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Car Dashboard: कार डैशबोर्ड की ये लाइट्स नहीं हैं मामूली संकेत; नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी, जानें इनका सही मतलब
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Thu, 05 Mar 2026 12:55 PM IST
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सार
Car Dashboard Symbols Meaning: आधुनिक कारों के डैशबोर्ड पर दिखने वाले वार्निंग सिंबल सिर्फ लाइट नहीं, बल्कि वाहन की हेल्थ रिपोर्ट होते हैं। इंजन, ब्रेक, टायर प्रेशर, बैटरी और सेफ्टी सिस्टम से जुड़े ये इंडिकेटर समय रहते समस्या का संकेत देते हैं, लेकिन कई ड्राइवर इनके असली मतलब नहीं समझते, जिससे छोटी समस्या भी बड़ी और महंगी खराबी में बदल सकती है। जानिए कार के डैशबोर्ड पर दिखने वाली अहम वार्निंग लाइट्स और उनका असली मतलब।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ai
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विस्तार
आज की आधुनिक कारें पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो चुकी हैं। इनमें लगे सेंसर और कंप्यूटर सिस्टम लगातार वाहन के अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखते हैं। अगर किसी सिस्टम में गड़बड़ी आती है तो डैशबोर्ड पर एक खास वार्निंग लाइट या सिंबल जल जाता है। ये सिंबल ड्राइवर को यह बताते हैं कि कार के किसी हिस्से में समस्या है या कोई सेफ्टी फीचर सक्रिय है। सही समय पर इन संकेतों को समझ लेने से न केवल बड़ी खराबी से बचा जा सकता है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी कम हो जाता है। हालांकि, कई लोग इन लाइट्स का मतलब नहीं जानते और उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में छोटी तकनीकी समस्या भी बाद में महंगे रिपेयर का कारण बन सकती है। नीचे कुछ सामान्य डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स और उनका मतलब बताया गया है।
चेक इंजन लाइट
यह कार में सबसे आम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी लाइट मानी जाती है। इसका मतलब होता है कि कार के इंजन या उत्सर्जन सिस्टम में कोई गड़बड़ी पकड़ी गई है। यह समस्या छोटी और बड़ी दोनो हो सकती है। छोटी जैसे ढीला फ्यूल कैप और बड़ी जैसे ऑक्सीजन सेंसर, कैटेलिटिक कंवर्टर या इग्निशन सिस्टम में खराबी। असली और स्पष्ट वजह जानने के लिए कार को डायग्नोस्टिक स्कैन की जरूरत पड़ती है।
ये भी पढ़े: Car Battery Tips: कैसे पहचानें कि आपकी कार बैटरी बदलने का समय आ गया है, ये हैं चेतावनी का संकेत
डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (डीपीएफ) वार्निंग
यह चेतावनी खास तौर पर डीजल कारों में आती है। इसका मतलब होता है कि डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर में कालिख जमा हो गई है और उसे साफ करने के लिए रिजनरेशन की जरूरत है। अक्सर यह समस्या छोटी दूरी की ड्राइविंग या कम स्पीड पर ज्यादा चलने से होती है। कुछ समय तक हाईवे स्पीड पर गाड़ी चलाने से यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
ऑयल प्रेशर वार्निंग
यह लाइट बताती है कि इंजन ऑयल का दबाव कम हो गया है। इंजन ऑयल का काम इंजन के अंदर के हिस्सों को चिकनाई देना और घर्षण कम करना होता है। अगर यह लाइट जले तो तुरंत गाड़ी रोककर इंजन ऑयल लेवल चेक करना चाहिए, क्योंकि कम ऑयल प्रेशर से इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
इंजन टेंपरेचर वार्निंग
