सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Automobiles News ›   Mercedes-Benz Fined $7.6 Million in South Korea for Misleading EV Battery Information

मर्सिडीज-बेंज ने ग्राहकों से बोला झूठ: लगा 70 करोड़ का जुर्माना, जानें ईवी बैटरी का पूरा विवाद

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Tue, 10 Mar 2026 02:13 PM IST
विज्ञापन
सार

Mercedes EV Battery Controversy: मर्सिडीज-बेंज जैसी लग्जरी कार कंपनी पर दक्षिण कोरिया में ग्राहकों से झूठ बोलने के आरोप में 7.6 मिलियन डॉलर यानी करीब 70 करोड़ का भारी जुर्माना लगा है। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कारों में दुनिया की टॉप बैटरी (CATL) देने का वादा किया था लेकिन असल में कुछ कारों के अंदर एक साधारण ब्रांड की बैटरी निकली जिसके बाद ये जुर्माना लगाया गया।

Mercedes-Benz Fined $7.6 Million in South Korea for Misleading EV Battery Information
मर्सिडीज बेंज (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : मर्सिडीज
विज्ञापन

विस्तार

मर्सिडीज-बेंज जैसी लग्जरी कार कंपनी से ग्राहकों को हमेशा प्रीमियम क्वालिटी और भरोसे की उम्मीद होती है। लेकिन, दक्षिण कोरिया में कंपनी एक बड़े विवाद में फंस गई है। अपनी इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की सही जानकारी छिपाने के आरोप में दक्षिण कोरिया की फेयर ट्रेड कमीशन (FTC) ने मर्सिडीज-बेंज पर 11.2 बिलियन वॉन (करीब 7.6 मिलियन डॉलर) का भारी जुर्माना लगाया है। आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और कंपनी की चोरी कैसे पकड़ी गई।

Trending Videos

बैटरी को लेकर क्या था मर्सिडीज का झूठ?

FTC की रिपोर्ट के मुताबिक, मर्सिडीज ने अपने डीलरों और ग्राहकों को बताया था कि उनकी सभी महंगी इलेक्ट्रिक कारों, जैसे EQE और EQS मॉडल में, चीन की मशहूर कंपनी CATL की बैटरी लगी है। लेकिन, जब जांच की गई तो पता चला कि यह पूरी तरह सच नहीं था। कंपनी के कुछ ईवी मॉडल्स में Farasis Energy नाम की कंपनी की बैटरी का इस्तेमाल किया गया था। सबसे बड़ी बात यह है कि मर्सिडीज ने इस बात को अपनी सेल्स गाइडलाइन में कहीं नहीं लिखा था और ग्राहकों को अंधेरे में रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक हादसे ने खोली पोल

इस झूठ का पर्दाफाश अगस्त 2024 में हुए एक हादसे के बाद हुआ। दक्षिण कोरिया के इंचियोन शहर में एक अंडरग्राउंड पार्किंग में खड़ी मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक कार में अचानक आग लग गई। जब अधिकारियों ने इस घटना की जांच की तो सामने आया कि उस कार में CATL की नहीं, बल्कि Farasis कंपनी की बैटरी लगी हुई थी। इसी हादसे के बाद FTC ने मर्सिडीज के खिलाफ सख्त जांच शुरू कर दी।

ग्राहकों के लिए बैटरी की ब्रांड क्यों है जरूरी?

बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक कार का सबसे अहम हिस्सा होती है, इसलिए उसका ब्रांड बहुत मायने रखता है। जिन दो बैटरी कंपनियों को लेकर यह पूरा विवाद हुआ है, उनके रुतबे में जमीन-आसमान का फर्क है। एक तरफ जहां इंडस्ट्री ट्रैकर 'SNE Research' के अनुसार, साल 2025 में 39% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ CATL दुनिया की नंबर-1 बैटरी निर्माता कंपनी मानी गई। वहीं दूसरी ओर मर्सिडीज जिस 'Farasis Energy' की बैटरी का इस्तेमाल कर रही थी, उसका नाम दुनिया की टॉप-10 बैटरी सप्लायर कंपनियों की लिस्ट में भी नहीं आता है। ऐसे में ग्राहकों को नंबर-1 कंपनी का भरोसा देकर एक साधारण कंपनी की बैटरी थमाना उनके साथ बड़ा धोखा था।

3 हजार ग्राहकों को बेची इलेक्ट्रिक कारें

जांच में यह चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है कि जून 2023 से अगस्त 2024 के बीच मर्सिडीज ने Farasis बैटरी वाली करीब 3 हजार इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। इन कारों को बेचकर कंपनी ने लगभग 281 बिलियन वॉन की कमाई की।

अब आगे क्या होगा?

इस धोखाधड़ी के लिए FTC ने मर्सिडीज पर 11.2 बिलियन वॉन का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है, जो बेची गई इन 3 हजार कारों की कुल बिक्री का लगभग 4% है। अनुचित व्यापार के ऐसे मामलों में कानून के तहत यह सबसे बड़ी सजा मानी जाती है। यह जुर्माना मर्सिडीज के जर्मनी स्थित मुख्य ऑफिस और उसकी कोरियाई ब्रांच को मिलकर भरना होगा। बात सिर्फ जुर्माने पर ही खत्म नहीं होती। FTC ने मर्सिडीज के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी सिफारिश की है क्योंकि वे ग्राहकों को गुमराह करने वाली इस पूरी साजिश में सीधे तौर पर शामिल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed