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Road Accidents: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों को रोकने के लिए किस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया?

Thu, 06 Aug 2026 10:40 AM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 06 Aug 2026 10:40 AM IST
सार

देश में हर साल होने वाले सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों पर चिंता जताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चालकों को बेहतर और वैज्ञानिक प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।

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Nitin Gadkari Advocates Driver Training and Lane Discipline to Reduce Road Accident Fatalities
Road Accident Causes - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए चालकों को ट्रैफिक नियमों और लेन अनुशासन की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया है। संसद में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन सबसे मुख्य पहलू इंसानी व्यवहार है।

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इसी वजह से चालकों को लेन के नियमों और यातायात के कानूनों की वैज्ञानिक ट्रेनिंग देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ताकि दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़े पर लगाम लगाई जा सके। 

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Nitin Gadkari Advocates Driver Training and Lane Discipline to Reduce Road Accident Fatalities
Nitin Gadkari - फोटो : X/@nitin_gadkari

देश में होने वाले सड़क हादसों और मौतों के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों और केंद्रीय मंत्री के बयान के अनुसार, दुर्घटनाओं के पीछे इन प्रमुख कारणों को जिम्मेदार माना है:

  • मानव व्यवहार और ट्रेनिंग की कमी:
    ड्राइवरों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और सही ट्रेनिंग का अभाव होना हादसों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।

  • गलत लेन में गाड़ी चलाना और अचानक लेन बदलना:
    सड़कों पर गलत लेन में वाहन चलाना या बिना किसी संकेत के अचानक लेन बदल लेना घातक हादसों का कारण बनता है।

  • ओवर-स्पीडिंग और लापरवाही से ड्राइविंग:
    पिछले साल देश में हुए अधिकांश सड़क हादसों की मुख्य वजह निर्धारित सीमा से तेज रफ्तार (ओवरस्पीड) में गाड़ी चलाना और रैश ड्राइविंग रही है।

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सड़क हादसा - फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब

राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए हादसों और मौतों के आंकड़े क्या संकेत देते हैं?

राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों में कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार गिरावट दर्ज की गई है:

  • मौतों में 4% की कमी:
    राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की संख्या 2025 में 4 प्रतिशत घटकर 62,122 रह गई।

  • पिछले वर्षों से तुलना:
    राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं से होने वाली मौतें वर्ष 2023 में 63,112 और वर्ष 2024 में 64,772 दर्ज की गई थीं।

  • 2025 में हादसों का आंकड़ा:
    हालांकि मौतों में कमी आई है, लेकिन वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 1,43,526 सड़क हादसे दर्ज किए गए।

  • 2026 के ताजा आंकड़े:
    चालू वर्ष में 27 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसों की संख्या 77,234 दर्ज की गई है।

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साल 2025 में देशभर के सड़क हादसों की कुल स्थिति और भयावहता कैसी रही?

साल 2025 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों द्वारा दर्ज किए गए आंकड़े सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं:

  • हादसों में 5.30% की बढ़ोतरी:
    वर्ष 2025 में देश भर में कुल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 5.30 प्रतिशत बढ़कर 5,13,563 (5.13 लाख से अधिक) हो गई।

  • वार्षिक और प्रति घंटे मौतों का आंकड़ा:
    इन 5.13 लाख से अधिक हादसों के कारण पूरे देश में कुल 1,83,382 (लगभग 1.8 लाख) लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसका मतलब है कि देश में हर घंटे औसतन 21 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई।

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भीषण सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला

सड़क दुर्घटनाओं और मौतों के मामले में कौन-से राज्य सबसे आगे रहे?

वर्ष 2025 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों के मामले में दो राज्यों का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा:

  • तमिलनाडु (सबसे ज्यादा हादसे): राज्यों की सूची में तमिलनाडु 71,387 सड़क दुर्घटनाओं के साथ हादसों की संख्या के मामले में शीर्ष स्थान पर रहा।

  • उत्तर प्रदेश (सबसे ज्यादा मौतें): एक्सीडेंट से होने वाली मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 2025 में सड़क हादसों के कारण 27,550 लोगों की जान गई।

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