यह संकेत देता है कि इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है। ओवरहीटिंग के पीछे कम कूलेंट, रेडिएटर समस्या या वॉटर पंप खराब होना जैसी वजह हो सकती है। ऐसी स्थिति में वाहन रोककर इंजन को ठंडा होने देना जरूरी है।
बैटरी वार्निंग लाइट
यह लाइट कार के चार्जिंग सिस्टम में खराबी की ओर इशारा करती है। इसका मतलब हो सकता है कि अल्टरनेटर बैटरी को चार्ज नहीं कर पा रहा। कभी-कभी पुरानी बैटरी, खराब बेल्ट या वायरिंग समस्या भी इसकी मुख्य वजह बन जाती है।
एयरबैग वार्निंग
अगर यह लाइट जलती है तो इसका मतलब है कि एयरबैग सिस्टम में कोई खराबी है। दुर्घटना की स्थिति में एयरबैग सही समय पर खुलें या नहीं, इस पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एबीएस वार्निंग लाइट
एबीएस यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से बचाता है। अगर ये लाइट जलती है तो सामान्य ब्रेकिंग काम कर सकती है, लेकिन इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान कार पर नियंत्रण कम हो सकता है।
ब्रेक सिस्टम वार्निंग
यह संकेत देता है कि ब्रेक फ्लूइड कम है, ब्रेक पैड घिस चुके हैं या ब्रेक सिस्टम में कोई खराबी है। अगर पार्किंग ब्रेक हटाने के बाद भी यह लाइट बंद न हो तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
टायर प्रेशर वार्निंग (TPMS)
यह लाइट बताती है कि कार के एक या ज्यादा टायरों में हवा कम है। कम टायर प्रेशर से परेशानी हो सकती है, जैसे की इससे माइलेज कम हो सकता है, टायर जल्दी घिस सकते हैं, हाईस्पीड पर टायर फटरे का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए टायर प्रेशन तुरंत जांचना चाहिए।
पावर स्टीयरिंग वार्निंग
यह लाइट बताती है कि पावर स्टीयरिंग सिस्टम में समस्या है। ऐसी स्थिति में स्टीयरिंग भारी महसूस हो सकता है, खासकर कम स्पीड पर।
ट्रैक्शन कंट्रोल वार्निंग
यह सिस्टम फिसलन भरी सड़क पर गाड़ी के पहियों को फिसलने से रोकता है। अगर लाइट लगातार जल रही है तो सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा हो सकता है।
ये भी पढ़े: Car Sales: फरवरी 2026 में बिक्री में किस टाइप की कार ने मारी बाजी- एसयूवी या हैचबैक?
ट्रांसमिशन वार्निंग
यह संकेत देता है कि कार के गियरबॉक्स या ट्रांसमिशन सिस्टम में कोई गड़बड़ी है। कम ट्रांसमिशन फ्लूइड, ज्यादा तापमान या इलेक्ट्रॉनिक खराबी इसकी वजह हो सकती है।
रंगों का मतलब समझें
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स को समझना हर ड्राइवर के लिए जरूरी है। इससे वाहन की सुरक्षा बढ़ती है।
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चेक इंजन लाइट
यह कार में सबसे आम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी लाइट मानी जाती है। इसका मतलब होता है कि कार के इंजन या उत्सर्जन सिस्टम में कोई गड़बड़ी पकड़ी गई है। यह समस्या छोटी और बड़ी दोनो हो सकती है। छोटी जैसे ढीला फ्यूल कैप और बड़ी जैसे ऑक्सीजन सेंसर, कैटेलिटिक कंवर्टर या इग्निशन सिस्टम में खराबी। असली और स्पष्ट वजह जानने के लिए कार को डायग्नोस्टिक स्कैन की जरूरत पड़ती है।
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डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (डीपीएफ) वार्निंग
यह चेतावनी खास तौर पर डीजल कारों में आती है। इसका मतलब होता है कि डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर में कालिख जमा हो गई है और उसे साफ करने के लिए रिजनरेशन की जरूरत है। अक्सर यह समस्या छोटी दूरी की ड्राइविंग या कम स्पीड पर ज्यादा चलने से होती है। कुछ समय तक हाईवे स्पीड पर गाड़ी चलाने से यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
