Sustainable Mobility: SIAM ने अपने पहले सस्टेनेबल मोबिलिटी वीक की शुरुआत की, देश-विदेश के एक्सपर्ट्स हुए शामिल
Sustainable Mobility Week: नई दिल्ली में SIAM के जरिए आयोजित सस्टेनेबल मोबिलिटी वीक में इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन, एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में सरकार, ऑटो उद्योग और विशेषज्ञों ने प्रदूषण कम करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और टिकाऊ परिवहन तकनीकों पर चर्चा की।
विस्तार
नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने अपने पहले सस्टेनेबल मोबिलिटी वीक (Sustainable Mobility Week) की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में सरकार के अधिकारी, ऑटो कंपनियों के प्रमुख, शोधकर्ता और विदेशों के विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान पर्यावरण को बचाने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और नई-टिकाऊ ऑटोमोबाइल तकनीकों पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में खास तौर पर भारत की प्रदूषण कम करने की रणनीति के चार मुख्य उपायों पर जोर दिया गया:
- पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग
- हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन
- इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी)
- अन्य वैकल्पिक ईंधन
इन सभी उपायों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और भारत को साफ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाना है।
सस्टेनेबल मोबिलिटी जोन रहा कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण
इस कार्यक्रम में सस्टेनेबल मोबिलिटी जोन लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना। यहां भविष्य की नई ऑटोमोबाइल तकनीकों और 11 आधुनिक वाहनों को दिखाया गया। इस प्रदर्शनी में कई तरह के नए और पर्यावरण-अनुकूल वाहन और तकनीकें शामिल थीं, जैसे:
- इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन
- हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन
- CNG और LNG से चलने वाले वाहन
- एथेनॉल से चलने वाले वाहन
- पुराने वाहनों को रीसाइकिल करने की तकनीक
- चार्जिंग और ईंधन से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मिशन डायरेक्टर अभय बाकरे और भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हाचिन्स्की दा नोब्रेका ने किया।
एथेनॉल ब्लेंडिंग में भारत की बड़ी सफलता
SIAM के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रशांत के बनर्जी ने बताया कि भारत ने कम समय में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सरकार, ऑटो उद्योग और अन्य संबंधित लोगों के मिलकर काम करने का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में बायोफ्यूल, हाइड्रोजन और गैस से चलने वाले वाहन भारत में प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सरकार और उद्योग ने वैकल्पिक ईंधन पर जोर दिया
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट, ईवी चार्जिंग नेटवर्क और LNG इंफ्रास्ट्रक्चर में अच्छी प्रगति हो रही है। वहीं ऑटो उद्योग के नेताओं ने कहा कि इन नई तकनीकों और ईंधनों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए मजबूत सरकारी नीतियां, वित्तीय मदद और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में प्रदूषण कम करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन, हाइड्रोजन, एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों का ज्यादा उपयोग करना जरूरी है।
अगले तीन दिनों में होंगे कई बड़े सम्मेलन
सस्टेनेबल मोबिलिटी वीक के दौरान अगले तीन दिनों में कई महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- सड़क सुरक्षा से जुड़ा SAFAR समिट
- सस्टेनेबल सर्कुलैरिटी (Sustainable Circularity) पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
- ऑटोमोबाइल सामग्री और टिकाऊ तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
इन कार्यक्रमों में सड़क सुरक्षा बढ़ाने, वाहनों में इस्तेमाल होने वाली टिकाऊ सामग्री, रीसाइक्लिंग और ऑटोमोबाइल उद्योग के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
स्वच्छ परिवहन की दिशा में भारत का बड़ा कदम
सस्टेनेबल मोबिलिटी वीक को भारत के स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए सरकार और ऑटो उद्योग मिलकर ऐसे नए समाधान तैयार कर रहे हैं जिससे प्रदूषण कम हो, ऊर्जा की बचत हो और पर्यावरण की रक्षा हो सके। विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल, हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य वैकल्पिक ईंधन भारत को साफ, सुरक्षित और बेहतर परिवहन सिस्टम की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।