Mobility Research: मर्सिडीज-बेंज और आईआईटी दिल्ली के साथ मिलाया हाथ, भविष्य की मोबिलिटी पर करेंगे रिसर्च
मर्सिडीज-बेंज रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंडिया ने जॉइंट रिसर्च प्रोग्राम के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली के साथ साझेदारी की है।
विस्तार
Mercedes-Benz Research and Development India (मर्सिडीज-बेंज रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंडिया) (MBRDI) ने गुरुवार को एलान किया कि उसने Indian Institute of Technology Delhi (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली) (आईआईटी दिल्ली) के साथ संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों के लिए साझेदारी की है। इस पहल का उद्देश्य ज्ञान विकास के लिए साझा रास्ते तैयार करना और अकादमिक जगत तथा उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
समझौता कितने समय के लिए किया गया है?
दोनों संस्थानों ने इस सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए पांच वर्ष का मास्टर रिसर्च एग्रीमेंट साइन किया है।
इस समझौते के तहत संयुक्त शोध परियोजनाओं के माध्यम से उद्योग और शिक्षा जगत को और करीब लाने का प्रयास किया जाएगा।
किन शोध क्षेत्रों पर होगा काम?
MBRDI के अनुसार, यह साझेदारी उन शोध क्षेत्रों पर केंद्रित होगी जो भविष्य की मोबिलिटी और इंजीनियरिंग सिस्टम को आकार दे सकते हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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क्वांटम टेक्नोलॉजी
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भविष्य के मटेरियल
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न्यूरोमॉर्फिक इंजीनियरिंग
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इलेक्ट्रिक मोबिलिटी
इन क्षेत्रों में बुनियादी शोध और एप्लाइड इंजीनियरिंग मिलकर नए ज्ञान और बौद्धिक संपदा (IP) के विकास के अवसर पैदा करेंगे।
इस सहयोग पर कंपनी ने क्या कहा?
MBRDI के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ मनु साले ने कहा कि कंपनी ऐसे भविष्य की कल्पना करती है जहां अकादमिक संस्थान और उद्योग मिलकर वास्तविक चुनौतियों का समाधान खोजें और महत्वपूर्ण नवाचार सामने लाएं।
उनके अनुसार, IIT दिल्ली के साथ यह साझेदारी कंपनी की नवाचार परंपरा को आगे बढ़ाने में अहम कदम है और इससे मोबिलिटी के क्षेत्र को तेजी से नए रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
IIT दिल्ली के लिए यह पहल क्यों अहम है?
IIT दिल्ली की कॉरपोरेट रिलेशंस डीन प्रीति रंजन पंडा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा देना और ऐसे नवाचार विकसित करना है जो टिकाऊ, किफायती और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी समाधान प्रदान कर सकें।