्रेडिंग' (कंपनियों के बीच मिलने वाले फायदे) की सुविधा को खत्म न करे और ज्यादा से ज्यादा गाड़ियों को 'कार' वाली कैटेगरी में डालने के अपने फैसले पर भी फिर से विचार करे।
चुनौतियां और तर्क
कंपनियों के इस ग्रुप ने साफ कहा है कि पुराने नियम आज के समय के हिसाब से सही नहीं हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री धीमी हो गई है और सरकार से मिलने वाली मदद भी कम हो गई है, इसलिए माइलेज के पुराने और कड़े लक्ष्यों को पूरा करना नामुमकिन है। कार कंपनियों का मानना है कि व्यापार को फालतू के बोझ से बचाने के लिए नियमों में ढील देना बहुत जरूरी है।