ऑयल प्रेशर वार्निंग
यह लाइट बताती है कि इंजन ऑयल का दबाव कम हो गया है। इंजन ऑयल का काम इंजन के अंदर के हिस्सों को चिकनाई देना और घर्षण कम करना होता है। अगर यह लाइट जले तो तुरंत गाड़ी रोककर इंजन ऑयल लेवल चेक करना चाहिए, क्योंकि कम ऑयल प्रेशर से इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है।
इंजन टेंपरेचर वार्निंग
यह संकेत देता है कि इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है। ओवरहीटिंग के पीछे कम कूलेंट, रेडिएटर समस्या या वॉटर पंप खराब होना जैसी वजह हो सकती है। ऐसी स्थिति में वाहन रोककर इंजन को ठंडा होने देना जरूरी है।
बैटरी वार्निंग लाइट
यह लाइट कार के चार्जिंग सिस्टम में खराबी की ओर इशारा करती है। इसका मतलब हो सकता है कि अल्टरनेटर बैटरी को चार्ज नहीं कर पा रहा। कभी-कभी पुरानी बैटरी, खराब बेल्ट या वायरिंग समस्या भी इसकी मुख्य वजह बन जाती है।
एयरबैग वार्निंग
अगर यह लाइट जलती है तो इसका मतलब है कि एयरबैग सिस्टम में कोई खराबी है। दुर्घटना की स्थिति में एयरबैग सही समय पर खुलें या नहीं, इस पर इसका असर पड़ सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एबीएस वार्निंग लाइट
एबीएस यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से बचाता है। अगर ये लाइट जलती है तो सामान्य ब्रेकिंग काम कर सकती है, लेकिन इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान कार पर नियंत्रण कम हो सकता है।
ब्रेक सिस्टम वार्निंग
यह संकेत देता है कि ब्रेक फ्लूइड कम है, ब्रेक पैड घिस चुके हैं या ब्रेक सिस्टम में कोई खराबी है। अगर पार्किंग ब्रेक हटाने के बाद भी यह लाइट बंद न हो तो तुरंत जांच करवानी चाहिए।
टायर प्रेशर वार्निंग (TPMS)
यह लाइट बताती है कि कार के एक या ज्यादा टायरों में हवा कम है। कम टायर प्रेशर से परेशानी हो सकती है, जैसे की इससे माइलेज कम हो सकता है, टायर जल्दी घिस सकते हैं, हाईस्पीड पर टायर फटरे का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए टायर प्रेशन तुरंत जांचना चाहिए।
पावर स्टीयरिंग वार्निंग
यह लाइट बताती है कि पावर स्टीयरिंग सिस्टम में समस्या है। ऐसी स्थिति में स्टीयरिंग भारी महसूस हो सकता है, खासकर कम स्पीड पर।
ट्रैक्शन कंट्रोल वार्निंग
यह सिस्टम फिसलन भरी सड़क पर गाड़ी के पहियों को फिसलने से रोकता है। अगर लाइट लगातार जल रही है तो सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा हो सकता है।
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ट्रांसमिशन वार्निंग
यह संकेत देता है कि कार के गियरबॉक्स या ट्रांसमिशन सिस्टम में कोई गड़बड़ी है। कम ट्रांसमिशन फ्लूइड, ज्यादा तापमान या इलेक्ट्रॉनिक खराबी इसकी वजह हो सकती है।
रंगों का मतलब समझें
- लाल: गंभीर समस्या, तुरंत गाड़ी रोकें।
- पीला या नारंगी: जल्द ही सर्विस या मरम्मत की जरूरत।
- हरा या नीला: कोई फीचर जैसे हेडलाइट या क्रूज कंट्रोल सक्रिय है।
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, डैशबोर्ड वार्निंग लाइट्स को समझना हर ड्राइवर के लिए जरूरी है। इससे वाहन की सुरक्षा बढ़ती है।
- अचानक खराबी से बचाव होता है।
- महंगे रिपेयर खर्च कम हो सकते हैं।
- सड़क पर दुर्घटना का खतरा घटता है।
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