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New Study: सिर्फ एक फोन नोटिफिकेशन आपके दिमाग को 7 सेकंड के लिए कर सकता है 'हैक', जानें क्या कहती है नई स्टडी

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Fri, 20 Mar 2026 02:39 PM IST
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सार

Phone Notifications Impact Focus Study: काम के बीच फोन का बजना सिर्फ ध्यान नहीं भटकाता, बल्कि यह आपके दिमाग को कुछ सेकंड्स के लिए 'हैक' कर लेता है। एक नई रिसर्च के अनुसार, फोन पर आने वाला एक नोटिफिकेशन भी आपके दिमाग के फोकस को लगभग 7 सेकंड तक बाधित कर सकता है। जानिए क्यों बार-बार फोन चेक करने की आदत कुल 'स्क्रीन टाइम' से ज्यादा खतरनाक है।

Study Finds Phone Notifications Disrupt Focus for 7 Seconds, Frequent Checking Worse Than Screen Time
फोन नोटिफिकेशन पर हुए रिसर्च में आए हैरान करने वाले नतीजे - फोटो : एआई
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विस्तार

हम सब के साथ अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी जरूरी काम में पूरी तरह से डूबे हैं, फोकस एकदम सेट है लेकिन तभी फोन पर नोटिफिकेशन आती है और सारा फ्लो टूट जाता है। इसके बाद दोबारा उसी फोकस के साथ काम पर लौटने में काफी वक्त लगता है। अब एक नई रिसर्च ने इस बात को साबित कर दिया है। रिसर्च के मुताबिक, सोशल मीडिया का सिर्फ एक नोटिफिकेशन आपके दिमाग के प्रोसेस को करीब 7 सेकंड के लिए रोक या भटका सकता है। आइए जानते हैं क्या कहती है ये नई रिसर्च?

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रिसर्च में क्या सामने आया?

ये रिसर्च 'कंप्यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियर' नाम के जर्नल के जून एडिशन में पब्लिश होने वाली है। इसमें यह गहराई से बताया गया है कि फोन के नोटिफिकेशन हमारे दिमाग की सीमित ऊर्जा और एकाग्रता को कैसे प्रभावित करते हैं। इस बात को साबित करने के लिए रिसर्चर्स ने 180 यूनिवर्सिटी छात्रों पर 'स्ट्रूप टास्क' नाम का एक टेस्ट किया। इसे खास तौर पर इंसान के ध्यान और फोकस को मापने के लिए डिजाइन किया गया है। जब इस टेस्ट के बीच में छात्रों के फोन पर अचानक नोटिफिकेशन भेजे गए तो डेटा से पता चला कि नोटिफिकेशन बजते ही उनके दिमाग के काम करने की रफ्तार कुछ पलों के लिए एकदम धीमी पड़ गई। दिलचस्प बात यह भी सामने आई कि अगर कोई नोटिफिकेशन यूजर के किसी निजी लक्ष्य या भावनाओं से जुड़ा हो (जैसे किसी खास इंसान का मैसेज) तो एकाग्रता और भी ज्यादा बुरी तरह से टूट जाती है।

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'स्क्रीन टाइम' से ज्यादा खतरनाक है बार-बार फोन चेक करना

आजकल 'स्क्रीन टाइम' (आप दिन भर में कितने घंटे फोन चलाते हैं) को कम करने पर बहुत जोर दिया जाता है। लेकिन इस नई स्टडी ने एक अलग ही सच्चाई सामने रखी है। कुल स्क्रीन टाइम से ज्यादा नुकसानदायक बार-बार फोन को अनलॉक करना और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो अगर आप एक बार फोन लेकर लगातार 1 घंटे तक कुछ काम करते हैं या वीडियो देखते हैं तो वह आपके फोकस को उतना नहीं तोड़ेगा। लेकिन अगर आप काम करते हुए हर 5-10 मिनट में फोन अनलॉक करके नोटिफिकेशन चेक करते हैं तो यह आपके ध्यान को टुकड़ों में बांट देता है।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

स्विट्जरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ लुसाने के रिसर्चर हिप्पोलाइट फर्नियर ने इस बारे में बताया, "हमने देखा कि दिन भर में आने वाले नोटिफिकेशन्स की गिनती और बार-बार फोन चेक करने की आदत का सीधा कनेक्शन फोकस बिगड़ने से है।" उनका कहना है कि स्मार्टफोन्स का यह 'टुकड़ों में इस्तेमाल' (फ्रेगमेंटेड यूज) ही असल वजह है कि हम डिजिटल दुनिया में अपना ध्यान एक जगह नहीं लगा पाते।


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