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ई-मोबिलिटी का नया रोडमैप: PM E-Drive के तहत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100% सब्सिडी देगी सरकार, जानें योजना

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Thu, 05 Mar 2026 11:59 AM IST
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सार

EV Charging Infrastructure India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करोड़ों की पीएम-ड्राइव योजना के तहत देशभर में 72,000 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी है। जिसमें सरकार 100% तक सब्सिडी प्रदान कर सकती हैं। जानें इसके बारे में विस्तार से...

 

India’s EV Push: PM E-Drive Scheme Offers 100% Subsidy Charging Stations; Check Govt’s Mega Plan
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार

भारत को 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी बढ़ाने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे पर फोकस तेज कर दिया है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से बढ़ावा देने के लिए सरकार अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार ने राज्यों और तेल विपणन कंपनियों से मिले प्रस्तावों की जांच शुरू कर दी है ताकि 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ड्राइव योजना के तहत देशभर में बड़े पैमाने पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा सकें। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य है कि FY26 के अंत तक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शुरुआती तौर पर ₹80 करोड़ वितरित किए जाएं।
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72,000 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन लगाने की तैयारी

सरकार ने इस योजना के कुल बजट में से करीब दो हजार करोड़ रुपये करोड़ सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग रखे हैं। इस फंड से देशभर में 72,000 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसमें खास बात यह है कि सरकार सार्वजनिक स्थानों जैसे मॉल, हाइवे, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, पार्किंग स्पेस और पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए 70% से 100% तक सब्सिडी देने की योजना बना रही है।
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ईवी अपनाने की रफ्तार अभी धीमी

भारत में ईवी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी यह शुरुआती चरण में है। देश में ईवी की कुल हिस्सेदारी अभी करीब 7.6% है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी वाहन श्रेणियों में 30% ईवी हिस्सेदारी हासिल की जाए। ऑटो एक्सपर्ट का मानना है कि अगर चार्जिंग स्टेशन तेजी से नहीं बढ़े, तो EV अपनाने की गति धीमी ही रहेगी।

हालांकि योजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसके सामने कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। चार्जिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त जगह का चयन, पावर ग्रिड तक आसान पहुंच और तेज चार्जिंग तकनीक की लागत की वजह से कई एक्सपर्ट यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह नई योजना पहले की FAME-II स्कीम की कमियों को दूर कर पाएगी या नहीं।

FAME-II से क्या सीख मिली

भारत में ईवी को बढ़ावा देने के लिए पहले फेम-II ( फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चिरंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल) योजना चलाई गई थी, लेकिन उस योजना में सबसे बड़ी कमी चार्जिंग नेटवर्क का धीमा विस्तार रही है। इसी अनुभव के आधार पर अब सरकार पीएम ई-ड्राइव योजना के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर दे रही है।

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ऑटो सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह योजना

ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार चार्जिंग नेटवर्क बढ़ने से कई बड़े फायदे हो सकते हैं। जैसे:
  • ईवी खरीदने का भरोसा बढ़ेगा।
  • लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी।
  • पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।
  • कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
यही कारण है कि भारत की ऑटो कंपनियां भी तेजी से इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और बसें लॉन्च कर रही हैं।

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