वायरल: गुजरात में दिखी अजीबोगरीब ह्यूंदै ग्रैंड i10, लोग बुला रहे हैं इसे 'मिनी फ्लैट'
Hyundai Grand i10 Modified India: सोशल मीडिया पर गुजरात की एक मॉडिफाइड Hyundai Grand i10 का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसकी ऊंची छत को देखकर लोग इसे 'मिनी फ्लैट' बुला रहे हैं। इस आर्टिकल में जानिए इस अनोखी कार के डिजाइन और इंटीरियर से जुड़ी दिलचस्प डिटेल्स, साथ ही विस्तार से समझिए कि क्या भारत के मोटर वाहन नियमों के तहत कार के ढांचे में ऐसे बड़े बदलाव करना सुरक्षित और कानूनी है या नहीं।
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों गुजरात की एक मॉडिफाइड ह्यूंदै ग्रैंड i10 का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस छोटी हैचबैक कार को इतना बदल दिया गया है कि आप इसे पहली नजर में शायद पहचान ही न पाएं। इंस्टाग्राम पर इसके लुक को देखकर हर कोई हैरान है।
क्या हुआ है कार में बदलाव?
इस कार में सबसे बड़ा और साफ दिखने वाला बदलाव इसकी छत में किया गया है। कार की छत को सामान्य से काफी ज्यादा ऊंचा कर दिया गया है। इस वजह से कार अब लंबी और एक 'मिनी वैन' या बॉक्स जैसी दिखने लगी है। सोशल मीडिया पर लोग इस अनोखे डिजाइन के खूब मजे ले रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट में इसे एक 'मिनी फ्लैट' तक कह दिया है।
अंदर से कैसी है यह कार?
बाहर से यह भले ही अजीब लगे, लेकिन कार के अंदर इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा नजर आता है। छत ऊंची होने की वजह से कार के केबिन में काफी ज्यादा स्पेस और हेडरूम मिल गया है। पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए यह काफी आरामदायक हो गई है। ऐसा लगता है कि इस मॉडिफिकेशन का पूरा फोकस यात्रियों के आराम पर ही किया गया है।
Gujarat’s modified i10 looks like a mini luxury van 😳 would you actually drive this? pic.twitter.com/SCR4zMfD1I
— Krishnan Gaur (@Mercedes5494) April 10, 2026
क्या भारत में ऐसे मॉडिफिकेशन सुरक्षित और लीगल हैं?
कार को अपनी पसंद के अनुसार मॉडिफाई करना हमेशा से ऑटो-प्रेमियों का शौक रहा है। लेकिन जब बात छत या मूल ढांचे को पूरी तरह बदलने की हो तो मामला काफी पेचीदा और जोखिम भरा हो जाता है। दरअसल, कार की छत को काटना या उसे बढ़ाना कोई मामूली काम नहीं है। यह सीधे तौर पर गाड़ी के मूल ढांचे को प्रभावित करता है, जिससे दुर्घटना के समय कार का सुरक्षा कवच कमजोर हो सकता है। क्रैश टेस्ट के मानकों पर खरा न उतरने के कारण ऐसी गाड़ियां यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
कानूनी नजरिए से देखें तो भारत का मोटर वाहन अधिनियम ऐसे स्ट्रक्चरल बदलावों की अनुमति नहीं देता। किसी भी बड़े बदलाव के लिए RTO से सख्त मंजूरी और सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य है। इसके बिना ऐसी गाड़ियां सड़क पर चलाना पूरी तरह गैरकानूनी है। सुरक्षा का एक बड़ा पहलू बैलेंस से भी जुड़ा है। कार की ऊंचाई बढ़ने से उसका 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी' बदल जाता है, जिससे तेज रफ्तार या मोड़ पर गाड़ी के पलटने या असंतुलित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा, अगर बिना आधिकारिक मंजूरी के ऐसे मॉडिफिकेशन कराए जाते हैं तो किसी भी हादसे की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम देने से साफ इनकार कर सकती हैं। इससे मालिक को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है।
इंजन और परफॉरमेंस की जानकारी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह मॉडल पुरानी ह्यूंदै ग्रैंड i10 पर आधारित है। अपने समय की इस लोकप्रिय कार में कंपनी मुख्य रूप से दो इंजन विकल्प देती थी। पहला 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन था, जो 83 bhp की पावर और 114 Nm का टॉर्क जनरेट करने में सक्षम था। वहीं, इसका दूसरा विकल्प 1.1-लीटर डीजल इंजन था, जो अपनी दमदार परफॉरमेंस और 190 Nm के बेहतरीन टॉर्क के लिए जाना जाता था।
गियरबॉक्स की बात करें तो दोनों ही इंजनों के साथ 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन स्टैंडर्ड मिलता था, हालांकि पेट्रोल वेरिएंट में ग्राहकों को 4-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प भी दिया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि हुंडई ने अब इस मॉडल को बंद कर दिया है। अगर आप आज के समय में इसे खरीदना चाहते हैं तो बाजार में इसका नया और पहले से कहीं ज्यादा प्रीमियम अवतार ह्यूंदै ग्रैंड i10 NIOS बिक्री के लिए उपलब्ध है।